वेनेजुएला कैसे हुआ बर्बाद, कभी चौथे सबसे अमीर देश की तबाही के 7 सबसे बड़े कारण
Venezuela Crisis: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस समय चर्चा में है। अमेरिका ने इसके राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अगवा कर लिया है। दुनिया में सबसे बड़े तेल भंडार वाला वेनेजुएला आखिर कैसे बर्बादी की कगार तक पहुंचा। आइए जानते हैं।

1- सरकार का कुप्रबंधन
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार (303 अरब बैरल) है। लेकिन आज उसकी गिनती कंगाल देशों में होती है। हालात ये है कि वेनेजुएला में महंगाई चरम पर है। आर्थिक संकट से जूझ रहे इस देश में लोग अब रहना नहीं चाहते और यहां से पलायन कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां की सरकारों कुप्रबंधन भी है।
2- काम न करने की मानसिकता
1952 में वेनेजुएला दुनिया का चौथा सबसे अमीर देश था। वजह, जमीन के नीचे मिला तेल का सबसे बड़ा भंडार था। तेल की वजह से वेनेजुएला ने खूब पैसा कमाया। वहां की जनता को लगने लगा कि अब उन्हें कोई काम-धंधा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके पास तेल का बहुत बड़ा भंडार है।
3- हर एक चीज के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता
वेनेजुएला ने पूरा फोकस सिर्फ तेल निकालने और उससे पैसा कमाने पर किया। इसके चलते वहां के लोगों ने खेती-बाड़ी, उद्योग-धंधे और दूसरे कामकाजों को पूरी तरह बंद कर दिया। परिणाम ये हुआ कि वेनेजुएला तेल के अलावा बाकी सभी चीजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर होता गया। धीरे-धीरे वो तेल बेचकर दूसरे देशों से अपनी जरूरत का सामान खरीदने लगा।
4- मुफ्त की योजनाएं
साल 2000 के बाद वेनेजुएला की सरकार ने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में पैसा लगाने की जगह फ्री की योजनाओं में जमकर पैसा बांटा। बाद में जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई तो सरकार के पास लोगों का वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे।
5- अपनों को रेवड़ियां बांटना
बाद में वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA से योग्य कर्मचारियों को हटाकर नेताओं ने उनकी जगह अपने खास लोगों को नौकरी पर रखा। नतीजा ये हुआ कि इससे ऑयल प्रोडक्शन की टेक्नीक डेवलप नहीं हो पाई। साथ ही पढ़े-लिखे लोगों ने देश से पलायन शुरू कर दिया।
6- तेजी से गिरता गया तेल उत्पादन
90 के दशक तक वेनेजुएला में रोजाना 35 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता था, लेकिन अब ये गिरकर 8 से 10 लाख बैरल रह गया है। मेंटेनेंस की कमी से जूझ रही सरकारी तेल कंपनी की हालत खस्ता है। यहां तक कि दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश को पेट्रोल खुद विदेशों से खरीदना पड़ रहा है।
7- चरम सीमा पर पहुंची महंगाई
वेनेजुएला में मंहगाई चरम सीमा पर है। 2012 में वहां की जीडीपी 372.59 अरब डॉलर पर थी, जो अब मात्र 100 अरब डॉलर के आसपास रह गई है। 2020 में तो यह महज 43.79 बिलियन डॉलर रह गई थी।
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