तेजस्वी यादव ने अपने फेसबुक पेज पर 17 सवाल लिखने के बाद उसका लिंक ट्टिटर पर शेयर किया था। साथ ही लिखा था कि सरकार अपना चेहरा नहीं छुपाये, राज्य के सात करोड़ युवाओं के सीने में धधक रहे इन ज्वलंत सवालों का जवाब दें। उम्मीद जताई है कि सरकार करोड़ों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से संबंधित इन सवालों का जवाब जरूर देगी।  

पटना (Bihar) । बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी (Sushil Modi) ने कहा कि तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) बेरोजगारी, आईटी पार्क, कल-कारखाने आदि पर जो भी सवाल एनडीए (NDA) सरकार से पूछ रहे हैं, वे तो सवाल उन्हें अपने माता-पिता से पूछने चाहिए, जिनके कारण बिहार खोखला हो चुका था। क्योंकि जननायक कर्पूरी ठाकुर (Jananayak Karpoori Thakur) दो बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद अपना मकान नहीं बनवा सके, क्योंकि उन्हें बिहार की चिंता थी। लालू प्रसाद यादव ( Lalu Prasad Yadav) मुख्यमंत्री बनने के बाद हर काम के लिए जमीन लिखवाने लगे। तेजस्वी यादव को पूछना चाहिए कि पार्टी और परिवार ने कर्पूरी जी के आदर्श क्यों नहीं अपनाए? बता दें कि एक दिन पहले तेजस्वी यादव ने 17 सवाल सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी से अपने फेसबुक और ट्टीट के माध्यम से पूछा था। 

ट्टीट में लिखी थी इस तरह की बातें
तेजस्वी यादव ने अपने फेसबुक पेज पर 17 सवाल लिखने के बाद उसका लिंक ट्टिटर पर शेयर किया था। साथ ही लिखा था कि सरकार अपना चेहरा नहीं छुपाये, राज्य के सात करोड़ युवाओं के सीने में धधक रहे इन ज्वलंत सवालों का जवाब दें। उम्मीद जताई है कि सरकार करोड़ों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से संबंधित इन सवालों का जवाब जरूर देगी। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

Scroll to load tweet…

ये थे तेजस्वी के सभी 17 सवाल
1. देश में सबसे अधिक बेरोज़गारी बिहार में क्यों है? 15 वर्षों की एनडीए सरकार बताए कि बिहार में IT कंपनियाँ क्यों नहीं बुलाई गयी? क्यों नहीं आयी और क्यों नहीं आ सकती ? बिहार में आईटी पार्क और SEZs क्यों नहीं बन सकते?

2. बिहार में केला, मकई, मखाना, चावल, गन्ना, आलू, लीची, आम इत्यादि अनेकों विश्व प्रसिद्ध अनाज, फल, सब्ज़ियों का इतना उत्पादन होता है तो फिर इन सभी से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग 15 वर्षों में क्यों नहीं लगाए गए और क्यों नहीं लग सकते ? 15 वर्षों की सरकार जवाब दें? 

3. बिहार दूसरे प्रदेशों जैसे आंध्र प्रदेश से मछली खरीदता है ? 15 वर्षों की सरकार बताए कि हम बिहार तमाम मछली उत्पादन संबंधित संसाधन होने के बावजूद यहाँ ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं कर सकते? बिहार में मछली उत्पादन को बढ़ावा देकर, यहां जिलावार मछली बाजार लगाकर मछुआरों की आमदनी और उत्पादन क्यों नहीं बढ़ा सकते?

4. 15 वर्षों की नीतीश सरकार बताए, बिहार में इंडस्ट्री स्पेसिफिक क्लस्टर क्यों नहीं लगाए जा सकते?

5. 15 वर्षों की सरकार बताए, बिहार में डेयरी प्रॉडक्ट्स यानि दुग्ध उत्पादन संबंधित बड़े उद्योग क्यों नहीं लगाए जा सकते? बिहार का दूध, घी, मक्खन, चीज, पनीर, खोया इत्यादि दूसरे प्रदेशों और देशों में क्यों नहीं भेजा जा सकता? 

6. 15 वर्षों की सरकार बताए, उन्होंने बुनकर उद्योग, लघु उद्योग और हथकरघा उद्योग के लिए क्या किया? बड़े पैमाने पर इन उद्योग़ो को बढ़ावा क्यों नहीं दिया जा रहा?

7. बिहार में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। 15 वर्षों की सरकार बताए उन्होंने बिहार को अबतक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित क्यों नहीं किया?

8. सरकार विभिन्न विभागों में लंबित साढ़े चार लाख से अधिक रिक्तियों पर नियुक्तियाँ क्यों नहीं करती?

9. 15 वर्षों की सरकार नियुक्ति, भर्ती परीक्षा और प्रक्रिया को पारदर्शी तथा नियमित क्यों नहीं करती? 

10. सरकार बिहार के स्थायी निवासियों के लिए 90 फीसदी नौकरी आरक्षित करने का प्रावधान करने वाली हमारी डोमिसाइल नीति की माँग स्वीकार क्यों नहीं करती?

11- 15 वर्षों की सरकार बताए कि आपने 15 वर्षों में बिहार में कुल कितनी नौकरियां प्रदान की?‬‬‬

12. 15 वर्षों में हुई कुल नियुक्तियों का जिलावार और वर्गवार आंकड़ा प्रस्तुत करें?‬

13. 15 वर्षों में बिहार से कुल कितना पलायन हुआ? बिहार में अप्रत्याशित दर से पलायन क्यों बढ़ रहा है?

14. 15 वर्षों में बिहार में कुल कितने उद्योग-धंधे और कल-कारखाने लगे?

15. 15 वर्षों में पहले से चालू कितनी चीनी मिल, जूट मिल, पेपर मिल एवं दूसरे उद्योग और कारख़ाने बंद हुए और उससे बिहार को कुल कितने राजस्व व रोज़गार के अवसरों की हानि हुई?

16. 15 वर्षों में बिहार का कुल कितने लाख करोड़ शिक्षा और चिकित्सा के नाम पर दूसरे प्रदेशों में गया?

17. बिहार के मानव संसाधन का कुल कितने प्रतिशत बिहार में और दूसरे प्रदेशों में कार्यरत हैं ?

अंत में तेजस्वी ने लिखी थीं ये बातें
तेजस्वी यादव ने सभी सवालों के बाद अपनी एक फोटो लगाई थी। साथ ही यह भी लिखा था कि आशा है बिहार के करोड़ों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से संबंधित इन अतिआवश्यक सवालों का जवाब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अवश्य देंगे।