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तेजस्वी को 4% ज्यादा वोट मिले, लेकिन 5 सीटों का घाटा हुआ, BJP को 5% वोट का घाटा, लेकिन 21 सीटों का फायदा

तेजस्वी की हार के बाद भी उनका वोट प्रतिशत सबसे ज्यादा है। बिहार में उन्हें 23.1% वोट मिले हैं। दूसरे नंबर पर 19.5% वोट प्रतिशत के साथ BJP है। तीसरे नंबर पर 15.4% वोट प्रतिशत के साथ नीतीश की पार्टी JDU है। ऐसे में बताते हैं कि साल 2015 के बिहार विधानसभा की तुलना में इस बार किस पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा या घटा है और उसका सीटों पर क्या असर दिखा?

RJD gained 5% votes in Bihar assembly elections compared to 2015 assembly elections kpn
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Patna, First Published Nov 11, 2020, 8:03 AM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के नतीजों में NDA की सरकार बन गई है। JDU से ज्यादा BJP की सीट आई है। यानी बिहार में BJP आत्मनिर्भर बनते हुए बड़े भाई में भूमिका में है। तेजस्वी की हार के बाद भी उनका वोट प्रतिशत सबसे ज्यादा है। बिहार में उन्हें 23.1% वोट मिले हैं। दूसरे नंबर पर 19.5% वोट प्रतिशत के साथ BJP है। तीसरे नंबर पर 15.4% वोट प्रतिशत के साथ नीतीश की पार्टी JDU है। ऐसे में बताते हैं कि साल 2015 के बिहार विधानसभा की तुलना में इस बार किस पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा या घटा है और उसका सीटों पर क्या असर दिखा? 

तेजस्वी को 4% वोट का फायदा, 5 सीट का घाटा

सबसे पहले RJD की बात करते हैं। साल 2015 में RJD ने 18.8% वोट लेकर 80 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार 4.3% वोट ज्यादा मिले हैं। इस बार RJD को 23.1 प्रतिशत वोट मिले हैं। लेकिन सीटों की संख्या 80 से घटकर 75 पर पहुंच गई। यानी करीब 4% वोट बढ़ने के बाद भी 5 सीट का घाटा हुआ। 

BJP को 5% वोट का घाटा, 21 सीटो का फायदा

अब BJP की बात करते हैं। साल 2015 में BJP को 25% वोट मिला था। यह साल 2015 में सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत था। लेकिन तब BJP 53 सीट ही जीत सकी थी। इस बार वोट प्रतिशत कम हुआ है। BJP को 19.5% ही वोट मिले हैं, लेकिन सीटों की संख्या 53 से बढ़कर 74 हो गई है। यानी 5.5% वोट का घाटा, लेकिन सीधे 21 सीटों का फायदा हुआ है।

नीतीश को 2% वोट का घाटा, 28 सीटों का घाटा

नीतीश की पार्टी JDU को साल 2015 में 17.3 प्रतिशत वोट मिले थे और 71 सीटों पर जीत हुई थी। लेकिन इस बार नीतीश को घाटा हुआ है। JDU का वोट प्रतिशत 17.3 से घटकर 15.4% पर पहुंच गया। यानी 1.9% वोटों का घाटा हुआ है, और सीटों की संख्या 71 से घटकर 43 हो गई है। यानी यहां भी 28 सीटों का घाटा हुआ है।

कांग्रेस को 2.7% वोट का फायदा, 8 सीट का घाटा

बिहार चुनाव में कांग्रेस को साल 2015 में 6.8% वोट मिले थे। 27 सीटों पर जीत हुई थी। लेकिन इस बात कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़कर 9.5% पहुंच गया है, लेकिन सीटों की संख्या घटकर 27 से 19 हो गई है। 

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