सतीश प्रसाद सिंह भी कटलेज के स्टूडेंट थे। पढ़ाई के बाद राजनीति में आए पूर्व सीएम पहली बार परबत्ता विधान सभा से विधायक बने थे। उसके बाद विधानसभा का चुनाव कभी नहीं जीते। उनकी पुत्री सुचित्रा सिंहा समाजवादी नेता स्व जगदेव प्रसाद की पुत्रवधु और पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि की पत्नी रही हैं। 

पटना (Bihar ) । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह (Satish Prasad Singh)का आज निधन हो गया। वे कोरोना से संक्रमित थे। जिनका उपचार दिल्ली के एम्स में चल रहा था। बता दें कि सतीश प्रसाद सिंह के ही नाम बिहार के सबसे काम समय के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। वे साल 1968 में मात्र पांच दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

एक बार बने थे विधायक
1 जनवरी 1931 को मुंगेर में सतीश प्रसाद सिंह जन्म हुआ था। वो टीएनबी कॉलेज से पढ़ाई किए थे। पढ़ाई के बाद राजनीति में आए पूर्व सीएम पहली बार परबत्ता विधान सभा से विधायक बने थे। उसके बाद विधानसभा का चुनाव कभी नहीं जीते। उनकी पुत्री सुचित्रा सिंहा समाजवादी नेता स्व जगदेव प्रसाद की पुत्रवधु और पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि की पत्नी रही हैं।

ऐसे बने थे सीएम
साल 1967 में हुए चौथे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी। इसके कारण बिहार में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। तब जनक्रांति दल में रहे महामाया प्रसाद सिन्हा को पहला गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन 330 दिनों तक सत्ता संभालने के बाद उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके बाद सतीश प्रसाद सिंह मुख्यमंत्री बनाए गए। मगर, वह भी पांच दिन में हटा दिए गए। बाद में बीपी मंडल को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई मगर वे भी महज 31 दिन ही सीएम की कुर्सी संभाल सके।