लॉकडाउन की वजह से परेशानी से में घिरे बिहार के शिक्षित युवाओं के लिए सरकार ने नौकरी का पिटारा खोला है। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राज्य में शिक्षकों की बहाली को हरी झंडी दे दी गई है।  

पटना। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और इससे बचाव के लिए जारी लॉकडाउन में लाखों लोगों की नौकरी छिन गई है। रोजी-रोटी छिन जाने के कारण ऐसी स्थिति में कई युवा डिप्रेशन में है। बिहार के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए राज्य सरकार बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग में राज्य में शिक्षक के 33916 और कंप्यूटर शिक्षक के 1000 पद पर बहाली निकाले जाने की मंजूरी दे दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद इसकी नियुक्ति प्रक्रिया की अधिसूचना जारी की जाएगी।

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नए खोले जाने वाले 2950 स्कूलों में होगी बहाली
बिहार कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। शिक्षकों की ये बहाली उच्च माध्यमिक विद्यालयविहीन पंचायतों में खोले जा रहे ऐसे 2950 नए स्कूलों में की जाएगी। यह बहाली पहले से हो रही शिक्षकों की नियुक्ति के अतिरिक्त होगी। अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने बताया कि उच्च माध्यमिक विद्यालयविहीन पंचायतों के लिए 32 हजार 916 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पर नियोजन इकाइयों के माध्यम से बहाली करने की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा उच्च माध्यमिक स्तर पर 1000 कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली की जाएगी।

ये होगी बहाली के लिए योग्यता
शिक्षकों की बहाली के लिए बीएड के साथ-साथ संबंधित विषय में एसटीईटी उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। इसके साथ ही कंप्यूटर शिक्षक के उम्मीदवारों का पीजी डिप्लोमा या एमसीए सहित कंप्यूटर से जुड़ी शैक्षणिक योग्यता के साथ एसटीईटी उत्तीर्ण होना चाहिए। कंप्यूटर शिक्षक पद पर बहाली के लिए बीएड की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। बता दें कि कोरोना का प्रकोप आने से पहले राज्य सरकार ने सभी जिलों में सर्वे कर ऐसे पंचायतों की सूची तैयार की थी, जहां अभी भी उच्च माध्यमिक स्कूल नहीं है। सर्वे के बाद राज्य में ऐसे 2950 पंचायतों की पहचान की गई थी।