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कार्रवाईः पटना को डुबाने वाले 27 अधिकारियों पर एक्शन, 20 हुए सस्पेंड, सात इंजीनियर की गई नौकरी

बीते वर्ष हुई बारिश में पटना के डुबने के मामले में बिहार सरकार ने अब बड़ी कार्रवाई की है। बारिश पूर्व की तैयारी करने में कोताही के आरोप में 27 अफसरों पर गाज गिरी है। 
 

bihar government took action against officers for water logging in patna pra
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Patna, First Published Feb 11, 2020, 1:22 PM IST
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पटना। बीते वर्ष हुई बारिश में पटना का हाल बुरा हो गया था। कई दिनों तक पटना की सड़कों पर भारी जलजमाव था। कार, मोटरसाइकिल के बदले पटना की सड़कों पर नाव चल रही थी। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तक को अपना घर छोड़कर सुरक्षित ठिकाने पर शरण लेनी पड़ी थी। अब बारिश की पानी में पटना को डुबाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। एक आईएएस, एक आईआरएस, 3 डिप्टी कलेक्टर, नगर सेवा के एक अधिकारी, 14 इंजीनियरों समेत कुल 20 अधिकारियों पर गाज गिरी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने संबंधित विभागों से इन सभी को सस्पेंड करके हुए विभागीय कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। वहीं संविदा पर बहाल 7 इंजीनियरों की सेवा समाप्त करने का निर्णय किया गया है। 

आवास विभाग के सचिव ने दी जानकारी
बिहार सरकार की इस कार्रवाई की जानकारी नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने दी।  उन्होंने कहा कि आईआरएस एवं पटना नगर निगम के पूर्व आयुक्त अनुपम कुमार सुमन केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। फिलहाल उनके वीआरएस का मामला भी विचाराधीन है। ऐसे में प्रदेश का सामान्य प्रशासन विभाग केन्द्र से उनपर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करेगा। आईएएस और बुडको के पूर्व एमडी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह को सस्पेंड और विभागीय कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से अनुशंसा की गई हैं।

बारिश से पहले की तैयारी में लापरवाही के दोषी 
बिहार प्रशासनिक सेवा के तीन डिप्टी कलेक्टर कंकड़बाग अंचल की पूर्व कार्यपालक अधिकारी पूनम कुमारी, बांकीपुर अंचल के कार्यपालक अधिकारी वीरेन्द्र कुमार तरुण और नूतन राजधानी अंचल के शैलेश कुमार को सस्पेंड करने की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग से की गई है। नगर सेवा के अधिकारी और पाटलिपुत्र अंचल के कार्यपालक अधिकारी मनीष कुमार को विभाग ने सस्पेंड करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। इन सभी अधिकारियों को उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने दोषी पाया है। सभी पर नाले की सफाई नहीं करने, सम्प हाउसों की मरम्मत और रखरखाव में अनदेखी और कर्तव्य में लापरवाही बरतने का आरोप है। 

कार्यपालक अभियंता समेत इन अधिकारियों पर गिरी गाज
बुडको के तत्कालीन चीफ इंजीनियर और अभी पथ निर्माण विभाग में तैनात भवानी नंदन के साथ ही पथ निर्माण विभाग से नगर विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आये बुडको के अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश सिंह और सूर्यकांत, कार्यपालक अभियंता संजीव चौधरी और योगेन्द्र कुमार को सस्पेंड करने की अनुशंसा की गई है। वहीं पीएचईडी से नगर विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आये बुडको के अधीक्षण अभियंता रामचंद्र प्रसाद, कार्यपालक अभियंता सुदर्शन प्रसाद सिंह, दयाशंकर प्रसाद, संतोष कुमार, कनीय अभियंता अनिल कुमार महतो, विजय कुमार सिंह, राम कुमार और सतीश कुमार को भी सस्पेंड करने की अनुशंसा की गई है। रिटायर सहायक अभियंता मुरलीधर प्रसाद पर विभागीय कार्रवाई होगी। नगर विकास विभाग में संविदा पर बहाल चीफ इंजीनियर मदनमोहन कुमार, अधीक्षण अभियंता देवेन्द्र प्रसाद, कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार, संदीप कुमार, अजय कुमार, सुशील कुमार और राहुल कुमार को बर्खास्त करने का निर्णय किया गया है।

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