500 में 463 अंक प्राप्त कर रोहिणी स्टेट टॉपर बनी थी। रोहिणी की कामयाबी से न केवल परिजन बल्कि पूरे जिलेवाली खुश थे। इस सफलता के बाद रोहिणी दिल्ली में आईएस की तैयारी करने गई थी। लेकिन उसके दर्दनाक मौत से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।  

पश्चिमी चंपारण। बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2019 में 500 में से 463 अंक लाकर स्टेट टॉपर बनने वाली पश्चिमी चंपारण की रोहिणी रानी की मौत से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। पोती की कामयाबी पर लोगों में मिठाई बांटने वाले वृद्ध दादा मुंशी सिंह की हालत खराब हो गई है। आंगनबाड़ी सेविका मां सरोज देवी और एलआईसी एजेंट पिता प्रदीप सिंह का रो-रो कर हाल बुरा है। आस-पास के लोगों की आंखे भी नम है। रोहिणी के गांव की माधुरी ने बताया कि रोहिणी सबकी मदद करती थी। गांव की लड़कियां उसे अपना आदर्श मानती थी। आठ महीने पहले जिस रोहिणी की सफलता पर पूरा मोहल्ला गौरवान्वित था आज उसके असामयिक निधन पर गमगीन है। 

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दिल्ली में फुआ के घर कर करती थी पढ़ाई
बता दें कि इंटर 2019 की परीक्षा में आर्ट्स में रोहिणी बिहार टॉपर थी। उसने 500 में 463 अंक प्राप्त किए थे। जिसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए परिजनों ने उसे दिल्ली भेज दिया था। वो दिल्ली में अपने फुआ के घर पर रहकर पढ़ाई करती थी। प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में उसका एडमिशन हुआ था। साहित्यप्रेमी रोहिणी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ-साथ आईएस की तैयारी भी कर रही थी। बुधवार को उसकी मौत एक रेल दुर्घटना में हो गई। जिसके बाद परिजन सहित उसके सभी साथी गमजदा है। 

कोहरे के कारण ट्रेन के चपेट में आने से हुई मौत
बताया जाता है कि 8 जनवरी को जब रोहिणी दिल्ली में एक रेलवे फाटक को क्रॉस कर रही थी, तभी कोहरे के कारण ट्रेन के चपेट में आ गई। वो एक ट्रैक पार कर चुकी थी। लेकिन दूसरे ट्रैक से आ रही ट्रेन उसके लिए काल बनकर आई। अधिक कोहरा के कारण रोहिणी ट्रेन को नहीं देख सकी और उसकी चपेट में आने से रोहिणी की मौत हो गई। रोहिणी ने संत टेरेसा बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से इंटर की पढ़ाई पूरी की थी। स्टेट टॉपर बनकर रोहिणी ने इस स्कूल का नाम भी बढ़ाया था। आज भी इस स्कूल के प्रिसिंपल के कक्ष में रोहिणी की तस्वीर रखी गई है।