बिहार में कोरोना का पहला मामला मुंगेर के एक युवक में आया था। कतर से लौटे उस युवक की मौत के बाद उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। अब उसके परिवार की एक महिला के साथ-साथ उसके पड़ोस के एक बच्चे में भी कोरोना का लक्षण मिला है। 

मुंगेर। बिहार में कोरोना का पहला मामला 22 मार्च को सामने आया था। 21 मार्च को पटना एम्स में इलाज के दौरान मुंगेर के एक युवक की मौत हुई थी। मौत के 22 घंटे बाद उसकी जांच रिपोर्ट आई, जिसमें बताया गया कि वो कोरोना से ग्रसित था। अब इसके परिवार की एक और महिला कोरोना पॉजिटिव मिली है। साथ ही उसके पड़ोस के एक बच्चे की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिला है। बता दें कि मुंगेर का उक्त शख्स 13 मार्च को कतर से लौटा था। उसकी दोनों किडनी पहले से खराब थी। मुंगेर में तबियत बिगड़ने के बाद स्थानीय इलाज के बाद उसे पटना एम्स में एडमिट किया गया था। 

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संपर्क में आए 62 लोग किए गए थे चिह्नित
युवक की मौत के बाद उसके संपर्क में आए 62 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित किया था। जिसका सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजा गया था। बुधवार की देर शाम जांच रिपोर्ट आने के बाद आरएमआरआई के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने इसकी पुष्टि की। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद आज कोरोना के दोनों मरीजों को भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के भेज दिया गया था। इसके अलावा कोरोना से जान गंवाने युवक के परिजन को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है।

बिहार में कोरोना के छह मरीज 
इन दो नए मामलों के साथ बिहार में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अलग-अलग जगह पर इलाज के लिए रखा गया है। इसके अलावा बाहर से राज्य में लौटने वाले मरीजों पर खास नजर रखी जा रही है। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए राज्य में 22 मार्च से लॉकडाउन है। जिसका पुलिस सख्ती से पालन करवा रही है। इस बीच अलग-अलग जिलों में रोजमर्रा के सामानों की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। जिसके लिए सरकार ने सभी एमओ को जांच कर सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।