भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अबतक कोरोना के पॉजीटिव 528 मरीजों की पहचान हो चुकी है। जबकि 10 लोगों की मौत इस महामारी से हो चुकी है। लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए बिहार में भी सख्ती बरती जा रही है। 

लखीसराय। कोरोना वायरस के कहर से एक तरफ पूरा देश जूझ रहा है। वही दूसरी ओर शहर से गांव की ओर आने वाले लोगों की संख्या में धीरे-धीरे तेजी आ रही है। मंगलवार को शहर के मेदनी चौकी थाना क्षेत्र के एक गांव में पंजाब के जालंधर से आए मरीजों में कोरोना से संक्रमित के लक्षण होने पर गांव के लोगों ने पुलिस एवं सूर्यगढ़ा मेडिकल टीम को सूचना दी। जिसके बाद मेदनीचौकी थानाध्यक्ष ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त व्यक्ति के घर पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को देखते ही एक युवक भागने लगा जिसे पुलिस ने खदेड़कर पकड़ा तथा उनके सभी परिवार की जांच पीएचसी के चिकित्सक डॉ. रहमतुल्लाह आलम ने घर पर पहुंच कर किया।

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एक ही परिवार के 6 लोगों को अस्पताल भेजा
जांच के बाद संदिग्ध पाये जाने पर एक ही परिवार के 6 लोगों को लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया। वहीं दूसरी ओर मेदनीचौकी अमरपुर गांव के एक युवक को भी कोरोना के संदिग्ध होने की सूचना पर पकड़ा गया जिसे जांच के क्रम में संदिग्ध नहीं पाये जाने पर उन्हें 14 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गयी है। इसके अलावे स्थानीय पुरानी बाजार में भी एक संदिग्ध होने की आशंका जतायी गयी है। इधर मानुचक गांव में दो संदिग्ध की होने की आशंका जतायी गयी है। 

मुंगेर में कोरोना से मरने वाले के रिश्तेदार भी भयभीत
सभी संदिग्ध दूसरे प्रांत से गांव पलायन करने की हुई है। वहीं मुंगेर में कोरोना के चपेट में आने से हुई मौत के बाद कटेहर गांव में उनके रिस्तेदार भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका पर पूरे गांव में दहशत का महौल बना रहा। सोमवार की देर रात सदर अस्पताल से लौटे सभी संदिग्धों को घर में ही रहने की सलाह दी है। इधर गांव के लोगों के द्वारा इन सभी लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बता दें कि कोरोना के खौफ के बाद दूसरे राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग बिहार वापस आ रहे हैं।