रिक्शा चालक रामदेव की मुर्दा बनने की तस्वीर अब वायरल हो रही है। दरअसल स्थानीय लोगों को जब इस बारें में पता चला तो वे भी भौंचक्के हो गए। लेकिन, इनमें से कुछ युवाओं ने वीडियो और फोटो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उनका कहना है कि हो सकता है सरकार इसी को देखने के बाद कुछ मदद कर दें, जिससे रामदेव जैसे लोगों को राहत मिल जाए। 

पटना (Bihar) । बिहार में लॉकडाउन और बाढ़ के बीच एक बहुत ही दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। जी हां, कोरोना काल में जब भूख मिटाने के लिए कोई रास्ता न मिला तो एक रिक्शा चालक खुद कफन ओढ़कर मुर्दा बन गया। इतना ही नहीं शरीर पर फूलों की माला भी पहन लिया। इसके चलते राह चलने वाले गरीब की अर्थी समझकर कुछ पैसे दान स्वरूप रखकर चले जाते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इसलिए किया ऐसा
बिहार में फिरसे किए गए लॉकडाउन में रिक्शा तक नहीं चल पा रहा है। सवारी न मिलने से रिक्शा चालकों के सामने संकट आ गया है। वहीं, भूखमरी की स्थिति आने पर बिहटा निवासी रिक्शा चालक रामदेव को आरा में भूख मिटाने को नई तरकीब अपनानी पड़ रही है। उसने शरीर पर कफन ओढ़ कर माला रखी और अगरबत्ती जलाई। फिर डिस टैंक रोड के किनारे लेट गया, जो भी राहगीर आते- जाते थे, उस पर रूप में पैसे रख देते थे। इस तरह उसे कुछ पैसे मिल गए। 

रिक्शा चालक ने कही ये बातें
रिक्शा चालक रामदेव का कहना है कि पहले लॉक डाउन में कुछ वितरण में मदद भी मिली। लेकिन, अब तो मदद भी नहीं मिल रही। लिहाजा मजबूरी में जिंदा रहते हुए भी मुर्दा बनना पड़ रहा है।

वायरल हो रही तस्वीर
रिक्शा चालक रामदेव की मुर्दा बनने की तस्वीर अब वायरल हो रही है। दरअसल स्थानीय लोगों को जब इस बारें में पता चला तो वे भी भौंचक्के हो गए। लेकिन, इनमें से कुछ युवाओं ने वीडियो और फोटो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उनका कहना है कि हो सकता है सरकार इसी को देखने के बाद कुछ मदद कर दें, जिससे रामदेव जैसे लोगों को राहत मिल जाए।