नागरिकता कानून को लेकर पिछले दो महीने से देशभर में विरोध हो रहा है। वहीं, बॉलीवुड में भी कई स्टार्स इस कानून का विरोध कर रहे हैं तो कई इसके पक्ष में अपनी राय रख रहे हैं। 

मुंबई. नागरिकता कानून को लेकर पिछले दो महीने से देशभर में विरोध हो रहा है। वहीं, बॉलीवुड में भी कई स्टार्स इस कानून का विरोध कर रहे हैं तो कई इसके पक्ष में अपनी राय रख रहे हैं। वहीं, दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए को लेकर विरोध जारी है। ऐसे में कांग्रेस की पूर्व नेता उर्मिला मातोंडकर ने भी इस कानून की तुलाना अंग्रेजों के रोलेट एक्ट से कर दी और कहा कि ये अंग्रेजों के काले कानून जैसा है। 

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महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर एक्ट्रेस ने कही ये बात 

उर्मिला मातोंडकर ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बात करते हुए कहा कि जिस इंसान ने गांधीजी पर गोली चलाई थी। वो इंसान कौन था, क्या वो मुसलमान था, क्या वो सिख या ईसाई था? वो इंसान एक हिंदू था। एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'अब मैं इससे आगे क्या कहूं। क्योंकि ये बात हम सबके लिए इतनी भयानक है, इस बात को हर दिन सुबह उठकर दिमाग में रखना इतना भयानक है कि इस बात में कई चीज़ें शामिल हैं।' 

उर्मिला मातोंडकर ने आगे कहा कि साल 1919 में दूसरा विश्वयुद्ध खत्म होने के बाद ब्रिटिशर्स को पता था कि हिंदुस्तान में असंतोष फैल रहा है और ये असंतोष बाहर आने वाला है इसलिए वो एक कानून लेकर आए थे, उस कानून का नाम बहुत बड़ा था लेकिन उसे रोलेट एक्ट के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि वो कानून रोलेट के डेलिगेशन द्वारा लाया गया था। उर्मिला कहती हैं कि उस कानून के मुताबिक किसी भी शख्स को देश विरोधी गतिविधियां करने पर बिना किसी पूछताछ और सबूत के जेल में डालने की अनुमति सरकार को थी। 

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एक्ट्रेस ने काले कानून से की सीएए की तुलना 

उर्मिला मातोंडकर आगे कहती हैं कि रोलेट एक्ट काफी खतरनाक था। वो 1919 का कानून और आज 2019 का सीएए कानून है। ये दोनों कानून इतिहास में काले कानून के नाम से दर्ज होंगे। आज जिस तरह लोग रास्ते पर उतर रहे हैं और उस वक्त जिस तरह से लोग रास्ते पर उतरे थे उन्होंने वो वक्त देखा तो नहीं लेकिन जिस तरह से पढ़ा है ये उसकी याद दिलाते हैं। ये कानून गरीबों के खिलाफ है और वो गरीब कोई भी गरीब शख्स हो सकता है। ऐसा एहसास दिलाया जाता है कि ये कानून मुसलमानों के खिलाफ है, लेकिन उसके अलावा आज कहीं न कहीं 15 प्रतिशत मुसलमानों का डर 85 प्रतिशत हिंदुओं को बताकर उनपर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।