एजुकेशन तकनीकी कंपनी बायजू (byju's) इन दिनों क्राइसिस के दौर से गुजर रही है। फिलहाल कंपनी इनवेस्टर्स के एक ग्रुप ने बायजू के सीईओ को ही कंपनी से हटाने के लिए बैठक कर मीटिंग की है। जानें क्या है मामला… 

बिजनेस डेस्क। शिक्षा तकनीक के क्षेत्र काफी कम समय में बायजू (byju's) में अपना नाम बना लिया है। शिक्षा तकनीकी कंपनी में काफी संख्या में लाखों की संख्या में लोग जुड़े और घर बैठे इसका लाभ भी लिया। कोरोना काल में लॉकडाउन के समय बायजू के कारोबार ने ऊंची उड़ान भरी और खुद को मजबूती के साथ स्थापित कर लिया। लेकिन समय बदला और बायजू कंपनी फिलहाल क्राइसिस में चल रही है। ऐसे में बायजू के फाउंडर के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है। 

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कंपनी में पैसे लगाने वाले इनवेस्टर्स नुकसान के कारण बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन औऱ उनके परिवार के सदस्यों को ही हटाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में बायजू रवींद्रन के सामने संकट खड़ा हो गया है। खास बात ये है कि बायजू के इनवेस्टर्स ग्रुप के सदस्यों ने एक मीटिंग की है जिसमें बायजू के फाउंडर को ही हटाने की मांग की है। 

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बायजू फाउंडर को लॉस का कारण मान रहे इवेस्टर्स
बायजू के इनवेस्टर्स सदस्य कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्यों से नाराज हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक इनवेस्टर्स कंपनी के फाउंडर रवींद्रन और उनके परिवार को मिस मैनेजमेंट और लॉस का जिम्मेदार ठहरा रही है।

शेयरहोल्डर्स के पास अधिक फाउंडर से अधिक शेयर्स
बायजू फाउंडर और पारिवारिक सदस्यों को कंपनी से हटाने की मांग कर रहे शेयर धारकों के पास सामूहिक रूप से अधिक शेयर हैं। इनके सभी इनवेस्टर्स की हिस्सेदारी 30 फीसदी है जबकि बायजू फाउंडर और परिवार के सदस्यों की कुल हिस्सेदारी 26 प्रतिशत ही है। शेयर होल्डर्स की ओर से बुलाई गई बैठक में थिंक एंड लर्न नाम से चलने वाले बायजू ब्रांड नेम को बाहर करने की अपील की है।

कंपनी के बोर्ड मेंमबर्स में रवीन्द्रन, उनकी पत्नी और कोफाउंडर दिव्या गोकुलनाथ और उनके भाई रिजु रवींद्रन भी शामिल हैं। इन सभी को हटाने की मांग को लेकर इनवेस्टर्स ने मीटिंग की है।