अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना चाहते है, तो आपके लिए खुशखबरी है। दरअसल प्राइवेट बैंक IDFC ने एफडी में मिलने वाले ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। 

बिजनेस डेस्क. IDFC बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफ परर मिलने वाली ब्याज की दर में बदलाव किया है। अब इस बैंक में एफडी कराने पर आम नागरिकों को 3% से 8% तक का वार्षिक ब्याज मिलेगा। वहीं, सीनियर सिटीजन 3.5% से 8.5% तक ब्याज मिलेगा। यानी कि सीनियर सिटीजन्स को आम नागरिक की तुलना में 0.5% ज्यादा ब्याज मिलेगा।

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FD से मिले ब्याज पर देना होता है टैक्स

एफडी पर मिलने वाला ब्याज को सालाना आय में जोड़ा जाता है। ऐसे में इसे ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल होता है। टोटल इनकम के आधार पर, आपका टैक्स स्लैब तय किया जाता है। एफडी से मिले ब्याज को दूसरे स्रोतों से आय में गिना जाता है।

इन स्थितियों में कटता है FD पर टैक्स

  • अगर आपकी सालाना 2.5 लाख रुपए से कम है, तो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर TDS नहीं काटा जाता है। इसके लिए आपको फॉर्म 15H या 15H जमा करना पड़ेगा।
  • एफडी से मिलने वाले ब्याज की रकम 40 हजार से कम है, तो TDS नहीं काटा जाएगा। लेकिन 40 हजार से ज्यादा है तो 10% टैक्स लगता है। वहीं, पैन कार्ड न हो के लिए 20% टैक्स कट सकता है। यह टैक्स 60 साल से कम उम्र के उपभोक्ताओं से लिया जाता हैं।
  • 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 50 हजार से ज्यादा की रकम पर टैक्स देना होता है। इस पर 10% ज्यादा टैक्स लगता है।

इस स्थिति में ब्याज पर नहीं देना होता है टैक्स

एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लिया जाता है। लेकिन बैंक ने एफडी के ब्याज पर TDS काट लिया है और आपकी कुल आय इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती , तो आप काटे गए टीडीएस को टैक्स फाइल करते समय क्लेम कर सकते हैं। ये आपके खाते में लौटा दिया जाएगा। 

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