प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कम से कम 19 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाएं, अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित महिलाएं, ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं आदि इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।

केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2017 से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजना 'मिशन शक्ति' के तहत यह एक उप-योजना है। इस योजना के अंतर्गत देश भर में जन्म लेने वाले बच्चों को कुपोषण और कई बीमारियों से बचाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 

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इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं की आयु कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए। अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली और राशन कार्ड धारक महिलाएं, ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं, जिनकी पारिवारिक आय ₹1000 से कम है, वे सभी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। केंद्र सरकार या राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

यदि दूसरी संतान कन्या है तो दोनों बच्चों के लिए एक ही महिला को लाभ मिलेगा। पहले बच्चे के लिए दो किश्तों में ₹5000 और दूसरा बच्चा होने पर यदि वह कन्या है तो एक किश्त में ₹6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता 3 किश्तों में प्रदान की जाती है। पहली किस्त ₹1000, दूसरी किस्त ₹2000 और तीसरी किस्त ₹3000, इस प्रकार कुल ₹6000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

हालांकि, दूसरे बच्चे के लिए लाभ प्राप्त करने हेतु गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इससे जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार होगा और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने में मदद मिलेगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक और पात्र महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में जाकर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर 7998799804 पर संपर्क कर सकते हैं।