केंद्रीय बैंक के अनुसार, मार्च 2024 में आरबीआई के पास 822.1 टन सोना था, जिसमें से 413.8 टन गोल्ड विदेशों में जमा था। उसमें से 100 टन से ज्यादा वापस भारत मंगा लिया गया है।

बिजनेस डेस्क : अब भारत का सोना ब्रिटेन के बैंक में नहीं रहेगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने UK से 100 टन से ज्यादा सोना वापस लाया है। 1991 के बाद से यह अब तक का सबसे ज्यादा सोना है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, मार्च 2024 में आरबीआई के पास 822.1 टन सोना था, जिसमें से 413.8 टन गोल्ड विदेशों में जमा था। बता दें कि पिछले साल की तुलना में आरबीआई के सोने का भंडार 27.5 टन बढ़ा है। रिजर्व बैंक धीरे-धीरे विदेशों में जमा सोने को कम कर वापस भारत ला रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था ज्यादा मजबूत हो सके। बता दें कि 2023 में रिजर्व बैंक 100 टन सोना वापस लाया है।

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ब्रिटेन में रखा गया था भारत का सोना

आजादी के बाद से ही भारतीय रिजर्व बैंक के लिए ब्रिटेन केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड भंडार गृह बना है। आजादी से पहले भी अंग्रेज सोना यहीं रखा करते थे। RBI के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि पिछले कई सालों से बैंक सोना खरीद रहा है। इसके बाद इसकी समीक्षा की गई और चूंकि विदेशों में भारत का सोना ज्यादा हो गया था, इसलिए उसे वापस लाया गया। बता दें कि 1991 में चंद्रशेखर सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सोना गिरवी रखवा दिया था, लेकिन 15 साल पहले आरबीआई ने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से 200 टन सोना खरीद लिया और अब भारत के पास सोना का बड़ा स्टॉक है।

विदेशों में क्यों रखा जाता है भारत का सोना

1. जोखिम से बचने के लिए

RBI सोने का भंडारण एक नहीं कई जगहों करना चाहता है, ताकि जोखिम कम से कम रहे। पहले इसे सुरक्षा के लिहाज से रखा जाता था। ताकि अगर देश में किसी आपदा के दौरान राजनीतिक और आर्थिक स्थिति बिगड़ जाए तो विदेशों में रखा सोना सुरक्षित बचा रहेगा, इसलिए विदेशों में भारत का सोना रखा जाता है। इससे आरबीआई को राजनीतिक जोखिम से बचने में मदद मिलती है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं, जैसे भूकंप, बाढ़ में भी सोने के भंडार को नुकसान पहुंच सकता है, ऐसे में विदेशों में सोना सुरक्षित रहता है।

2. व्यापार आसान बनाने के लिए

विदेशों में सोना रखने का दूसरा कारण है कि इससे दूसरे देशों से व्यापार करना काफी आसान हो जाता है। सोने का भंडर बढ़ने से ग्लोबल लेवल पर ट्रेड करने में मदद मिलती है। सोने का इस्तेमाल अन्य देशों से लोन लेने या आयात के लिए भुगतान में भी किया जा सकता है। विदेशों में सोने पर ज्यादा ब्याज भी मिल जाता है, जिसका फायदा देश को होता है।

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