यूजीसी प्रमुख ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि भारतीय विश्वविद्यालय 2024-25 से स्टूडेंट्स को वर्ष में दो बार प्रवेश दिया करेंगे। इस नियम को लेकर अन्य शर्तें भी जारी की हैं। 

एजुकेशन डेस्क। नई सरकार के साथछात्रों के खुशखबरी सामने आई है।यूजीसी प्रमुख ने बड़ी घोषणा की है कि भारतीय विश्वविद्यालयों में 2024-25 से स्टूडेंट्स को वर्ष में दो बार प्रवेश मिला करेगा। इस नियम को लेकर अन्य शर्तें भी जारी की गई हैं। ऐसा हुआ तो छात्रों के लिए विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने का ये बेहतर अवसर रहेगा। इस नए बदलाव से निश्चित तौर पर छात्रों को सुविधा होगी। 

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जुलाई और जनवरी-फरवरी में प्रवेश की पेशकश
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रमुख जगदीश हर के मुताबिक भारत में विश्वविद्यालयों के नियमों में जल्द ही कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। यूजीसी प्रमुख जगदीश हर ने घोषणा की है कि भारत में विश्वविद्यालयों को विदेशी ट्यूशन में प्रवेश प्रक्रिया के तर्ज पर ही स्नातक में एक साल में दो बार प्रवेश लेने की अनुमति दी जाएगी। इसके तहत विश्वविद्यालयों में 2024-24 सत्र से जुलाई स्नातक और जनवरी-फरवरी में प्रवेश की पेशकश विश्वविद्यालयों की ओर से की जाएगी। 

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दो बार कैंपस भर्ती भी हो सकेगी
जगदीश हर ने आगे कहा कि इस नए बदलाव से छात्रों के लिए कई सारे करिअर अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार के अवसर के लिए छात्र परेशान हैं। इस प्रक्रिया से साल में दो बार कैंपस भर्ती का भी आयोजन किया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालयों में अर्धवार्षिक प्रवेश भारत की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक शैक्षिक मानकों के अनुरूप बनाएगा। यह बदलाव शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के साथ एक नई दिशा की ओर ले जाएगा। इससे छात्रों के शिक्षण स्तर में भी सुधार होगा।