करियर डेस्क. एक तरफ देश के कई राज्यों में कोरोना महामारी के बीच बोर्ड की परीक्षाओं आयोजित की जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर एक राज्य ने दरियादिली दिखाते हुए सभी छात्रों को प्रमोट कर दिया। महामारी के बीच बंद स्कूल और पढ़ाई न हो पाने के कारण तमिलनाडु राज्य सरकार ने 9वीं, 10वीं और 11वीं कक्षा के छात्रों को बिना परीक्षा के पास करने का फैसला लिया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी (K Palaniswami) ने राज्य में नौवीं, 10वीं और 11वीं कक्षा के सभी छात्रों को इस साल कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में पास घोषित करते हुए कहा कि उन्हें इस साल एग्जाम नहीं देने होंगे।

बच्चों की सुरक्षा, परीक्षा से ज्यादा जरूरी

पलानीस्वामी ने कहा कि शिक्षकों एवं छात्रों के समक्ष पैदा हुई असाधारण स्थिति और विशेषज्ञों, अभिभावकों एवं उन छात्रों की राय पर विचार विमर्श किया गया, जिन्हें 2020-21 शैक्षणिक वर्ष में वार्षिक/बोर्ड परीक्षाएं देनी हैं। उन्होंने कहा कि काफी विचार-विमर्श के बाद नौवीं, 10वीं और 11वीं कक्षा के छात्रों को बिना एग्जाम पास घोषित किया जाता है। महामारी के बीच पैरेंट्स बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं।

तमिलनाडु में बंद हैं स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों एवं छात्रों के लिए व्यावहारिक समस्याओं के मद्देनजर सिलेबस में कटौती की गई। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए स्कूलों को 25 मार्च, 2020 से बंद करने का आदेश दिया गया था। इससे पहले, राज्‍य में कक्षा 1 से 8 तक के लिए स्‍कूल खोलने के लिए राज्‍य शिक्षामंत्री ने इनकार कर दिया था। 12 फरवरी को के. ऐ. सेनगोट्टियन ने कहा था कि अभी स्‍कूल दोबारा खोलने पर फैसला नहीं लिया गया है।

बोर्ड स्टूडेंट्स तक को किया प्रमोट

बिना परीक्षा बोर्ड तक के स्टूडेंट्स को प्रमोट करने वाला तमिलनाडु अकेला राज्य है। बता दें कि छात्रों को सालभर सरकारी शैक्षणिक टीवी चैनल कालवी थोलईकाची के जरिए पढ़ाया गया। तमिलनाडु में कोरोना वायरस महामारी के कारण स्कूल बंद ही हैं। 19 जनवरी को केवल 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए स्कूल खोले गए थे।

अधिकांश राज्‍यों में स्‍कूल कोरोना नियमों के साथ खोल दिए गए हैं जबकि बिहार राज्‍य में बोर्ड की परीक्षाएं जारी हैं। सीबीएसई की परीक्षाएं 4 मई से शुरू होंगी और यूपी बोर्ड की अप्रैल से।