फिल्मों में अकसर देखा होगा कि सालों से बिछुड़े लोग कहीं न कहीं मिल जाते हैं। लेकिन रियल लाइफ में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। खासकर तब, जब कोई बचपन में गुम गया हो। यहां एक नाबालिग बच्चा 2 साल पहले घर से भटक गया था। तब उसकी उम्र महज 11 साल थी। परिजनों ने उसे हर जगह ढूंढा। पुलिस ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन बच्चा नहीं मिला, तो सबने उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ दी। अब लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होना इस परिवार के लिए खुशियां लेकर आ गया। जानिए कैसे..

बिलासपुर, छत्तीसगढ़. लॉकडाउन ने लोगों की जिंदगी प्रभावित की है। काम-धंधा बंद होने से लोग परेशान हैं। मजदूरों को अपने गांव लौटना पड़ा। लेकिन इस बच्चे और उसके परिवार के लिए लॉकडाउन जैसे खुशियां लेकर आया। यह है 13 साल का बच्चा और उसकी नानी..जो 2 साल बाद एक-दूसरे से मिलकर यूं रो पड़े। फिल्मों में अकसर देखा होगा कि सालों से बिछुड़े लोग कहीं न कहीं मिल जाते हैं। लेकिन रियल लाइफ में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। खासकर तब, जब कोई बचपन में गुम गया हो। यहां एक नाबालिग बच्चा 2 साल पहले घर से भटक गया था। तब उसकी उम्र महज 11 साल थी। परिजनों ने उसे हर जगह ढूंढा। पुलिस ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन बच्चा नहीं मिला, तो सबने उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ दी। अब लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होना इस परिवार के लिए खुशखबरी लेकर आया। 

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पंजाब से लौट आया नाती...
13 साल का कमलेश साहू 2 साल पहले गुम हो गया था। अब मालूम चला कि वो पंजाब चला गया था। जांजगीर जिले के एक गांव का रहने वाला कमलेश शुक्रवार को सिरगिट्टी पुलिस को तिफरा में मिला। बच्चे ने बताया कि वो दोस्तों के साथ पंजाब चला गया था। उसके गांव के कई लोग काम के सिलसिले में पंजाब जाते हैं। इसके बाद वो वहीं रह गया। अब कोरोना के चलते जब लॉकडाउन हुआ, तो मजदूर घर लौटने लगे। वो भी उसके साथ यहां लौट आया। यहां वो बिलासपुर में भटक रहा था। तभी पुलिस की नजर उस पर पड़ी। सिरगिट्टी पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई। वहां उसे खाना खिलाया और जैजैपुर पुलिस से संपर्क किया। उसकी खबर सुनकर नानी और परिजन थाने पहुंचे। अपने नाती को 2 साल बाद सकुशल देखकर नानी ने उसे गले लगाया और खुशी से उनकी आंखें बह निकलीं। आईजी दीपांशु काबरा ने सिरगिट्‌टी पुलिस के इस काम को सराहा।