कोरोना संक्रमण ने एक युवक के मिशन पर ब्रेक लगा दिए हैं। यह युवक देशभर से शहीदों के घरों पर जाकर मिट्टी इकट्टा कर रहा था। गुजरात में इसका समापन होना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण वो सुकमा में फंस गया है। युवक बस्तर के लिए निकला था। युवक ने कहा कि लॉकडाउन खुलते ही वो फिर से अपने मिशन पर निकलेगा। युवक 12 राज्यों में करीब 64000 किमी का सफर कर चुका है।

सुकमा, छत्तीसगढ़. कोरोना संक्रमण ने सारी दुनिया की रफ्तार रोक दी है। इस महामारी के कारण देशभर में लागू किए लॉकडाउन ने एक युवक के अनूठे मिशन पर भी ब्रेक लगा दिए हैं। यह युवक देशभर से शहीदों के घरों पर जाकर मिट्टी इकट्टा कर रहा था। गुजरात में इसका समापन होना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण वो सुकमा में फंस गया है। युवक बस्तर के लिए निकला था। युवक ने कहा कि लॉकडाउन खुलते ही वो फिर से अपने मिशन पर निकलेगा। यह हैं उमेश गोपीनाथ। महाराष्ट्र के रहने वाले उमेश का 12 राज्यों में शहीदों के घर जा चुके थे। बस्तर में इनका आखिरी पड़ाव था। लेकिन लॉकडाउन के कारण उन्हें सुकमा में रुकना पड़ गया है। युवक ने कहा कि लॉकडाउन के बाद वो अपना मिशन पूरा करेगा।

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एक साल में 64 हजार किमी का सफर..
उमेश शहीदों की मिट्टी से कश्मीर में भारत का मानचित्र बनाने का मिशन लेकर निकले हैं। वे 12 राज्यों में करीब 64000 किमी का सफर कर चुके हैं। उनकी गाड़ी पर तिरंगा लहराता है। पीछे ट्रॉली में शहीदों के घरों से जुटाई गई मिट्टी भरी है। उमेश ने बताया कि उसने यह मिशन पिछले साल बेंगलुरु के CRPF ग्रुप सेंटर से शुरू किया था। इसका आखिरी पड़ाव गुजरात है। लेकिन कोरोना के कारण अभी प्लान में बदलाव करना पड़ा है। उमेश ने कहा कि मेरा मिशन जरूर पूरा होगा।