रायगढ़ में 7 मई, 20016 को मिली मां-बेटी की लाश से अब जाकर पर्दा उठा है। यह डबल मर्डर ओडिशा के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय ने कराया था। आरोपी महिला से प्यार करता था, लेकिन पॉलिटिक्स में करियर बर्बाद न हो जाए, इसलिए मां-बेटी दोनों को मरवा दिया।

रायगढ़, छत्तीसगढ़. करीब 4 साल पहले हुए मां-बेटी के मर्डर के पीछे चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। यह डबल मर्डर लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। इस मामले में पुलिस ने ओडिशा के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपना राजनीतिक करियर बचाने के चक्कर में मां-बेटी को मरवा दिया था। दोनों लंबे समय से लिव इन रिलेशन में रहते आ रहे थे। जब महिला ने आरोपी पर शादी के लिए दबाव बनाया, तो वो डर गया। उसे अपना राजनीतिक करियर याद आने लगा। 

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शादी के बहाने बुलाया और मरवा दिया

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कल्पना दास वकील थी। वो शादी के साथ जायदाद में भी हिस्सा मांगने लगी थी। आरोपी ने कल्पना को अर्दना स्थित साईं मंदिर में शादी के बहाने बुलाया था। वहां पहुंचने पर मां-बेटी के सिर पर लोहे के रॉड से वार करके जान ले ली। इसके बाद पहचान छुपाने के लिए लाशों के सिर पत्थर से कुचल दिए। इस हत्याकांड में साय का ड्राइवर बर्मन टेप्पो भी शामिल था। उल्लेखनीय है कि पुलिस को 7 मई 2016 को चक्रधर नगर क्षेत्र के संबलपुरी में दोनों की लाश मिली थीं।

जिसे बेटी मानता था, उसे भी नहीं छोड़ा
आरोपी ने कल्पना की बेटी बबली का एक स्कूल में दाखिला कराया था। इसमें उसने खुद को पिता बताया था। हत्या के एक दिन पहले दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत हुई थी। पुलिस को आरोपी के पास से दो मोबाइल बरामद हुए हैं। आरोपी और कल्पना दिल्ली, गोवा सहित कई जगहों पर घूमने भी गए थे। मोबाइल से यहां के फोटोज मिले हैं।

डीएनए टेस्ट से हुई थी पहचान..
कल्पना के पूर्व पति सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि उसने कभी दूसरी शादी नहीं की। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे इकट्ठा करके रखे थे। लेकिन उसे क्या मालूम था कि कल्पना किसी के प्यार में पड़कर अपनी और बेटी दोनों की जिंदगी गवां देगी। मां-बेटी की लाशें जब मिलीं, तो वे इतनी खराब हो चुकी थीं कि उनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराना पड़ा था। सुनील और कल्पना ने नवंबर 2000 में लव मैरिज की थी। हालांकि मनमुटाव के चलते 4 साल बाद ही दोनों ने तलाक ले लिया था। सुनील को 2006 में कल्पना और विधायक के बीच प्रेम संबंध की जानकारी मिली थी। एक बार उसने अपनी बेटी से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन आरोपी ने नहीं मिलने दिया।