सुकमा (Chhattisgarh) । नक्सलियों ने दो युवकों की हत्या कर दी है। इस वारदात को जन अदालत लगाकर अंजाम दिया है। इतना ही नहीं तीन दिन बाद एक प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें नक्सलियों ने इसकी जिम्मेदारी भी ली है। बता दें कि मारे गए दोनों युवकों को नक्सलियों ने प्रेसनोट में पुलिस का मुखबिर बताया है। मामला किस्टाराम क्षेत्र का बताया जा रहा है।

प्रेसनोट में किया ये खुलासा
19 नवंबर को जारी प्रेस नोट आज मीडिया के हाथ लगा है। नक्सलियों की किस्टाराम एरिया कमेटी की ओर से ये प्रेस नोट जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि 17 नवंबर को नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर दो युवकों की हत्या की है। इनमें एक का नाम बड़े केड़वाल गांव निवासी पोड़ियम बलराम और दूसरा पामलुर गांव निवासी कोवासी गंगा बताया गया है। दोनों पर मुखबिरी करने का आरोप लगा है।

नक्सलियों ने पीएम-सीएम पर भी साधा निशाना
प्रेस नोट में नक्सलियों ने आरोप लगाया है कि DRG के जवान मड़कम मुदराज, दुधी भीमा, माड़वी आयता और मड़कम अर्जुन बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्हें पैसे का लालच देते हैं। वहीं नक्सलियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी निशाना साधा है। कहा कि दोनों लोग मिलकर आदिवासी बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रहे। इसलिए पैसे का लालच नेटवर्क बना रहे हैं।

दोनों युवकों की सूचना पर मारे गए हैं अब तक कई नक्सली
प्रेस नोट के मुताबिक नक्सलियों ने दावा किया है कि बड़े केड़वाल गांव निवासी पोड़ियम बलराम साल 2013 से DRG फोर्स के संपर्क में था। वह गांव में रहकर जवानों को सूचना देता था। आरोप लगाया कि जवानों ने उसे 15 हजार रुपए का लालच दिया था। दिसंबर 2019 को पोड़ियम की मुखबिरी के चलते चिंतागुफा व भेज्जी क्षेत्र में DRG, कोरबा, STF, CRPF ने मिलकर हमला किया, इसमें 8 नक्सली मारे गए।

एक युवक नक्सलियों की गिरफ्त से निकलकर भागा
प्रेस नोट में नक्सलियों ने कहा है कि इस हमले में पोड़ियम बलराम और ईडो रमेश की मुख्य भूमिका थी। पोड़ियम बलराम को 17 नवंबर को हत्या कर दी। वहीं पामलुर गांव से कोवासी गंगा और कोवासी रमेश को भी मुखबिरी में पकड़ा था। नक्सलियों ने कोवासी गंगा को मार दिया, जबकि कोवासी रमेश बचकर भाग निकला था। अब उसे और ईडो रमेश को भी मारने की धमकी दी है।

(प्रतीकात्मक फोटो)