पहले कयास लगाए जा रहे थे कि जाट मतों को लुभाने के लिए बीजेपी शायद जजपा की मदद ले। लेकिन रविवार को साफ हो गया कि जजपा, बीजेपी से अलग अपना वजूद बनाने की कोशिश में ही है। 

नई दिल्ली। लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में भी अकेले ही मैदान में उतरेगी। नीतीश कुमार की जेडीयू के बाद हरियाणा में सहयोगी पार्टी जजपा ने भी दिल्ली के मैदान में ताल ठोंक थी है। दिल्ली में जात मतों का भी बोलबाला है ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि यहां भी अपना वजूद बनाया जाए। 

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पहले कयास लगाए जा रहे थे कि जाट मतों को लुभाने के लिए बीजेपी शायद जजपा की मदद ले। लेकिन रविवार को साफ हो गया कि जजपा, बीजेपी से अलग अपना वजूद बनाने की कोशिश में ही है। हालांकि जजपा दिल्ली में जजपा के चुनावी कैम्पेन शुरू होने को लेकर कुछ लोग कह रहे हैं कि ये गठबंधन का दबाव बनाने के लिए जजपा की कोशिश भी है। जजपा जाट मतों के आधार पर दिल्ली में बीजेपी से कुछ सीटें चाहती है। वैसे जजपा ने दिल्ली में बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात भी। हालांकि ये मीटिंग किस सिलसिले में थी ये साफ नहीं हो पाया। 

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वैसे ये तीसरा चुनाव है जहां एनडीए के सहयोगी बीजेपी के खिलाफ मैदान में हैं। दिल्ली से पहले हरियाणा में शिरोमणि अकाली दल ने जबकि झारखंड में आजसू ने बीजेपी से अलग होकर चुनाव लड़ा। झारखंड में जेडीयू ने भी प्रत्याशी उतारे थे। 

दुष्यंत चौटाला के सपने बड़े-बड़े 
अब दिल्ली में जजपा भी बीजेपी के सामने है। रविवार को हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने दिल्ली से पार्टी का कैंपेने भी शुरू किया। चुनावी भाषण में दिल्ली को लेकर दुष्यंत के बड़े बड़े सपने दिखे। जाट बहुल नजफगढ़ में दुष्यंत ने कहा, "हरियाणा में जिस तरह से जजपा को सत्ता की चाबी सौंपी थी, दिल्ली की जनता भी वैसी ही चाबी सौंप दे।"

देवीलाल की विरासत पर दावा 
दुष्यंत चौटाला ने पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का जिक्र करते हुए दिल्ली के जाटों को साधने की कोशिश की और याद दिलाया कि कैसे देवीलाल यहां के ग्रामीण इलाके की जनता की आवाज बने थे। दुष्यंत ने सीधे सीधे बीजेपी पर तो कुछ नहीं कहा मगर तमाम मुद्दों को लेकर अरविंद केजरीवाल की सरकार पर जमकर निशाना साधा।