सबसे पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पूरे मामले में दिल्ली सरकार पर लेटलतीफी का आरोप लगाया था। जिस पर मनीष सिसोदिया ने करारी फटकार लगाते हुए ऐसा बयान दे दिया कि गर्मागर्मी बढ़ गई। 

नई दिल्ली. निर्भया मामले में 22 जनवरी को होने वाली दोषियों की फांसी टल गई है। पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया केस के दोषी मुकेश सिंह की याचिका पर फांसी को टाल दिया। इस मामले पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। इधर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर मामले में लेटलतीफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा 2 दिन के लिए हमें दिल्ली पुलिस दें तो हम निर्भया के कातिलों को फांसी पर लटका देंगे। 

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डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। निर्भया मामले में बीजेपी शासित केंद्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी में बयानबाजी जारी है। दोनों ही पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर निर्भया मामले में दोषियों की फांसी में हो रही देरी का आरोप लगा रहे हैं।

जावड़ेकर ने लगाया देरी का आरोप

सबसे पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पूरे मामले में दिल्ली सरकार पर लेटलतीफी का आरोप लगाया था। जिस पर मनीष सिसोदिया ने करारी फटकार लगाते हुए ऐसा बयान दे दिया कि गर्मागर्मी बढ़ गई। 

दो दिन में कातिलों को चढ़वा देंगे फांसी 

सिसोदिया ने कहा, 'दुःख हुआ कि केंद्र के वरिष्ठ मंत्री इतने संवेदनशील मसले पर इतना बड़ा झूठ बोल रहे हैं। पुलिस आपकी, कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी आपकी, तिहाड़ का डीजी आपका, फिर सवाल हमसे क्यों? मैं जानता हूं कि आपके पास मुद्दे नहीं हैं, लेकिन इतनी घटिया बयानबाजी मत कीजिए।' आगे मनीष सिसोदिया ने कहा, 'दिल्ली पुलिस दो दिन के लिए हमें देकर देख लीजिए, निर्भया के दोषियों को फांसी चढ़वा देंगे।'

क्यों टली निर्भया के दरिंदों की फांसी

बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया केस के दोषी मुकेश सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 22 जनवरी को फांसी नहीं हो सकती है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलील मानते हुए कहा कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकती क्योंकि उनकी दया याचिका लंबित है। कोर्ट ने कहा कि दया याचिका लंबित होने के कारण डेथ वॉरंट पर स्वतः ही रोक लग गई है।