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पीएम मोदी ने आखिर क्यों कहा- यह एक काम ना कभी करूंगा और ना कभी होने दूंगा...

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर रही चर्चा का पीएम मोदीने जवाब दिया। मोदी ने शाहीन बाग का अप्रत्यक्ष जिक्र करते हुए कहा, खूब पर्दा है, कि चिलमन से लगे बैठे हैं। साफ छुपते भी नहीं, सामने आते भी नहीं। 

PM Modi mentioned Shaheen Bagh in Delhi elections Lok Sabha kpn
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New Delhi, First Published Feb 6, 2020, 2:16 PM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर रही चर्चा का पीएम मोदीने जवाब दिया। मोदी ने शाहीन बाग का अप्रत्यक्ष जिक्र करते हुए कहा, खूब पर्दा है, कि चिलमन से लगे बैठे हैं। साफ छुपते भी नहीं, सामने आते भी नहीं। ये पब्लिक सब जानती है। समझती है। उन्होंने कहा, एक स्वर ये उठा है कि सरकार को सारे कामों की जल्दी क्यों है? हम सारे काम एक साथ क्यों कर रहे हैं? सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी ने अपनी कविता में लिखा है कि लीक पर वे चलें, जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने, ऐसे अनिर्मित पथ ही प्यारे हैं।

"एक काम कभी नहीं करूंगा"
लोकसभा में पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक काम हम कभी नहीं करेंगे और न  होने देंगे। वह है आपकी बेरोजगारी कभी खत्म नहीं करेंगे।

डंडे खाने का जिक्र किया
लोकसभा में पीएम मोदी ने राहुल गांधी के डंडे मारने वाले बयान का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस मुझे डंडे मारना चाहती है। मैं डंडे खाने के लिए 6 महीने और पीठ मजबूत करूंगा। मैं सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा, जिससे मेरी पीठ मजबूत हो जाएगी। राहुल गांधी ने एक रैली में कहा था कि 6 महीने के अंदर देश का युवा मोदी को डंडे से मारेगा।

क्या बोले पीएम मोदी
- हमने वित्तीय घाटा नहीं बढ़ने दिया। एफडीआई भी 26 मिलियन डॉलर के पार हुआ।
- नॉर्थ ईस्ट वालों को जो दिल्ली दूर लगती थी, आज वही दिल्ली उनके दरवाजे पर जाकर खड़ी हो गई है। 
- चाहे बिजली की बात हो, रेल की बात हो, हवाई अड्डे की बात हो, मोबाइल कनेक्टिविटी की बात हो, हमने ये सब करने का प्रयास किया है।
- अगर गति तेज न होती तो 11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय न बनते,13 करोड़ गरीब लोगों के घर में गैस का चूल्हा नहीं पहुंचता, 2 करोड़ नए घर गरीबों के लिए नहीं बनते। 
- लंबे समय से अटकी दिल्ली की 1,700 कॉलोनियों को नियमित करने का काम पूरा न होता।
- आपकी ही सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती। 
- आपकी ही सोच अगर होती, तो करतापुर साहिब कोरिडोर कभी नहीं बन पाता। आपके ही के तरीके होते, आपका ही रास्ता होता, तो भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता।
- लोगों ने सिर्फ सरकार नहीं बदली, सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है। 
- यदि हम उसी तरह चलते जिस तरह से आप लोग चलते थे, जिस रास्ते की आपको आदत हो गई थी, तो 70 साल बाद भी अनुच्छेद 370 नहीं हटाता, मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती।

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