नवजोत सिंह सिद्धू अपनी बेबाक बयानबाजी वह लगातार विवादों में आ रहे हैं। ब्राह्मण जाति को स्किन कलर को लेकर टिप्पणी कर दी हैं। साथ ही एक महिला सरपंच के बारे में बोला था, जलेबी की तरह इकट्ठा कर देंगे। इसके बाद सिद्धू का विरोध बढ़ गया। ब्राह्मण समाज की ओर से सिद्धू का बायकॉट करने की चेतावनी दी गई है। 

अमृतसर, नवजोत सिंह सिद्धू का बिना सोचे समझे बोलना उन्हे मुसीबत में डाल रहा है। अपनी बेबाक बयानबाजी वह लगातार विवादों में आ रहे हैं। अब उन्होंने अमृतसर नॉर्थ से अकाली दल के प्रत्याशी अनिल जोशी पर उनकी जाति को स्किन कलर को लेकर टिप्पणी कर दी। अमृतसर के गांव मूदल में संबोधित करते हुए उन्होंने अनिल जोशी को काला ब्राह्मण कहकर संबोधित किया।

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सिद्धू का बायकॉट करने की चेतावनी दी गई 
इसके बाद सिद्धू का विरोध बढ़ गया। ब्राह्मण समाज की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू का बायकॉट करने की चेतावनी दी गई है। अकाली दल के प्रत्याशी बिक्रम सिंह मजीठिया ने चुनाव कमीशन को अपील की है सिद्धू के रंग भेदी सोच पर कार्यवाही करनी चाहिए। 

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महिला सरपंच को कहा जलेवी की तरह निचोड़ दूंगा
बिक्रम सिंह मजीठिया ने यह भी कहा कि, इससे पहले सिद्धू ने गांव मूदल की महिला सरपंच के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। महिला सरपंच के बारे में बोला था, जलेबी की तरह इकट्ठा कर देंगे। इस पर भी मजीठिया ने कहा की किसी भी महिला के लिए ऐसी शब्दावली और वो भी किसी पार्टी के प्रधान को शोभा नहीं देता। एक इंसान होने के नाते वो उनकी बोली के खिलाफ है, जिसमे दूसरो के लिए अभद्रता छलकती है।

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सोशल मीडिया पर सिद्धू के वीडियो ने मचाया हड़कंप
सिद्धू की ओर से जोशी के खिलाफ की गई को गई टिप्पणी के खिलाफ बीजेपी भी मैदान में आ गई है। बीजेपी के अशोक सरीन की ओर से इलेक्शन कमीशन को इसी संबंधी शिकायत की गई है और एफआईआर के लिए कहा गया है। शिकायत में लिखा है की इस संबंधी वीडियो सोशल।मीडिया पर वायरल हो रहा है और उसमे अभद्र टिप्पणी की गई है।

20 फरवरी को होगी वोटिंग
पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 20 फरवरी को मतदान होगा। यहां एक ही चरण में वोटिंग होने जा रही हैं। वही 10 मार्च को वोटों की गिनती की जाएगी। इससे पहले 14 फरवरी को चुनाव होना था, लेकिन राज्य के सभी दलों के साथ बैठक के बाद चुनाव आयोग ने पोलिंग डेट आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। 16 फरवरी को रविदास जयंती होने के चलते राजनीतिक दलों ने चुनाव टालने की मांग की थी। इस बार पंजाब में कांग्रेस सत्ता में वापसी की राह देख रही है तो आम आदमी पार्टी, अकाली दल गठबंधन, बीजेपी गठबंधन के साथ-साथ किसान मोर्चे भी कांग्रेस को टक्कर मिल रही है। 

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