इंडियन शॉर्ट वीडियो एप जोश ने दानपात्र के साथ मिलकर हाल ही में विदुर नगर में एक इवेंट ओर्गेनाइज किया, जिसके तहत झुग्गी बस्ती की सैकड़ों फैमिलीज को मदद पहुंचाई गई।

एंटरटेनमेंट डेस्क. इंडियन शॉर्ट वीडियो एप जोश ने हाल ही में दानपात्र के साथ कोलैबोरेशन किया है। इसके साथ ही ना केवल जोश ने कम्युनिटी सर्विस के प्रति अपनी भावना में बढ़ोतरी की है, बल्कि अपने पॉपुलर क्रिएटर्स को भी सपोर्ट सर्विस में शामिल कर लिया है। डिजिटल के दौर में सोशल मीडिया एक ऐसा टूल है, जिसका अगर सही से इस्तेमाल किया जाए तो यह बड़ा प्रभाव पैदा कर सकता है। हाल ही में दानपात्र की ओर से विदुर नगर के चाची मोहल्ला में एक इवेंट ऑर्गेनाइज किया गया, जिसमें जोश के क्रिएटर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिखाया। जोश के सौजन्य से हुए इस इवेंट में झुग्गी बस्ती में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को मदद पहुंचाई गई।

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इन्फ्लुएंसर्स ने किया सोशल मीडिया पर प्रचार

इनफ्लुएंसर महेश बहरानी, रेमो प्रधान, मनीषा प्रधान और कई अन्य जाने-माने इन्फ्लुएंसर्स ने भी सोशल मीडिया के जरिए इसका प्रचार-प्रसार किया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच हो सके और चैरिटी की इस पहल को वे अपना समर्थन दिखा सकें। महेश बहरानी ने एक बातचीत में कहा, “जोश के साथ एक क्रिएटर के रूप में मेरी जर्नी क्रिएटिविटी, ग्रोथ और कनेक्शन से भरी रही। शुरुआत में मेरे बेहद कम फॉलोअर्स से लेकर आज 21 मिलियन फॉलोअर्स तक पहुंचना जोश एप और इसकी कम्युनिटी के सपोर्ट की वजह से ही संभव हो पाया। जोश ने मुझे अलग-अलग क्षेत्रों और अलग-अलग बैकग्राउंड के लोगों के साथ जुड़ने का मौका दिया। इसके लिए मैं जोश का शुक्रगुजार हूं।”

इसी तरह रेमो और मनीषा प्रधान कहते हैं, "हम रेमो और मनीषा इंदौर से हैं। हम जोश पर डांस टीचर, कोरियोग्राफर और कंटेंट क्रिएटर हैं। फिलहाल जोश पर हमारे 1.1 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। जब हमने जोश पर वीडियो बनाना शुरू किया था, तब नहीं सोचा था कि हम यहां तक पहुंच पाएंगे। हमें यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।"

क्या है दानपात्र?

दानपात्र एक सामाजिक संस्था है, जो एक ऑनलाइन फ्री एप के जरिए काम करती है। यह लोगों से कपड़े, खिलौने, किताबें, जूते, बर्टन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स और फर्नीचर जैसा ऐसा सामान जुटाती है, जो उनके किसी काम का नहीं है और उन तक पहुंचाती है, जिन्हें इसकी जरूरत होती है। पिछले 4 साल में यह 35 लाख से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों की मदद कर चुकी है। इस संस्था से 35 हजार से ज्यादा वालंटियर्स जुड़े हुए हैं। यह संस्था देशभर के अलग-अलग शहरों में काम करती है। हर शहर में इसका सेंटर है, जहां को भी पहुंचकर अपना डोनेशन दे सकता है। यह दानदाताओं और जरूरतमंदों के बीच एक सेतु का काम कर रही है।

बच्चों-महिलाओं को मुफ्त शिक्षा दी जा रही 

जरूरतमंदों की मदद करने के साथ-साथ दानपात्र बच्चों और महिलाओं को मुफ्त शिक्षा देकर उन्हें शिक्षित बनाने का काम भी कर रही है। देश के कई शहरों में डोनेशन फ्री स्कूल चल रहे हैं, जहां हजारों बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है, ताकि आर्थिक अभाव में जी रहे बच्चे भी अपने सपनों की उड़ान भर सकें। फिलहाल इंदौर समेत लगभग 100 शहरों में दानपात्र से जुड़कर लोग जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। जल्दी ही पूरे देश में संस्था का मिशन पहुंचेगा।