सार

सैफ अली खान ( Saif Ali Khan ) पर घर में हमला करने वाले आरोपी ने जमानत याचिका दायर की है। आरोपी का दावा है कि पुलिस ने उसे गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया। अदालत जल्द सुनवाई करेगी।

Saif Ali Khan Attack : बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर उनके घर में हमला करने के आरोपी शरीफुल फकीर ने जमानत के लिए आवेदन पेश किया है। उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस ने सबूत जुटा लिए हैं। उनके वकील ने आगे तर्क दिया है कि फकीर की गिरफ्तारी गैरकानूनी थी। अदालत मंगलवार, 1 अप्रैल, 2025 को इस जमानत आवेदन पर सुनवई कर सकती है।

बांग्लादेशी नागरिक फकीर पर 16 जनवरी को सैफ के बांद्रा स्थित 12वीं मंज़िल पर स्थित घर में घुसने का आरोप है। कथित तौर पर, वह इमारत पर चढने के बाद करीना के घर में घुस गया था, उसे इस बात की जानकारी भी नहीं की थी कि वो एसैफ और करीना का घर है। सके बाद फकीर ने कथित तौर पर परिवार को चाकू की नोंक पर पैसों की मांग की थी।

सैफ अली खान के घर क्या हुआ उस दिन

हमले के वक्त मौजूद एक स्टाफ नर्स द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, फकीर ने पहले सैफ अली खान के बेटे जहांगीर के बेडरूम में एंट्री कर ली थी। लेकिन मेड ने उसे रोक दिया। वहीं कथित तौर पर नर्स पर हमला किया उसने जब इसका विरोध किया तो उसने 1 करोड़ रुपये की मांग की । इसके बाद सैफ अली खान भी जाग गए और उस रूम में पहुंचे, इस दौरान फकीर ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद वो यहां भाग गया था। सैफ अली खान की लीलावती अस्पताल में आपातकालीन सर्जरी की गई और पांच दिनों के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

क्या पुलिस ने अपराधी को पहचानने में की गलती

फकीर के वकीलों ने जमानत मांगते हुए तर्क दिया है कि उनकी गिरफ्तारी अवैध थी क्योंकि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी की वजह ही नहीं बताई थी, ना तो उन्हें कोई पेपर दिए गए थे। उन्होंने तर्क दिया कि हिरासत में लेने से पहले आरोपी को गिरफ्तारी की वजह बताई जानी चाहिए।

फकीर ने बताया खुद को बेकसूर

इसके अलावा, बचाव पक्ष ने दावा किया है कि एफआईआर में लगाए गए आरोप पूरी तरह से काल्पनिक हैं और फोर्सफुली गढ़े गए हैं। उन्होंने आगे तर्क दिया कि फकीर ने कोई अपराध नहीं किया है। भले ही गवाहों के बयानों को बिना किसी गलत काम को मान भी लिया जाए तो भी यह मौत या गंभीर नुकसान पहुंचाने के इरादे से डकैती या डकैती के अपराध को साबित करने के लिए नाकाफी अपराध है। इसके अलावा, मामले में जांच भी पूरी हो चुकी है। जमानत याचिका में कहा गया है, "सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड सहित सभी अहम सबूत पहले से ही अभियोजन पक्ष के कब्जे में हैं । ऐसे में आवेदक सबूतों के साथ छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का कोई खतरा नहीं है।"