इस पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीर में सीएम योगी को लैपटॉप के सामने बैठा देखा जा सकता है। पोस्ट का दावा है कि सीएम हाथरस पीड़िता के अंतिम संस्कार का लाइव वीडियो देख रहे हैं।

फैक्ट चेक डेस्क. उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई आपराधिक वारदात के बाद से ही सोशल मीडिया पर अफवाहों, झूठी खबरों की बाढ़ आ गई है। हाथरस वारदात और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर ऐसी ही एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में एक फोटो शेयर की जा रही है। इस पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीर में सीएम योगी को लैपटॉप के सामने बैठा देखा जा सकता है। पोस्ट का दावा है कि सीएम हाथरस पीड़िता के अंतिम संस्कार का लाइव वीडियो देख रहे हैं।

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फैक्ट चेक में आइए जानते हैं कि इस वायरल तस्वीर का सच क्या है? 

वायरल पोस्ट क्या है? 

फेसबुक पेज ‘आपन महाराजगंज’ ने 30 सितंबर को यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की एक एडिटेड तस्‍वीर को अपलोड करते हुए दावा किया : ‘हाथरस गैंग रेप पिड़िता को युपी की जल्लाद पुलिस वालों ने कैसे जलाया उसकी लाइव वीडियो देखता हुआ एक नाकारा मुख्यमंत्री।’

यहां इस पोस्ट में लिखी बात को ज्यों का त्यों पेश किया गया है। इस तस्‍वीर को लोग सच मानकर वायरल कर रहे हैं। 

फैक्ट चेक

सबसे पहले उत्तर प्रदेश के प्रमुख और प्रामाणिक अखबारों के ईपेपर में हाथरस से जुड़ी खबरें तलाश अपनी पड़ताल शुरू की। हमें दैनिक जागरण के हाथरस संस्‍करण में प्रकाशित ओरिजनल तस्‍वीर मिली। तस्‍वीर के कैप्‍शन में लिखा था कि लखनऊ में बुधवार को हाथरस के पीड़ित परिवार से वीडियो कॉलिंग करते हुए मुख्‍यमंत्री योगी। यह तस्‍वीर यूपी सरकार के सूचना विभाग की ओर से जारी की गई थी।

पड़ताल के दौरान हमने यूपी सरकार से जुड़े आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को स्‍कैन करना शुरू किया। हमें मुख्‍यमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल पर भी ओरिजनल तस्‍वीर मिली। 30 सितंबर 2020 को रात 7:24 बजे CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) ट्विटर हैंडल से ओरिजनल तस्‍वीर को ट्वीट करते हुए लिखा गया : ‘मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने हाथरस के पीड़ित परिवार से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से वार्ता की। मृतका के पिता जी ने मुख्यमंत्री जी से आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की।’

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एशियानेट न्‍यूज ने भी ये खबर छापी थी। 

ये निकला नतीजा 

पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। हाथरस के पीड़ित परिवार से मुख्‍यमंत्री ने वीडियो कॉलिंग के जरिए बात की थी। उसी की तस्‍वीर को कुछ लोग एडिट करके झूठे दावों के साथ वायरल कर रहे हैं।