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गूगल सर्च में CM नीतीश को तेजस्वी यादव नहीं गुप्तेश्वर दे रहे टक्कर, आज से शुरू हुआ एक नया सफर

First Published Sep 27, 2020, 4:33 PM IST
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पटना (Bihar) । इस समय बिहार से जुड़े की-वर्ड्स गूगल पर खूब सर्च किए जा रहे हैं। बीते 24 घंटे की बात करें बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों को सबसे अधिक सर्च किया गया, वहीं पूरे देश स्‍तर पर बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) से कुछ ही पीछे चल रहे हैं, जबकि इस रेस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav) कहीं नहीं दिख रहे हैं। बता दें कि पांच दिन पहले वीआरएस लेकर से राजनीति पारी खेलने उतरे पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने आज जदयू की सदस्‍यता ले ली। खबर है कि वे बक्‍सर से विधान सभा चुनाव लड़ सकते हैं। 

गुप्‍तेश्‍वर पांडेय गूगल पर भी खूब सर्च किए जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में  वे गूगल सर्च के टॉप 10 में शामिल रहे। बिहार के मुख्‍यंत्री नीतीश कुमार को 53 फीसद लोगों ने गूगल पर सर्च किया तो उन्हें 36 फीसद लोगों ने गूगल पर खोजा, जबकि इस ट्रेंड में तेजस्‍वी यादव कहीं नहीं दिख रहे हैं। 

गुप्‍तेश्‍वर पांडेय गूगल पर भी खूब सर्च किए जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में  वे गूगल सर्च के टॉप 10 में शामिल रहे। बिहार के मुख्‍यंत्री नीतीश कुमार को 53 फीसद लोगों ने गूगल पर सर्च किया तो उन्हें 36 फीसद लोगों ने गूगल पर खोजा, जबकि इस ट्रेंड में तेजस्‍वी यादव कहीं नहीं दिख रहे हैं। 

चंडीगढ़ में गुप्‍तेशवर पांडेय को 59 तो नीतीश कुमार को 41 फीसद लोगों ने गूगल सर्च किया। गोवा व दिल्ली में भी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय को 50-50 फीसद लोगों ने सर्च किया। इसी तरह झारखंड की बात करें तो वहां गुप्‍तेश्‍वर पांडेय को 54 फीसद लोगों ने सर्च किया, जबकि नीतीश कुमार को 39 फीसद लोगों ने।

चंडीगढ़ में गुप्‍तेशवर पांडेय को 59 तो नीतीश कुमार को 41 फीसद लोगों ने गूगल सर्च किया। गोवा व दिल्ली में भी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय को 50-50 फीसद लोगों ने सर्च किया। इसी तरह झारखंड की बात करें तो वहां गुप्‍तेश्‍वर पांडेय को 54 फीसद लोगों ने सर्च किया, जबकि नीतीश कुमार को 39 फीसद लोगों ने।

गुजरात, उत्तर प्रदेश और असम में भी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने नीतीश कमार को पीछे छोड़ दिया है। गुजरात में उन्‍हें 47 तो उत्‍तर प्रदेश व असम में 46-46 फीसद लोगों ने सर्च किया है। जबकि, नीतीश कुमार को गुजरात में 40, उत्तरप्रदेश में 38 एवं असम में 39 फीसद लोगों ने सर्च किया है। हालांकि जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान जैसे राज्यों में नीतीश कुमार ज्यादा सर्च किए गए।

गुजरात, उत्तर प्रदेश और असम में भी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने नीतीश कमार को पीछे छोड़ दिया है। गुजरात में उन्‍हें 47 तो उत्‍तर प्रदेश व असम में 46-46 फीसद लोगों ने सर्च किया है। जबकि, नीतीश कुमार को गुजरात में 40, उत्तरप्रदेश में 38 एवं असम में 39 फीसद लोगों ने सर्च किया है। हालांकि जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान जैसे राज्यों में नीतीश कुमार ज्यादा सर्च किए गए।

लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस मामले में बहुत पीछे हैं। उन्हें बिहार में 17, गुजरात में 13, उत्तरप्रदेश में 16 तथा असम में 15 फीसद लोगों ने ही सर्च किया।

लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस मामले में बहुत पीछे हैं। उन्हें बिहार में 17, गुजरात में 13, उत्तरप्रदेश में 16 तथा असम में 15 फीसद लोगों ने ही सर्च किया।

बताते चले कि गुप्‍तेश्‍वर पांडेय के डीजीपी पद से वीआरएस लेने के अगले दिन ही उनका एक म्‍यूजिक वीडियो रिलीज हुआ था। इसमें वे पुलिस की दबंग छवि में दिख रहे हैं। उनपर गाए गाने के बोल  हैं गुप्‍तेश्‍वर पांडेय हैं, रॉबिनहुड बिहार के। इसे बिग बॉस के पूर्व प्रतिभागी दीपक ठाकुर ने गाया है। म्‍यूजिक वीडियो रिलीज होते ही पांडेय को किसी ने नया बिहारी बाबू तो किसी ने शॉटगन कहा था। वह भी गूगल पर खूब सर्च किया जा रहा है।

बताते चले कि गुप्‍तेश्‍वर पांडेय के डीजीपी पद से वीआरएस लेने के अगले दिन ही उनका एक म्‍यूजिक वीडियो रिलीज हुआ था। इसमें वे पुलिस की दबंग छवि में दिख रहे हैं। उनपर गाए गाने के बोल  हैं गुप्‍तेश्‍वर पांडेय हैं, रॉबिनहुड बिहार के। इसे बिग बॉस के पूर्व प्रतिभागी दीपक ठाकुर ने गाया है। म्‍यूजिक वीडियो रिलीज होते ही पांडेय को किसी ने नया बिहारी बाबू तो किसी ने शॉटगन कहा था। वह भी गूगल पर खूब सर्च किया जा रहा है।

बता दें कि आज जेडीयू में शामिल हुए पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने 33 साल की सर्विस में रहे। वे एसपी से लेकर डीआईजी, आईजी और एडीजी बनने तक के सफर दौरान 26 जिलों में काम किए थे।

बता दें कि आज जेडीयू में शामिल हुए पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने 33 साल की सर्विस में रहे। वे एसपी से लेकर डीआईजी, आईजी और एडीजी बनने तक के सफर दौरान 26 जिलों में काम किए थे।


साल 1993-94 में वे बेगूसराय और 1995-96 में जहानाबाद के एसपी रह चुके हैं। दोनों जिलों में अपने कार्यकाल के दौरान अपराधियों का खात्मा कर दिया था। इन्हें कम्यूनिटी पुलिसिंग के लिए भी जाना जाता था।
 


साल 1993-94 में वे बेगूसराय और 1995-96 में जहानाबाद के एसपी रह चुके हैं। दोनों जिलों में अपने कार्यकाल के दौरान अपराधियों का खात्मा कर दिया था। इन्हें कम्यूनिटी पुलिसिंग के लिए भी जाना जाता था।
 

गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। 31 जनवरी 2019 को उन्हें बिहार का डीजीपी बनाया गया था। उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2021 को पूरा होने वाला था। लेकिन, राजनीति में आने के लिए पांच दिन पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया था। 
(फाइल फोटो)

गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। 31 जनवरी 2019 को उन्हें बिहार का डीजीपी बनाया गया था। उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2021 को पूरा होने वाला था। लेकिन, राजनीति में आने के लिए पांच दिन पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया था। 
(फाइल फोटो)

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