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लालू यादव के समधी चंद्रिका राय को माला पहनाने की मची ऐसी होड़, सभी लोग गिर पड़े नीचे

First Published Oct 16, 2020, 2:52 PM IST
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पटना  (Bihar ) ।  बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में प्रचार का दौर चल रहा है। गुरुवार को आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के समधी चंद्रिका राय (Chandrika Rai) बाल-बाल बच गए। हुआ यूं कि वो जब सोनपुर (Sonpur) में चुनाव प्रचार के लिए मंच पर पहुंचे तो उन्हें माला पहनाने वालों की होड़ मच गई थी। देखते ही देखते वहां कुछ ऐसा हुआ कि पूरा मच ही टूट गया और सभी नीचे गिर पड़े। बता दें कि चंद्रिका राय इस बार परसा (Parsa) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय के बीच तलाक का मामला कोर्ट में लंबित है। दामाद के इस फैसले से नाराज होकर उनके ससुर चंद्रिका राय आरजेडी छोड़कर जदयू में चले गए। वो अपनी परंपरागत सीट परसा से चुनाव लड़ रहे हैं।

तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय के बीच तलाक का मामला कोर्ट में लंबित है। दामाद के इस फैसले से नाराज होकर उनके ससुर चंद्रिका राय आरजेडी छोड़कर जदयू में चले गए। वो अपनी परंपरागत सीट परसा से चुनाव लड़ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि वो गुरुवार को सोनपुर में एक सभा कर रहे थे। सभा के दौरान मंच पर चंद्रिका राय के साथ एनडीए के कई नेता मौजूद थे। वह भाषण देते इससे पहले ही उन्हें माला पहनाने के लिए सभा में आए लोगों के बीच होड़ लग गई। 

बताया जा रहा है कि वो गुरुवार को सोनपुर में एक सभा कर रहे थे। सभा के दौरान मंच पर चंद्रिका राय के साथ एनडीए के कई नेता मौजूद थे। वह भाषण देते इससे पहले ही उन्हें माला पहनाने के लिए सभा में आए लोगों के बीच होड़ लग गई। 

लकड़ी के तख्तों को जोड़कर बनाया गया यह मंच छोटा था। ऐसे में अधिक लोगों का वजन नहीं उठा पाया और अचानक गिर गया। इसके साथ ही मंच पर मौजूद नेता और उनके समर्थक जमीन पर आ गिरे। कईयों को चोट लगी। 

लकड़ी के तख्तों को जोड़कर बनाया गया यह मंच छोटा था। ऐसे में अधिक लोगों का वजन नहीं उठा पाया और अचानक गिर गया। इसके साथ ही मंच पर मौजूद नेता और उनके समर्थक जमीन पर आ गिरे। कईयों को चोट लगी। 

मंच गिरते ही कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में चोटिल हुए लोगों की मरहम पट्टी की गई। हालांकि, किसी नेता को गंभीर चोट नहीं आई।
 

मंच गिरते ही कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में चोटिल हुए लोगों की मरहम पट्टी की गई। हालांकि, किसी नेता को गंभीर चोट नहीं आई।
 

बता दें कि इस इलाके में चंद्रिका राय के परिवार की पकड़ रही है। 1951 में यह विधानसभा क्षेत्र बना था, तब चंद्रिका के पिता दरोगा प्रसाद राय ने चुनाव जीते और परसा के पहले विधायक बने थे। वे यहां से 7 बार चुनाव जीते थे। 

बता दें कि इस इलाके में चंद्रिका राय के परिवार की पकड़ रही है। 1951 में यह विधानसभा क्षेत्र बना था, तब चंद्रिका के पिता दरोगा प्रसाद राय ने चुनाव जीते और परसा के पहले विधायक बने थे। वे यहां से 7 बार चुनाव जीते थे। 

 पिता की तरह चंद्रिका 1985 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने। 1990 में वे लालू प्रसाद की पार्टी में शामिल हो गए। 2005 और 2010 के चुनाव में चंद्रिका को जदयू के छोटेलाल राय ने हरा दिया, लेकिन 2015 में चंद्रिका फिर से जीत गए। वे इस बार भी इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

 पिता की तरह चंद्रिका 1985 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने। 1990 में वे लालू प्रसाद की पार्टी में शामिल हो गए। 2005 और 2010 के चुनाव में चंद्रिका को जदयू के छोटेलाल राय ने हरा दिया, लेकिन 2015 में चंद्रिका फिर से जीत गए। वे इस बार भी इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

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