पहला चुनाव हारने वाली रेणु देवी 5वीं बार बनीं MLA, अब बिहार की पहली महिला डिप्टी CM

First Published Nov 16, 2020, 3:09 PM IST

पटना (Bihar) ।  एनडीए ने इस बार बिहार में दो डिप्टी सीएम का बनाया है। बेतिया से पांच बार की विधायक और चुनाव के पहले तक भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुकी रेणु देवी को एनडीए सरकार में डिप्टी सीएम का पद देकर एक बड़ा दांव साधने की कोशिश की है। उन्होंने आज शपथ ग्रहण भी कर लिया है। वो बिहार सरकार में पहली महिला डिप्टी सीएम बनीगी। बताते चले कि रेणु देवी पहली बार चुनाव हार गई थी। आइये विस्तार से जानते हैं इनके बारे में।
 

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पश्चिमी चंपारण जिला के बेतिया की स्थायी निवासी रेणु देवी का जन्म 1959 में हुआ था। उनका बचपन से ही उनका जुड़ाव आरएसएस से रहा है। 31 वर्षो से वह बीजेपी जुड़ी हुई हैं। जिला और प्रदेश स्तर के महिला मोर्चा के पद को संभाला है।</p>


पश्चिमी चंपारण जिला के बेतिया की स्थायी निवासी रेणु देवी का जन्म 1959 में हुआ था। उनका बचपन से ही उनका जुड़ाव आरएसएस से रहा है। 31 वर्षो से वह बीजेपी जुड़ी हुई हैं। जिला और प्रदेश स्तर के महिला मोर्चा के पद को संभाला है।

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रेणु देवी अतिपिछड़ा वर्ग से आती हैं और अब तक के राजनीतिक जीवन मे अतिपिछड़ों खासकर नोनिया, बिंद और मल्लाह जाति पर अच्छा प्रभाव बनाए रही है।&nbsp;<br />
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रेणु देवी अतिपिछड़ा वर्ग से आती हैं और अब तक के राजनीतिक जीवन मे अतिपिछड़ों खासकर नोनिया, बिंद और मल्लाह जाति पर अच्छा प्रभाव बनाए रही है। 
 

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साल 1995 में पहली बार रेणु देवी बीजेपी से नौतन विधानसभा से चुनाव लड़ी। जहां इनको हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2000 में बीजेपी के टिकट पर बेतिया से चुनाव लड़ी और जीत दर्ज की। इसके बाद स लगतार यहां से बेतिया का प्रतिनिधित्व करती रही।<br />
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साल 1995 में पहली बार रेणु देवी बीजेपी से नौतन विधानसभा से चुनाव लड़ी। जहां इनको हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2000 में बीजेपी के टिकट पर बेतिया से चुनाव लड़ी और जीत दर्ज की। इसके बाद स लगतार यहां से बेतिया का प्रतिनिधित्व करती रही।
 

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साल 2007 में एनडीए सरकार में इनको कला एवं संस्कृति मंत्री भी बनाया गया था। हालांकि 2015 के चुनाव में 1640 के मामूली अंतर से हार गईं बावजूद क्षेत्र में विकास के कार्यों से जुड़ी रही। इस बार वो 18000 वोटों से जीतकर सूबे की डिप्टी सीएम की जिम्मेवारी सम्भालने वाली हैं।</p>


साल 2007 में एनडीए सरकार में इनको कला एवं संस्कृति मंत्री भी बनाया गया था। हालांकि 2015 के चुनाव में 1640 के मामूली अंतर से हार गईं बावजूद क्षेत्र में विकास के कार्यों से जुड़ी रही। इस बार वो 18000 वोटों से जीतकर सूबे की डिप्टी सीएम की जिम्मेवारी सम्भालने वाली हैं।

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बताते चले कि एक दिन पहले तार किशोर प्रसाद को बीजेपी के विधानमंडल दल (विधान परिषद और विधानसभा) का नेता चुना गया है। इसके अलावा बीजेपी के उप नेता के तौर पर रेणु देवी के नाम पर मुहर लगी थी।</p>


बताते चले कि एक दिन पहले तार किशोर प्रसाद को बीजेपी के विधानमंडल दल (विधान परिषद और विधानसभा) का नेता चुना गया है। इसके अलावा बीजेपी के उप नेता के तौर पर रेणु देवी के नाम पर मुहर लगी थी।

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