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4 टुकड़े में जिसकी मिली थी बिहार में लाश, 4 दिन बाद वहीं शख्स दिल्ली में पुलिस को जिंदा मिला, फिर..

First Published Sep 1, 2020, 1:36 PM IST
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बेतिया (Bihar) । हाई प्रोफाइल मो.अब्दुल खालिद हुसैन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने मृतक खालिद को दिल्ली से जिंदा गिरफ्तार कर लिया। इससे नगर परिषद सभापति गरिमा सिकारिया व उनके पति रोहित सिकारिया ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पीड़ित परिवार ने हत्या करवाने का आरोप उनपर लगाया था। इस मामले में पुलिस ने बाप-बेटे सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन, जिस व्‍यक्ति का शव चार टुकड़ो में मिला था उसकी पहचान नहीं हो सकी हैं, जो पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।
 

23 अगस्त की सुबह बोरे में बंद एक शव मिला था,जिसकी पहचान अख्तर हुसैन ने अपने बेटे मो.अब्दुल खालिद हुसैन के रूप में की गई थी। वहीं, मौके से एक धमकी भरा पत्र भी मिला था, जिसमें बियाडा की विवादित जमीन छोड़ने की धमकी दी गई थी, जिसको लेकर परिजनों ने सीधा आरोप नगर परिषद सभापति व उनके पति पर लगाया था।
( प्रतीकात्मक फोटो) 

23 अगस्त की सुबह बोरे में बंद एक शव मिला था,जिसकी पहचान अख्तर हुसैन ने अपने बेटे मो.अब्दुल खालिद हुसैन के रूप में की गई थी। वहीं, मौके से एक धमकी भरा पत्र भी मिला था, जिसमें बियाडा की विवादित जमीन छोड़ने की धमकी दी गई थी, जिसको लेकर परिजनों ने सीधा आरोप नगर परिषद सभापति व उनके पति पर लगाया था।
( प्रतीकात्मक फोटो) 


हत्या को लेकर परिजनों और स्‍थानीय लोगों ने जमकर बवाल भी मचाया था और विपक्षी पार्टी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही थी। एसपी निताशा गुरिया ने बताया कि यह मामला काफी हाई प्रोफाइल हो गया था, जिसे लेकर एसडीपीओ सदर व खुद के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
( प्रतीकात्मक फोटो) 


हत्या को लेकर परिजनों और स्‍थानीय लोगों ने जमकर बवाल भी मचाया था और विपक्षी पार्टी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही थी। एसपी निताशा गुरिया ने बताया कि यह मामला काफी हाई प्रोफाइल हो गया था, जिसे लेकर एसडीपीओ सदर व खुद के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
( प्रतीकात्मक फोटो) 

टीम ने जांच शुरू कर चार दिन के अंदर ही इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए मृत खालिद को जिंदा दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मो.अब्दुल खालिद हुसैन ने बताया कि यह सब साजिश बेलदारी के एक युवक शादिक के कहने पर की थी। इसके लिए उसने 20 हजार रुपये दिए थे। शादिक ने उसे नरकटियागंज छोड़ा था जहां से वह अपने दोस्त रंजीत के साथ दिल्ली चला गया था।

टीम ने जांच शुरू कर चार दिन के अंदर ही इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए मृत खालिद को जिंदा दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मो.अब्दुल खालिद हुसैन ने बताया कि यह सब साजिश बेलदारी के एक युवक शादिक के कहने पर की थी। इसके लिए उसने 20 हजार रुपये दिए थे। शादिक ने उसे नरकटियागंज छोड़ा था जहां से वह अपने दोस्त रंजीत के साथ दिल्ली चला गया था।


पुलिस के मुताबिक, खालिद और उसके दोस्तों ने मिलकर ही एक व्यक्ति की हत्या की थी। जमीन विवाद में नगर परिषद सभापति और उनके पति को फंसाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी। (प्रतीकात्मक फोटो)


पुलिस के मुताबिक, खालिद और उसके दोस्तों ने मिलकर ही एक व्यक्ति की हत्या की थी। जमीन विवाद में नगर परिषद सभापति और उनके पति को फंसाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी। (प्रतीकात्मक फोटो)


पुलिस ने इस मामले में खालिद के पिता को भी गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार किया हैं। लेकिन, गिरफ्तार लोगों ने अब तक पुलिस को यह नहीं बताया है कि आखिर वह लाश किसकी थी जिसे खालिद के पिता ने अपना बेटा बताया था। (प्रतीकात्मक फोटो)


पुलिस ने इस मामले में खालिद के पिता को भी गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार किया हैं। लेकिन, गिरफ्तार लोगों ने अब तक पुलिस को यह नहीं बताया है कि आखिर वह लाश किसकी थी जिसे खालिद के पिता ने अपना बेटा बताया था। (प्रतीकात्मक फोटो)

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