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लालू प्रसाद ने आधी रात को मनाया बेटी के घर जन्मदिन, पत्नी ने पहले खिलाया केक, सामने आई तस्वीर...

First Published Jun 11, 2021, 2:13 PM IST
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पटना (Bihar) । आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव 73 साल के हो गए हैं। गुरुवार देर रात 12 बजे मीसा भारती ने लालू यादव से केक कटवाया।​ लेकिन, सबसे पहले राबड़ी देवी ने उन्हें केक खिलाया। बता दें कि लालू यादव जेल से बेल मिलने के बाद RJD सांसद और अपनी बेटी मीसा भारती के दिल्ली वाले सरकारी आवास पर हैं। ऐसे उनके राजनीतिक सफर के बारे में बता रहे हैं।

बताते चले कि लालू यादव इन दिनों दिल्ली में हैं। जमानत मिलने के बाद वह अपनी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के साथ रह रहे हैं। वह पटना कब आएंगे इस बारे में कहा नहीं जा सकता, लेकिन माना जा रहा है कि कोरोना के चलते वह पटना नहीं आ रहे हैं।

बताते चले कि लालू यादव इन दिनों दिल्ली में हैं। जमानत मिलने के बाद वह अपनी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के साथ रह रहे हैं। वह पटना कब आएंगे इस बारे में कहा नहीं जा सकता, लेकिन माना जा रहा है कि कोरोना के चलते वह पटना नहीं आ रहे हैं।

लालू प्रसाद यादव की शुरूआती पढ़ाई गोपालगंज से हुई। वे लॉ की पढ़ाई के लिए पटना आ गए। 1973 में उन्होंने छात्र संघ का चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। इसके बाद वे जेपी आंदोलन से जुड़ गए। इसके ठीक चार साल बाद यानी 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की और 29 साल की उम्र में सांसद बने।

लालू प्रसाद यादव की शुरूआती पढ़ाई गोपालगंज से हुई। वे लॉ की पढ़ाई के लिए पटना आ गए। 1973 में उन्होंने छात्र संघ का चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। इसके बाद वे जेपी आंदोलन से जुड़ गए। इसके ठीक चार साल बाद यानी 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की और 29 साल की उम्र में सांसद बने।

10 मार्च 1990 को लालू पहली बार बिहार के मुख्‍यमंत्री बने। पांच साल बाद फिर से उनकी वापसी हुई। 1997 में वे जनता दल से अलग हो गए और राष्ट्रीय जनता दल नाम से खुद की पार्टी बनाई। इसी साल उन पर चारा घोटाला का आरोप लगा और उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। 
 

10 मार्च 1990 को लालू पहली बार बिहार के मुख्‍यमंत्री बने। पांच साल बाद फिर से उनकी वापसी हुई। 1997 में वे जनता दल से अलग हो गए और राष्ट्रीय जनता दल नाम से खुद की पार्टी बनाई। इसी साल उन पर चारा घोटाला का आरोप लगा और उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। 
 

2004 में केंद्र में यूपीए की सरकार बनी। लालू की पार्टी भी यूपीए सरकार में शामिल हुई। लालू को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। 2009 तक वे रेल मंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने कई अहम काम किए जिसकी तारीफ भारत के साथ-साथ दुनिया के दूसरे देशों में भी हुई। IIM से लेकर हार्वर्ड तक उनके काम और मैनेजमेंट स्किल्स की चर्चा हुई।

2004 में केंद्र में यूपीए की सरकार बनी। लालू की पार्टी भी यूपीए सरकार में शामिल हुई। लालू को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। 2009 तक वे रेल मंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने कई अहम काम किए जिसकी तारीफ भारत के साथ-साथ दुनिया के दूसरे देशों में भी हुई। IIM से लेकर हार्वर्ड तक उनके काम और मैनेजमेंट स्किल्स की चर्चा हुई।

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