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कोरोना निगेटिव आने के बाद से रोज 5-6 KM दौड़ रहे मिलिंद सोमन, इतने दिनों बाद अब जाकर पूरा किया टारगेट

First Published Jun 2, 2021, 6:15 PM IST
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मुंबई. मॉडल और एक्टर मिलिंद सोमन (Milind Soman) 55 की उम्र में भी जवान नजर आते हैं और इसका राज है उनकी फिटनेस। उनकी लाइफस्टाइल काफी बेहतरीन है। वे हर दिन जमकर वर्कआउट करते है और सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज और वीडियोज शेयर करते रहते हैं। अप्रैल में कोरोना को मात देने के बाद वे लगातार अपनी स्ट्रेंथ पर काम कर रहे हैं और फैन्स के लिए टिप्स भी शेयर कर रहे हैं। कुछ घंटे पहले शेयर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर उन्होंने बताया कि कैसे कोविड-19 से उबरने के बाद उन्होंने 10 हजार किमी दौड़ के लिए कमर कसी। और आखिरकार वे इसमें सफल भी रहे। 

उन्होंने इंस्टाग्राम पर फोटोज शेयर कर लिखा- मेरी पहली 10km पोस्ट COVID! 62 मिनट, आरामदायक, अधिकतम हार्ट बीट रन के दौरान 142। 5 अप्रैल को मेरी निगेटिव रिपोर्ट आई, इसके बाद से मैं हर दिन 5-6 किमी दौड़ रहा हूं। दौड़ने के बारे में मुझसे कई लोगों ने सवाल पूछे उनका जवाब भी दे रहा हूं। 
 

उन्होंने इंस्टाग्राम पर फोटोज शेयर कर लिखा- मेरी पहली 10km पोस्ट COVID! 62 मिनट, आरामदायक, अधिकतम हार्ट बीट रन के दौरान 142। 5 अप्रैल को मेरी निगेटिव रिपोर्ट आई, इसके बाद से मैं हर दिन 5-6 किमी दौड़ रहा हूं। दौड़ने के बारे में मुझसे कई लोगों ने सवाल पूछे उनका जवाब भी दे रहा हूं। 
 

एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया- दौड़ने के लिए मैं या तो पांच उंगलियों के साथ वाइब्रम पहनता हूं या लूना सैंडल। मैं बंद जूतों अनकम्फर्टेबल फील करता हूं, मैं नेचुरल फॉर्म में नहीं दौड़ सकता।
 

एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया- दौड़ने के लिए मैं या तो पांच उंगलियों के साथ वाइब्रम पहनता हूं या लूना सैंडल। मैं बंद जूतों अनकम्फर्टेबल फील करता हूं, मैं नेचुरल फॉर्म में नहीं दौड़ सकता।
 

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया- मेरे लिए सॉफ्ट या हार्ड जगह मायने नहीं रखती बल्कि टेक्नीक मायने रखती है। मेरा मानना है कि आराम से दौड़ना चाहिए। उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा- सही ढंग और रेग्युलर दौड़ने से पैर मजबूत होते है। यह घुटनों के लिए अच्छा होता है।

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया- मेरे लिए सॉफ्ट या हार्ड जगह मायने नहीं रखती बल्कि टेक्नीक मायने रखती है। मेरा मानना है कि आराम से दौड़ना चाहिए। उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा- सही ढंग और रेग्युलर दौड़ने से पैर मजबूत होते है। यह घुटनों के लिए अच्छा होता है।

उन्होंने बताया- यदि आप शुरू कर रहे हैं, फिर से शुरू कर रहे हैं, बीमार हो गए हैं, घायल हो गए हैं, अधिक वजन वाले हैं, तो बहुत धीमी गति और कम दूरी से आराम से शुरू करें। ऐसा रेग्युलर करने से फायदा होगा।

उन्होंने बताया- यदि आप शुरू कर रहे हैं, फिर से शुरू कर रहे हैं, बीमार हो गए हैं, घायल हो गए हैं, अधिक वजन वाले हैं, तो बहुत धीमी गति और कम दूरी से आराम से शुरू करें। ऐसा रेग्युलर करने से फायदा होगा।

डाइट को लेकर एक द्वारा किए सवाल के जवाब में मिलिंद ने कहा- अगर मैं दिन में 5-6 किमी दौड़ता हूं तो मुझे किसी स्पेशन डाइट की जरूरत नहीं है। अगर मैं दिन में 50-60 किमी दौड़ रहा हूं तो मुझे और अधिक खाने की आवश्यकता हो सकती है।

डाइट को लेकर एक द्वारा किए सवाल के जवाब में मिलिंद ने कहा- अगर मैं दिन में 5-6 किमी दौड़ता हूं तो मुझे किसी स्पेशन डाइट की जरूरत नहीं है। अगर मैं दिन में 50-60 किमी दौड़ रहा हूं तो मुझे और अधिक खाने की आवश्यकता हो सकती है।

मिलिंद ने खास टिप्स्स देते हुए कहा- मैं सनस्क्रीन का यूज कभी नहीं करता। दौड़ने के बाद अगर धूप बहुत तेज है, तो मैं अपने चेहरे पर थोड़ा सा दही लगाता हूं और सूखने पर पानी से धोता हूं। इससे स्किन अच्छी अच्छी होती है और खुद को अच्छा फील होता है।

मिलिंद ने खास टिप्स्स देते हुए कहा- मैं सनस्क्रीन का यूज कभी नहीं करता। दौड़ने के बाद अगर धूप बहुत तेज है, तो मैं अपने चेहरे पर थोड़ा सा दही लगाता हूं और सूखने पर पानी से धोता हूं। इससे स्किन अच्छी अच्छी होती है और खुद को अच्छा फील होता है।

आपको बता दें कि मिलिंद खुद को फिट रखने के लिए काफी मेहनत करते हैं। उन्होंने बताया था- सुबह उठकर करीब 500 एमएल पानी, जो रूम टेम्परेचर पर होता है पीता हूं। नाश्ता करीब 10 बजे करता हूं। इसमें कुछ नट्स, पपीता, तरबूज या खरबूजा, कोई सीजनल फ्रूट जैसे आम खाता हूं। बात मीठा खाने की हो तो वे गुड़ खाते हैं।

आपको बता दें कि मिलिंद खुद को फिट रखने के लिए काफी मेहनत करते हैं। उन्होंने बताया था- सुबह उठकर करीब 500 एमएल पानी, जो रूम टेम्परेचर पर होता है पीता हूं। नाश्ता करीब 10 बजे करता हूं। इसमें कुछ नट्स, पपीता, तरबूज या खरबूजा, कोई सीजनल फ्रूट जैसे आम खाता हूं। बात मीठा खाने की हो तो वे गुड़ खाते हैं।

बता दें कि मिलिंद फिटनेस बरकरार रखने के लिए कभी जिम नहीं जाते और ना ही हर दिन रनिंग करते हैं। मिलिंद की मानें तो जिम, सिर्फ बॉडी बिल्डिंग के लिए है लेकिन फिटनेस के लिए नहीं। जब वे 38 साल के थे तभी उन्होंने जिम जाना छोड़ दिया था और वो मानते हैं कि 20 साल पहले की तुलना में आज वो ज्यादा फिट हैं।

बता दें कि मिलिंद फिटनेस बरकरार रखने के लिए कभी जिम नहीं जाते और ना ही हर दिन रनिंग करते हैं। मिलिंद की मानें तो जिम, सिर्फ बॉडी बिल्डिंग के लिए है लेकिन फिटनेस के लिए नहीं। जब वे 38 साल के थे तभी उन्होंने जिम जाना छोड़ दिया था और वो मानते हैं कि 20 साल पहले की तुलना में आज वो ज्यादा फिट हैं।

मिलिंद कहते हैं कि वह फिट रहने के लिए सिंपल एक्सरसाइज जैसे- पुशअप्स, पुल-अप्स और रनिंग करते हैं। फिट रहने के लिए जिम जाना बिल्कुल जरूरी नहीं है।वे हर दिन नहीं बल्कि हफ्ते में 3-4 बार रनिंग करते हैं। उनका मानना है कि शरीर का हर वक्त एक्टिव रहना बहुत जरूरी है।
 

मिलिंद कहते हैं कि वह फिट रहने के लिए सिंपल एक्सरसाइज जैसे- पुशअप्स, पुल-अप्स और रनिंग करते हैं। फिट रहने के लिए जिम जाना बिल्कुल जरूरी नहीं है।वे हर दिन नहीं बल्कि हफ्ते में 3-4 बार रनिंग करते हैं। उनका मानना है कि शरीर का हर वक्त एक्टिव रहना बहुत जरूरी है।
 

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