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40 साल पहले हुए हादसे ने उजाड़कर रख दी थी इस एक्ट्रेस की जिंदगी, 1 कारण से लेना चाहती थी अपनी जान

First Published Apr 14, 2021, 1:08 PM IST
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मुंबई. हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, मलयालम, भोजपुरी और गुजराती फिल्मों में काम करने वाली 55 साल की सुधा चंद्रन (Sudha Chandran) ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ा एक दर्दनाक राज शेयर किया है। उन्होंने 40 साल पहले खुद के साथ हुए के खतरनाक एक्सीडेंट के बारे में विस्तार से बात की और बताया कि कैसे इस एक हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि एक्सीडेंट के बाद वे इतना ज्यादा डिप्रेशन में चली गई थी कि वे अपनी जान तक देना चाहती थी। उनके मन में कई बार ख्याल आया कि आखिर वे जिंदा क्यों है लेकिन उनके पेरेंट्स ने उनको मोटिवेट किया। बता दें कि सुधा ने सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि टीवी की दुनिया में भी अपनी शानदार अदाकारी से खूब नाम कमाया। 

सुधा चंद्रन आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। वे टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक हैं और भरतनाट्यम डांसर भी। बता दें कि सुधा ने एक ऐक्सिडेंट में अपना एक पैर गंवा दिया था, जिसके बाद उनकी जिंदगी ही उजड़ गई थी। उनके मन में मरने के ख्याल आने लगे थे। लेकिन जो सपने उन्होंने बुने थे, उन्हें पूरा करने के लिए उन्होंने मेहनत की।

सुधा चंद्रन आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। वे टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक हैं और भरतनाट्यम डांसर भी। बता दें कि सुधा ने एक ऐक्सिडेंट में अपना एक पैर गंवा दिया था, जिसके बाद उनकी जिंदगी ही उजड़ गई थी। उनके मन में मरने के ख्याल आने लगे थे। लेकिन जो सपने उन्होंने बुने थे, उन्हें पूरा करने के लिए उन्होंने मेहनत की।

उन्होंने बताया- मई 1981 की बात है जब वे 16 साल की थी। इसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था। एक पैर में फ्रैक्चर आया और काफी चोट भी लगी। डॉक्टर ने तब तो चोट पर पट्टी कर दी, लेकिन बाद में पैर में गैंगरिन बन गया और पैर काटना पड़ा। इससे उनकी जिंदगी उजड़ गई थी।

उन्होंने बताया- मई 1981 की बात है जब वे 16 साल की थी। इसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था। एक पैर में फ्रैक्चर आया और काफी चोट भी लगी। डॉक्टर ने तब तो चोट पर पट्टी कर दी, लेकिन बाद में पैर में गैंगरिन बन गया और पैर काटना पड़ा। इससे उनकी जिंदगी उजड़ गई थी।

उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट के बाद उनके पास दो ही रस्ते थे। एक तो यह कि या तो मैं दोबारा चलना शुरू करूं या फिर अपनी जिंदगी खत्म कर लूं क्योंकि उस वक्त मैं जीना नहीं चाहती थी।

उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट के बाद उनके पास दो ही रस्ते थे। एक तो यह कि या तो मैं दोबारा चलना शुरू करूं या फिर अपनी जिंदगी खत्म कर लूं क्योंकि उस वक्त मैं जीना नहीं चाहती थी।

इसके बाद उन्होंने प्रोस्थेटिक पैर लगवाया। इसके सहारे उन्होंने 2 साल तक चलना सीखा। और फिर उन्होंने साउदी अरब, यूके, कनाडा, कुवैत सहित अन्य देशों में क्लासिकल डांस की परफॉर्मेंस दी।

इसके बाद उन्होंने प्रोस्थेटिक पैर लगवाया। इसके सहारे उन्होंने 2 साल तक चलना सीखा। और फिर उन्होंने साउदी अरब, यूके, कनाडा, कुवैत सहित अन्य देशों में क्लासिकल डांस की परफॉर्मेंस दी।

उन्होंने इंटरव्यू में बताया- जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया जब उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं और लोगों ने उन्हें एक्टिंग छोड़ने की सलाह दी। शुरुआत में इंडस्ट्री में काम पाने के लिए मुझे संघर्ष नहीं करना पड़ा क्योंकि मेरी पहली फिल्म नाचे मयूरी, वह मेरी खुद की जिंदगी पर आधारित थी। 

उन्होंने इंटरव्यू में बताया- जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया जब उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं और लोगों ने उन्हें एक्टिंग छोड़ने की सलाह दी। शुरुआत में इंडस्ट्री में काम पाने के लिए मुझे संघर्ष नहीं करना पड़ा क्योंकि मेरी पहली फिल्म नाचे मयूरी, वह मेरी खुद की जिंदगी पर आधारित थी। 

सुधा चंद्रन ने आगे बताया कि वे 7 साल तक बेरोजगार रहीं। उनके पास कोई काम नहीं था। फिर एकता कपूर की वजह से उनकी किस्मत बदल गई। एकता के शो कहीं किसी रोज से सुधा ने छोटे पर्दे पर एंट्री मारी। 

सुधा चंद्रन ने आगे बताया कि वे 7 साल तक बेरोजगार रहीं। उनके पास कोई काम नहीं था। फिर एकता कपूर की वजह से उनकी किस्मत बदल गई। एकता के शो कहीं किसी रोज से सुधा ने छोटे पर्दे पर एंट्री मारी। 

उन्होंने बताया- जब एकता कपूर ने कहीं किसी रोज में रमोला सिकंद के निगेटिव किरदार के लिए मुझे एप्रोच किया तो उस वक्त मेरे पास कोई काम नहीं था। इस रोल को लेकर मैं कन्फ्यूज थीं। फिर काफी सचने के बाद उन्होंने रोल प्ले किया। आज लोग रियल लाइफ में उनको रमोला सिकंद के नाम से भी पहचानते हैं।

उन्होंने बताया- जब एकता कपूर ने कहीं किसी रोज में रमोला सिकंद के निगेटिव किरदार के लिए मुझे एप्रोच किया तो उस वक्त मेरे पास कोई काम नहीं था। इस रोल को लेकर मैं कन्फ्यूज थीं। फिर काफी सचने के बाद उन्होंने रोल प्ले किया। आज लोग रियल लाइफ में उनको रमोला सिकंद के नाम से भी पहचानते हैं।

सुधा ने थानेदार, पति परमेश्वर, कुर्बान, निश्चय, शोला और शबनम, इंसाफ की देवी, अंजाम, मिलन, हम आपके दिल में रहते हैं, मालामाल विकली, सिफर जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने टीवी शो हिना, शाका लाका बूम बूम, तुम बिन जाऊं कहां, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, जमीन से आसमान तक, किस देश में है मेरा दिल, शुभ कदम, माता की चौकी, एक थी नायिका, शास्त्री सिस्टर्स, नागिन, शनि में भी नजर आ चुकी है।

सुधा ने थानेदार, पति परमेश्वर, कुर्बान, निश्चय, शोला और शबनम, इंसाफ की देवी, अंजाम, मिलन, हम आपके दिल में रहते हैं, मालामाल विकली, सिफर जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने टीवी शो हिना, शाका लाका बूम बूम, तुम बिन जाऊं कहां, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, जमीन से आसमान तक, किस देश में है मेरा दिल, शुभ कदम, माता की चौकी, एक थी नायिका, शास्त्री सिस्टर्स, नागिन, शनि में भी नजर आ चुकी है।

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