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Budget 2021 : क्या किसानों पर भी लगता है टैक्स, खेती से होने वाली कमाई को लेकर जानें क्या हैं नियम

First Published Jan 30, 2021, 6:52 PM IST
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बिजनेस डेस्क। अब बजट पेश किए जाने का समय बिल्कुल करीब आ गया है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) बजट पेश करेंगी। कई मामलों में यह बजट पहले की तुलना में खास होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस बार बजट में किसानों के लिए कुछ नई योजनाएं लाई जा सकती हैं या पुरानी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ बड़ी संख्या में किसान करीब 2 महीने से आंदोलन कर रहे हैं। बजट को लेकर हर किसी के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या किसानों की आय पर सरकार टैक्स लगाती है? किसानों की किस तरह की आय टैक्स के दायरे में आती है या उन्हें किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता है, जानते हैं इसके बारे में। (फाइल फोटो)
 

बता दें कि खेती से होने वाली आय पर किसी तरह का कोई भी टैक्स नहीं लगता है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 10(1) के तहत खेती से होने वाली आमदनी टैक्स फ्री है। इसकी बड़ी वजह यह है कि देश में ज्यादातर किसान जीवन निर्वाह के लिए खेती करते हैं। इसके पीछे उनका मकसद किसी तरह का मुनाफा कमाना नहीं होता है। (फाइल फोटो)

बता दें कि खेती से होने वाली आय पर किसी तरह का कोई भी टैक्स नहीं लगता है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 10(1) के तहत खेती से होने वाली आमदनी टैक्स फ्री है। इसकी बड़ी वजह यह है कि देश में ज्यादातर किसान जीवन निर्वाह के लिए खेती करते हैं। इसके पीछे उनका मकसद किसी तरह का मुनाफा कमाना नहीं होता है। (फाइल फोटो)

भारत में अभी खेती व्यापार के मकसद से कम ही होती है। कमर्शियल कॉर्प्स किसान कम ही बोते हैं। भारत में कमर्शियल एग्रीकल्चर का ढांचा विकसित नहीं हो सका है। ऐसे किसानों की संख्या ज्यादा है, जिनके पास छोटी जोतें हैं। कम जमीन पर वे उतना ही अनाज उपजा पाते हैं, जितने में उनका गुजारा हो सके। वहीं, सिंचाई के लिए ज्यादातर किसान बारिश पर निर्भर हैं। कई बार जरूरत से कम बारिश होने पर या बाढ़ आ जाने पर किसानों की फसल मारी जाती है। ऐसे में, सरकार उन्हें कई तरह की सहायता उपलब्ध कराती है। (फाइल फोटो)

भारत में अभी खेती व्यापार के मकसद से कम ही होती है। कमर्शियल कॉर्प्स किसान कम ही बोते हैं। भारत में कमर्शियल एग्रीकल्चर का ढांचा विकसित नहीं हो सका है। ऐसे किसानों की संख्या ज्यादा है, जिनके पास छोटी जोतें हैं। कम जमीन पर वे उतना ही अनाज उपजा पाते हैं, जितने में उनका गुजारा हो सके। वहीं, सिंचाई के लिए ज्यादातर किसान बारिश पर निर्भर हैं। कई बार जरूरत से कम बारिश होने पर या बाढ़ आ जाने पर किसानों की फसल मारी जाती है। ऐसे में, सरकार उन्हें कई तरह की सहायता उपलब्ध कराती है। (फाइल फोटो)

खेती से होने वाली कमाई या एग्रीकल्चर इनकम (Agriculture Income) क्या है, इसके बारे में भी लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति है। बता दें कि खेती की जमीन को ठेके या लीज पर देने से हुई कमाई को खेती से हुई कमाई कहा जा सकता है। खेती से होने वाली कमाई पर किसी तरह का कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता है। (फाइल फोटो)

खेती से होने वाली कमाई या एग्रीकल्चर इनकम (Agriculture Income) क्या है, इसके बारे में भी लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति है। बता दें कि खेती की जमीन को ठेके या लीज पर देने से हुई कमाई को खेती से हुई कमाई कहा जा सकता है। खेती से होने वाली कमाई पर किसी तरह का कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता है। (फाइल फोटो)

एग्रीकल्चर इनकम में खेती की उपज से होने वाली आय और जमीन के किराए के रूप में मिलने वाली रकम भी शामिल है। इस पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगता है। अगर खेती की जमीन पर कोई घर बना है, जिसमें कोई किसान रहता है या उसे स्टोर रूम या आउट हाउस की तरह इस्तेमाल करता है तो भी उस जमीन से हुई आय को एग्रीकल्चर इनकम कहते हैं। यह भी टैक्स फ्री है। (फाइल फोटो)

एग्रीकल्चर इनकम में खेती की उपज से होने वाली आय और जमीन के किराए के रूप में मिलने वाली रकम भी शामिल है। इस पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगता है। अगर खेती की जमीन पर कोई घर बना है, जिसमें कोई किसान रहता है या उसे स्टोर रूम या आउट हाउस की तरह इस्तेमाल करता है तो भी उस जमीन से हुई आय को एग्रीकल्चर इनकम कहते हैं। यह भी टैक्स फ्री है। (फाइल फोटो)

अगर कोई फार्म बना कर बड़े पैमाने पर खेती करता है और उपज को बेच कर मुनाफा हासिल करता है, तो इस पर भी टैक्स नहीं लगता है। इसका मतलब है कि खेती से होने वाली आय पर किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता है। यानी खेती से हुई आय को इनकम टैक्स के दायरे में नहीं रखा गया है। (फाइल फोटो)

अगर कोई फार्म बना कर बड़े पैमाने पर खेती करता है और उपज को बेच कर मुनाफा हासिल करता है, तो इस पर भी टैक्स नहीं लगता है। इसका मतलब है कि खेती से होने वाली आय पर किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता है। यानी खेती से हुई आय को इनकम टैक्स के दायरे में नहीं रखा गया है। (फाइल फोटो)

अगर किसी कृषि उत्पाद से प्रोसेस्ड फूड तैयार किया जा रहा है और उसे बाजार में बेच कर कमाई की जा रही है, तो उसे एग्रीकल्चर इनकम नहीं माना जाएगा। ऐसे इनकम पर टैक्स लगता है। अगर गन्ना उत्पादक किसान अपना गन्ना सीधे बेचता है, तो वह कृषि आय होगी और उस पर टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन अगर किसान गन्ने से गुड़ या चीनी बनाकर बाजार में बेचता है तो वह कृषि से होने वाली इनकम नहीं रहेगी। यह व्यावसायिक आमदनी होगी और उस पर नियम के मुताबिक टैक्स लगेगा। वहीं, पेड़ों की बिक्री भी एग्रीकल्चर इनकम के दायरे से बाहर होती है। इस पर भी नियम के अनुसार टैक्स लगेगा। (फाइल फोटो)

अगर किसी कृषि उत्पाद से प्रोसेस्ड फूड तैयार किया जा रहा है और उसे बाजार में बेच कर कमाई की जा रही है, तो उसे एग्रीकल्चर इनकम नहीं माना जाएगा। ऐसे इनकम पर टैक्स लगता है। अगर गन्ना उत्पादक किसान अपना गन्ना सीधे बेचता है, तो वह कृषि आय होगी और उस पर टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन अगर किसान गन्ने से गुड़ या चीनी बनाकर बाजार में बेचता है तो वह कृषि से होने वाली इनकम नहीं रहेगी। यह व्यावसायिक आमदनी होगी और उस पर नियम के मुताबिक टैक्स लगेगा। वहीं, पेड़ों की बिक्री भी एग्रीकल्चर इनकम के दायरे से बाहर होती है। इस पर भी नियम के अनुसार टैक्स लगेगा। (फाइल फोटो)

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