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Post Office की सेविंग्स स्कीम्स में पैसा निकालने के बदल गए नियम, लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

First Published Sep 18, 2020, 9:20 AM IST
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बिजनेस डेस्क। पोस्ट ऑफिस की (Post Office) स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Saving Schemes) में काफी लोग अपनी बचत जमा करते हैं। पोस्ट ऑफिस की कई बचत योजनाएं लोगों के बीच बेहद पॉपुलर हैं। इनमें बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम से ज्यादा रिटर्न मिलता है। साथ ही, पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में किए जाने वाला निवेश हर हाल में सुरक्षित रहता है। यहां किए गए निवेश पर सरकार की सॉवरेन गांरटी मिलती है, इसलिए पैसा कभी डूब नहीं सकता। पोस्ट ऑफिस की पीपीएफ (PPF), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में बड़ी संख्या में लोग निवेश करते हैं। इन योजनाओं की मेच्योरिटी पूरी होने के बाद निवेशकों को अपना पैसा निकालने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए एक सर्कुलर जारी कर डिपार्टममेंट ऑफ पोस्ट ने नियमों में बदलाव किया है।  
(फाइल फोटो)
 

गवाहों की मौजूदगी जरूरी नहीं
अब तक पोस्ट ऑफिस की स्कीम की मेच्योरिटी के बाद पैसे का क्लेम कर उसे लेने के लिए गवाहों की मौजूदगी जरूरी होती थी। कुछ डॉक्युमेंट्स पर उनके दस्तखत के बिना क्लेम नहीं स्वीकार किया जाता था और पैसे का पेमेंट नहीं हो पाता था। अब इस नियम में बदलाव किया गया है।
(फाइल फोटो)

गवाहों की मौजूदगी जरूरी नहीं
अब तक पोस्ट ऑफिस की स्कीम की मेच्योरिटी के बाद पैसे का क्लेम कर उसे लेने के लिए गवाहों की मौजूदगी जरूरी होती थी। कुछ डॉक्युमेंट्स पर उनके दस्तखत के बिना क्लेम नहीं स्वीकार किया जाता था और पैसे का पेमेंट नहीं हो पाता था। अब इस नियम में बदलाव किया गया है।
(फाइल फोटो)

डॉक्युमेंट्स दिखाने भर से होगा काम
पोस्टल डिपार्टमेंट के सर्कुलर के मुताबिक, अब कुछ डॉक्युमेंट्स दिखा कर के भी यह काम हो जाएगा। विभाग का कहना है कि गवाहों का पहचान पत्र और ऐड्रेस प्रूफ केवाईसी (KYC) मास्टर सर्कुलर द्वारा तय फॉर्मेट में होना चाहिए। 
(फाइल फोटो)

डॉक्युमेंट्स दिखाने भर से होगा काम
पोस्टल डिपार्टमेंट के सर्कुलर के मुताबिक, अब कुछ डॉक्युमेंट्स दिखा कर के भी यह काम हो जाएगा। विभाग का कहना है कि गवाहों का पहचान पत्र और ऐड्रेस प्रूफ केवाईसी (KYC) मास्टर सर्कुलर द्वारा तय फॉर्मेट में होना चाहिए। 
(फाइल फोटो)

गवाह का सेल्फ अटेस्टेड आईडी प्रूफ
जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, अब गवाह का खुद पोस्ट ऑफिस में मौजूद होना जरूरी नहीं है। अगर गवाह का दस्तखत किया हुआ सेल्फ अटेस्टेड आईडी प्रूफ और ऐड्रेस प्रूफ क्लेम डॉक्युमेंट के साथ दिया जा रहा हो, तो पोस्ट ऑफिस क्लेम को स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता। 
(फाइल फोटो)

गवाह का सेल्फ अटेस्टेड आईडी प्रूफ
जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, अब गवाह का खुद पोस्ट ऑफिस में मौजूद होना जरूरी नहीं है। अगर गवाह का दस्तखत किया हुआ सेल्फ अटेस्टेड आईडी प्रूफ और ऐड्रेस प्रूफ क्लेम डॉक्युमेंट के साथ दिया जा रहा हो, तो पोस्ट ऑफिस क्लेम को स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता। 
(फाइल फोटो)

डिपार्टमेंट को मिल रही थीं शिकायतें
यह निर्देश सभी पोस्ट ऑफिस की सभी ब्रांचों को जारी किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि पोस्टल डिपार्टमेंट को ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि मृत व्यक्तियों के पीपीएफ या किसी भी दूसरी छोटी बचत योजना के क्लेम को स्वीकार करने के लिए पोस्ट ऑफिस के अधिकारी 2 गवाह लाने के लिए कह रहे थे। इसे देखते हुए विभाग ने यह नया निर्देश जारी किया है।  

डिपार्टमेंट को मिल रही थीं शिकायतें
यह निर्देश सभी पोस्ट ऑफिस की सभी ब्रांचों को जारी किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि पोस्टल डिपार्टमेंट को ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि मृत व्यक्तियों के पीपीएफ या किसी भी दूसरी छोटी बचत योजना के क्लेम को स्वीकार करने के लिए पोस्ट ऑफिस के अधिकारी 2 गवाह लाने के लिए कह रहे थे। इसे देखते हुए विभाग ने यह नया निर्देश जारी किया है।  

पहचान पत्र के लिए डॉक्युमेंट्स
पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं का क्लेम हासिल करने के लिए उन्हीं डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ती है, जिनका इस्तेमाल दूसरे सरकारी कामों में किया जाता है। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पोस्ट ऑफिस आईडी कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड या केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र होना चाहिए।
(फाइल फोटो)

पहचान पत्र के लिए डॉक्युमेंट्स
पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं का क्लेम हासिल करने के लिए उन्हीं डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ती है, जिनका इस्तेमाल दूसरे सरकारी कामों में किया जाता है। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पोस्ट ऑफिस आईडी कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड या केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र होना चाहिए।
(फाइल फोटो)

ऐड्रेस प्रूफ के लिए डॉक्युमेंट्स
पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं का क्लेम हासिल करने के लिए ऐड्रेस प्रूफ देना भी जरूरी है। इसके लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई ऐसा सरकारी डॉक्युमेंट्स दिया जा सकता है, जिस पर ऐड्रेस लिखा हो। इसके लिए जिस कंपनी में काम करते हैं, उसका सैलरी स्लिप भी दिया जा सकता है। बिजली बिल, पानी बिल, गैस बिल भी दिया जा सकता है। इनमें ऐड्रेस सर्टिफाइड होता है। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, बैंक का पासबुक और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट भी दिया जा सकत है। 
(फाइल फोटो)
 

ऐड्रेस प्रूफ के लिए डॉक्युमेंट्स
पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं का क्लेम हासिल करने के लिए ऐड्रेस प्रूफ देना भी जरूरी है। इसके लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई ऐसा सरकारी डॉक्युमेंट्स दिया जा सकता है, जिस पर ऐड्रेस लिखा हो। इसके लिए जिस कंपनी में काम करते हैं, उसका सैलरी स्लिप भी दिया जा सकता है। बिजली बिल, पानी बिल, गैस बिल भी दिया जा सकता है। इनमें ऐड्रेस सर्टिफाइड होता है। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, बैंक का पासबुक और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट भी दिया जा सकत है। 
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