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सिर्फ दो लाख में शुरू करें अपना कारोबार, लाखों में कर सकते हैं कमाई; मोदी सरकार मदद भी करेगी

First Published Jun 9, 2020, 1:49 PM IST
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बिजनेस डेस्क। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के चलते बहुत सी कंपनियों के कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ा है और इससे लोगों की नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ज्यादातर लोग आज इस चिंता में डूबे हैं कि उनका काम-काज कैसे चलेगा। आर्थिक मंदी की मार जबरदस्त है। ऐसे में, लोगों के सामने एक ऑप्शन यह है कि वे अपना खुद का कोई व्यवसाय शुरू करें। कई ऐसे व्यवसाय हैं, जो बहुत कम पूंजी में शूरू किए जा सकते हैं। इसमें केंद्र की मोदी सरकार की कई योजनाओं के तहत मदद भी मिल सकती है। ऐसे ही कारोबार में एक बेहतरीन विकल्प बांस से कई तरह के चीजें बनाने का है। यह एक बेहतरीन बिजनेस आइडिया हो सकता है। इस कारोबार में बहुत ज्यादा पूंजी की भी जरूरत नहीं है। 

 बांस के प्रोडक्ट्स से होता है पॉल्यूशन से बचाव
आजकल घरेलू इस्तेमाल की ज्यादातर चीजों को बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। प्लास्टिक के इस्तेमाल से पॉल्यूशन बढ़ता है और इससे तरह-तरह की बीमारियां होती हैं। खास कर सिंगल यूज वाला प्लास्टिक बहुत नुकसानदेह होता है। यह इतना खतरनाक है कि केंद्र सरकार ने इसके इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। इससे सिंगल यूज वाले  प्लास्टिक से  पीने के पानी की बोतल और दूसरी चीजें बनाने वाले उद्यमियों को दूसरे विकल्प की तलाश करनी पड़ रही है।

 बांस के प्रोडक्ट्स से होता है पॉल्यूशन से बचाव
आजकल घरेलू इस्तेमाल की ज्यादातर चीजों को बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। प्लास्टिक के इस्तेमाल से पॉल्यूशन बढ़ता है और इससे तरह-तरह की बीमारियां होती हैं। खास कर सिंगल यूज वाला प्लास्टिक बहुत नुकसानदेह होता है। यह इतना खतरनाक है कि केंद्र सरकार ने इसके इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। इससे सिंगल यूज वाले  प्लास्टिक से  पीने के पानी की बोतल और दूसरी चीजें बनाने वाले उद्यमियों को दूसरे विकल्प की तलाश करनी पड़ रही है।

बांस की बोतल बनाने का उद्योग
सिंगल यूज वाले प्लास्टिक का ज्यादा इस्तेमाल पानी की बोतल बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके लिए बांस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। बांस की बोतल में पानी सुरक्षित रहता है। भारत सरकार के एसमएसएमई मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत काम करने वाले खादी ग्रामोद्योग ने बांस की बोतल का निर्माण किया था। 

बांस की बोतल बनाने का उद्योग
सिंगल यूज वाले प्लास्टिक का ज्यादा इस्तेमाल पानी की बोतल बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके लिए बांस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। बांस की बोतल में पानी सुरक्षित रहता है। भारत सरकार के एसमएसएमई मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत काम करने वाले खादी ग्रामोद्योग ने बांस की बोतल का निर्माण किया था। 

कम पूंजी में ज्यादा लाभ
प्लास्टिक की बोतल की जगह बांस से बोतल का निर्माण आसानी से किया जा सकता है। अगर आज कोई बांस की बोतल बनाने का काम शुरू करता है तो बाजार में उसकी अच्छी-खासी खपत हो सकती है। इसमें कम पूंजी लगाकर काफी लाभ कमाया जा सकता है।

कम पूंजी में ज्यादा लाभ
प्लास्टिक की बोतल की जगह बांस से बोतल का निर्माण आसानी से किया जा सकता है। अगर आज कोई बांस की बोतल बनाने का काम शुरू करता है तो बाजार में उसकी अच्छी-खासी खपत हो सकती है। इसमें कम पूंजी लगाकर काफी लाभ कमाया जा सकता है।

खादी ग्रामोद्योग ने शुरू कर दिया है निर्माण
खादी ग्रामोद्योग ने बांस से पानी की बोतलों का निर्माण शुरू कर दिया है। बांस की यह बोतल 750 एमएल की होगी। इसकी कीमत 300 रुपए से शुरू होगी। ये बोतलें पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही टिकाऊ भी होती हैं और इनमें पानी खराब नहीं होता। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर खादी ग्रामोद्योग में बांस के बोतलों की बिक्री शुरू हो जाएगी। खादी और ग्रामोद्योग विभाग प्लास्टिक के गिलास की जगह मिट्टी के कुल्हड़ों का निर्माण भी शुरू कर चुका है।

खादी ग्रामोद्योग ने शुरू कर दिया है निर्माण
खादी ग्रामोद्योग ने बांस से पानी की बोतलों का निर्माण शुरू कर दिया है। बांस की यह बोतल 750 एमएल की होगी। इसकी कीमत 300 रुपए से शुरू होगी। ये बोतलें पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही टिकाऊ भी होती हैं और इनमें पानी खराब नहीं होता। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर खादी ग्रामोद्योग में बांस के बोतलों की बिक्री शुरू हो जाएगी। खादी और ग्रामोद्योग विभाग प्लास्टिक के गिलास की जगह मिट्टी के कुल्हड़ों का निर्माण भी शुरू कर चुका है।

कोई भी यह उद्योग शुरू कर सकता है
बांस की बोतलें बनाने का उद्योग कोई भी शुरू कर सकता है। एक बार इसका चलन शुरू हो जाने पर मार्केट में इसकी डिमांड बढ़ जाएगी। इसलिए जो लोग पहले इस उद्योग को शुरू कर देंगे, वे फायदे में रहेंगे। उन्हें किसी तरह के कॉम्पिटीशन का सामना नहीं करना पड़ेगा। 
 

कोई भी यह उद्योग शुरू कर सकता है
बांस की बोतलें बनाने का उद्योग कोई भी शुरू कर सकता है। एक बार इसका चलन शुरू हो जाने पर मार्केट में इसकी डिमांड बढ़ जाएगी। इसलिए जो लोग पहले इस उद्योग को शुरू कर देंगे, वे फायदे में रहेंगे। उन्हें किसी तरह के कॉम्पिटीशन का सामना नहीं करना पड़ेगा। 
 

बांस की जूलरी
आजकल बांस की जूलरी का ट्रेंड काफी बढ़ता जा रहा है। बड़े शहरों में बांस की जूलरी की डिमांड काफी है। इसकी कीमत भी अच्छी-खासी मिल जाती है। अगर आप बांस की जूलरी बनाने का कारोबार करना चाहते हैं तो इसके लिए जूलरी डिजाइनर और कुछ ट्रेंड लोगों की जरूरत पड़ सकती है। आप चाहें तो खुद डिजाइनिंग का काम सीख कर लागत कम कर सकते हैं। इस व्यवसाय में फायदा बेशुमार है।

बांस की जूलरी
आजकल बांस की जूलरी का ट्रेंड काफी बढ़ता जा रहा है। बड़े शहरों में बांस की जूलरी की डिमांड काफी है। इसकी कीमत भी अच्छी-खासी मिल जाती है। अगर आप बांस की जूलरी बनाने का कारोबार करना चाहते हैं तो इसके लिए जूलरी डिजाइनर और कुछ ट्रेंड लोगों की जरूरत पड़ सकती है। आप चाहें तो खुद डिजाइनिंग का काम सीख कर लागत कम कर सकते हैं। इस व्यवसाय में फायदा बेशुमार है।

बांस के फर्नीचर
बांस से बेहतरीन किस्म का फर्नीचर बनाया जा रहा है। अगर आप चाहें तो स्किल्ड कारपेंटर्स को बहाल कर के और डिजाइनर्स की मदद लेकर बांस का फर्नीचर बना सकते हैं। ये काफी महंगे बिकते हैं और इनकी डिमांड भी काफी है। बांस से चेयर, टेबल,,सोफा और बेड भी बनाए जा सकते हैं। ये काफी मजबूत और इको-फ्रेंडली होते हैं।

बांस के फर्नीचर
बांस से बेहतरीन किस्म का फर्नीचर बनाया जा रहा है। अगर आप चाहें तो स्किल्ड कारपेंटर्स को बहाल कर के और डिजाइनर्स की मदद लेकर बांस का फर्नीचर बना सकते हैं। ये काफी महंगे बिकते हैं और इनकी डिमांड भी काफी है। बांस से चेयर, टेबल,,सोफा और बेड भी बनाए जा सकते हैं। ये काफी मजबूत और इको-फ्रेंडली होते हैं।

बांस के हैंडिक्राफ्ट 
बांस से तरह-तरह के हैंडिक्राफ्ट और जूलरी भी बनाई जा रही है। हैंडिक्राफ्ट में सजावट की चीजें, लैंपशेड, पेन रखने के लिए बॉक्स और डब्बे, पेपरवेट, दीवारों पर लगाने के लिए शो-पीस जैसी कई चीजें बनाई जा सकती हैं। इसमें डिजाइनिंग और बनाने वाले का खर्चा आता है। रॉ मटेरियल ज्यादा महंगा नहीं पड़ता। इन चीजों की कीमत बाजार में काफी मिलती है। 
 

बांस के हैंडिक्राफ्ट 
बांस से तरह-तरह के हैंडिक्राफ्ट और जूलरी भी बनाई जा रही है। हैंडिक्राफ्ट में सजावट की चीजें, लैंपशेड, पेन रखने के लिए बॉक्स और डब्बे, पेपरवेट, दीवारों पर लगाने के लिए शो-पीस जैसी कई चीजें बनाई जा सकती हैं। इसमें डिजाइनिंग और बनाने वाले का खर्चा आता है। रॉ मटेरियल ज्यादा महंगा नहीं पड़ता। इन चीजों की कीमत बाजार में काफी मिलती है। 
 

बांस की टोकरी और थैले
बांस की टोकरी और थैले की भी बाजार में काफी डिमांड रहती है। साधारण टोकरियों के तो ज्यादा दाम नहीं मिलते, लेकिन बांस से डिजाइनर टोकरी और थैले बनाए जा सकते हैं। इनकी मांग ज्यादा है। रसोई में इस्तेमाल में आने वाली कई चीजें बांस की बनाई जा सकती है, जैसे सब्जी और फल रखने की टोकरी, मसाले और दूसरी चीजों के रखने के डब्बे। इन्हें बनाने में लागत कम आएगी और मुनाफा ज्यादा होगा। सेल के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा भी लिया जा सकता है। 

बांस की टोकरी और थैले
बांस की टोकरी और थैले की भी बाजार में काफी डिमांड रहती है। साधारण टोकरियों के तो ज्यादा दाम नहीं मिलते, लेकिन बांस से डिजाइनर टोकरी और थैले बनाए जा सकते हैं। इनकी मांग ज्यादा है। रसोई में इस्तेमाल में आने वाली कई चीजें बांस की बनाई जा सकती है, जैसे सब्जी और फल रखने की टोकरी, मसाले और दूसरी चीजों के रखने के डब्बे। इन्हें बनाने में लागत कम आएगी और मुनाफा ज्यादा होगा। सेल के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा भी लिया जा सकता है। 

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