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Success Story: झूठे बर्तन मांजने वाली लड़की कैसे बनीं ब्यूटी क्वीन? ताज पहन पापा के ऑटोरिक्शा में बैठ आई घर

First Published Feb 21, 2021, 6:28 PM IST
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करियर डेस्क. Manya Singh Success Story: आपने बहुत सी फिल्मी कहानियां सुनी होंगी जिसमें कोई लड़का या लड़की घर से भागकर हीरो-हीरोइन बनने निकल पड़ते हैं। आज के टाइम में ये सब पुरानी बातें लगती हैं। पर वाकई ऐसा नहीं है ये हिंदुस्तान है जहां कभी भी कुछ भी फिल्मी हो सकता है। हम आपको आज एक ऐसी ही कहानी सुनाने रहे हैं जिसमें 14 साल की मासूम बच्ची ब्यूटी क्वीन बनने गांव से भाग गई थी। गांव से निकल उसने ट्रेन पकड़ी और शहर में आकर ऑडिशन पर ऑडिशन देती रही। एक समय था जब वो दूसरों के घरों में झूठे बर्तन मांजती थी। 15 साल की उम्र में उसने टीवी पर ब्यूटी क्वीन का शो देख लिया और तबसे उस ताज को जीतने को ही जुनून बना लिया। पिज्जा हट से लेकर कॉल सेंटर में काम किया और आज साल 2021 में उसके सिर पर फेमिना मिस इंडिया फर्स्ट रनर अप का ताज सजा है। मिस इंडिया प्रतियोगिता 2020 में वो दूसरे नंबर पर रहीं और शो से अपने पिता के साथ ऑटोरिक्शा में घर लौटी। मान्या सिंह के संघर्ष और सफलता की ये कहानी दिल छू लेने वाली है-

कोविड महामारी के बीच आयोजित हुई VLCC फेमिना मिस इंडिया 2020 के विजेता की घोषणा हो चुकी है। तेलंगाना की मानसा वाराणसी मिस इंडिया बनीं, और उत्तर प्रदेश की मान्या सिंह फर्स्ट रनरअप और मनिका शियोकांडा सेकेंड रनरअप रहीं। सोशल मीडिया पर मिस इंडिया से ज्यादा मान्या की चर्चा हो रही है। क्योंकि मान्या एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर की बेटी हैं और बड़े संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं।

कोविड महामारी के बीच आयोजित हुई VLCC फेमिना मिस इंडिया 2020 के विजेता की घोषणा हो चुकी है। तेलंगाना की मानसा वाराणसी मिस इंडिया बनीं, और उत्तर प्रदेश की मान्या सिंह फर्स्ट रनरअप और मनिका शियोकांडा सेकेंड रनरअप रहीं। सोशल मीडिया पर मिस इंडिया से ज्यादा मान्या की चर्चा हो रही है। क्योंकि मान्या एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर की बेटी हैं और बड़े संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं।

मान्या ने खुद सोशल मीडिया पर अपने संघर्ष की कहानी बयां की तो लोग सुनकर दंग रह गए। उनकी कहानी सुनकर कोई भी यकीन न करें कि गांव में बर्तन मांजने वाली लड़की आज बेहद खूबसूरत ब्यूटी क्वीन का ताज जीत ले गई।

मान्या ने खुद सोशल मीडिया पर अपने संघर्ष की कहानी बयां की तो लोग सुनकर दंग रह गए। उनकी कहानी सुनकर कोई भी यकीन न करें कि गांव में बर्तन मांजने वाली लड़की आज बेहद खूबसूरत ब्यूटी क्वीन का ताज जीत ले गई।

मान्या सिंह के पिता ऑटो ड्राइवर हैं। मान्या का बचपन कई मुश्किलों से गुज़रा है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, "मैंने खाने और नींद के बिना कई रातें बिताई हैं। मैंने अपनी कई दोपहर मीलों तक चलने में बिताई हैं। मेरे खून, पसीने और आंसुओं की बदौलत अपने सपने को पूरा करने का साहस जुटा पाई। एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर की बेटी होने के नाते, मुझे कभी स्कूल जाने का मौका नहीं मिला, क्योंकि मैंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था।"

 

मान्या सिंह के पिता ऑटो ड्राइवर हैं। मान्या का बचपन कई मुश्किलों से गुज़रा है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, "मैंने खाने और नींद के बिना कई रातें बिताई हैं। मैंने अपनी कई दोपहर मीलों तक चलने में बिताई हैं। मेरे खून, पसीने और आंसुओं की बदौलत अपने सपने को पूरा करने का साहस जुटा पाई। एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर की बेटी होने के नाते, मुझे कभी स्कूल जाने का मौका नहीं मिला, क्योंकि मैंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था।"

 

ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे के साथ मान्या ने बताया, मैं 14 साल की उम्र में गांव से ट्रेन पकड़कर घर से मुंबई भाग गई थी। मुझे गांव में रहकर सारी जिंदगी बर्तन नहीं मांजने थे। मैं 14 साल की उम्र में घर से मुंबई भाग गई थी। स्कूल-पढ़ाई सब छूट गया था।

ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे के साथ मान्या ने बताया, मैं 14 साल की उम्र में गांव से ट्रेन पकड़कर घर से मुंबई भाग गई थी। मुझे गांव में रहकर सारी जिंदगी बर्तन नहीं मांजने थे। मैं 14 साल की उम्र में घर से मुंबई भाग गई थी। स्कूल-पढ़ाई सब छूट गया था।

मान्या ने जब घर में बड़ी होकर ब्यूटी क्वीन बनने की बात कही तो सब उनपर हंसे थे। उनके ताऊ ने कहा कि ज्यादा पढ़-लिखकर भी लड़कियों की शादी ही होती है। घरों में बर्तन मांजने वाली जिंदगी के डर से मान्या घर छोड़कर भाग गईं।

मान्या ने जब घर में बड़ी होकर ब्यूटी क्वीन बनने की बात कही तो सब उनपर हंसे थे। उनके ताऊ ने कहा कि ज्यादा पढ़-लिखकर भी लड़कियों की शादी ही होती है। घरों में बर्तन मांजने वाली जिंदगी के डर से मान्या घर छोड़कर भाग गईं।

मुंबई पहुंचकर मान्या ने पिज्जा हट कंपनियों में काम करके अपना गुजारा किया। वो दिन में पढ़ती थीं और शाम को बर्तन धोती थीं, रात को कॉल सेंटर में काम करती थी। इस तरह दो साल तक वो सपनों के शहर में खुद को सेटल करती रही।

मुंबई पहुंचकर मान्या ने पिज्जा हट कंपनियों में काम करके अपना गुजारा किया। वो दिन में पढ़ती थीं और शाम को बर्तन धोती थीं, रात को कॉल सेंटर में काम करती थी। इस तरह दो साल तक वो सपनों के शहर में खुद को सेटल करती रही।

मान्या ने बताया, "मुंबई में आने के 2 साल बाद मैंने पापा को फोन किया तो वो बहुत रोए। मैंने उन्हें कह दिया कि मुंबई ही मेरी असली जगह ये ही मैं हूं और वो ताज मैं जीतकर रहूंगी। पापा ने अगले दिन कहा ठीक है इस जर्नी में हम भी तुम्हारा साथ देंगे। मान्या के माता-पिता मुंबई चले आए और बेटी के साथ रहने लगे। यहां उनके पिता ने एक ऑटो रिक्शा खरीद लिया और इस तरह घर चलाने लगे। मान्या की मां ने गहने गिरवी रखकर बेटी की फीस भरी थी।

मान्या ने बताया, "मुंबई में आने के 2 साल बाद मैंने पापा को फोन किया तो वो बहुत रोए। मैंने उन्हें कह दिया कि मुंबई ही मेरी असली जगह ये ही मैं हूं और वो ताज मैं जीतकर रहूंगी। पापा ने अगले दिन कहा ठीक है इस जर्नी में हम भी तुम्हारा साथ देंगे। मान्या के माता-पिता मुंबई चले आए और बेटी के साथ रहने लगे। यहां उनके पिता ने एक ऑटो रिक्शा खरीद लिया और इस तरह घर चलाने लगे। मान्या की मां ने गहने गिरवी रखकर बेटी की फीस भरी थी।

पिता के साथ मान्या भी परिवार को फाइनेंसियली सपोर्ट कर रही थीं। वो दिन-रात कंपनियों में ऑडिशन तो दे ही रही थीं साथ ही 15 हजार सैलरी पर एक कॉल सेंटर में काम भी करती थीं।

पिता के साथ मान्या भी परिवार को फाइनेंसियली सपोर्ट कर रही थीं। वो दिन-रात कंपनियों में ऑडिशन तो दे ही रही थीं साथ ही 15 हजार सैलरी पर एक कॉल सेंटर में काम भी करती थीं।

मान्या की पढ़ाई पूरी नहीं हुई थी और उन्हें अंग्रेजी भी नहीं आती थी। इस वजह से वो ऑडिशन में लगातार रिजेक्ट होती रहीं। कोई कह देता शक्ल अच्छी नहीं है तो कोई कह देता अंग्रेजी नहीं आती गंवार चली मिस इंडिया बनने। उन्होंने लगभग 10 से ज्यादा ब्यूटी पेजेंट प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।

मान्या की पढ़ाई पूरी नहीं हुई थी और उन्हें अंग्रेजी भी नहीं आती थी। इस वजह से वो ऑडिशन में लगातार रिजेक्ट होती रहीं। कोई कह देता शक्ल अच्छी नहीं है तो कोई कह देता अंग्रेजी नहीं आती गंवार चली मिस इंडिया बनने। उन्होंने लगभग 10 से ज्यादा ब्यूटी पेजेंट प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।

रिजेक्शन के बाद मान्या ने खुद पर काम किया और पिज्जा हट और कॉल सेंटर में बाकी लड़कियों की चालृढाल अंग्रेजी बोलने के अंदाज को गौर करने लगीं। ओवर टाइम करके उन्होंने अपने लिए नए कपड़े खरीदे। अंग्रेजी सीखी और दिसंबर 2020 में दोगुनी मेहनत से मिस इंडिया का ऑडिशन दिया। कोविड टाइम चल रहा था और मान्या ने अपने 10 बाई 10 के कमरे में ऑनलाइन मिस इंडिया का ऑडिशन खत्म किया। वो डरी हुई थीं लेकिन ऑडिशन अच्छा हुआ और वो सलेक्ट हो गईं।

रिजेक्शन के बाद मान्या ने खुद पर काम किया और पिज्जा हट और कॉल सेंटर में बाकी लड़कियों की चालृढाल अंग्रेजी बोलने के अंदाज को गौर करने लगीं। ओवर टाइम करके उन्होंने अपने लिए नए कपड़े खरीदे। अंग्रेजी सीखी और दिसंबर 2020 में दोगुनी मेहनत से मिस इंडिया का ऑडिशन दिया। कोविड टाइम चल रहा था और मान्या ने अपने 10 बाई 10 के कमरे में ऑनलाइन मिस इंडिया का ऑडिशन खत्म किया। वो डरी हुई थीं लेकिन ऑडिशन अच्छा हुआ और वो सलेक्ट हो गईं।

VLCC फेमिना मिस इंडिया 2020 के ग्रांड फिनाले का आयोजन मुंबई के प्लश होटल में किया गया। इस इवेंट में नेहा धूपिया, नेहा धूपिया, चित्रांगदा सिंह, पुलकित सम्राट और प्रसिद्ध डिजाइनर जोड़ी फाल्गुनी और शेन पीकॉक शामिल थे। वहीं बॉलीवुड एक्टर अपारशक्ति खुराना ने इस इवेंट को होस्ट किया।

 

(पापा के हाथों ताज पहनतीं मान्या, फोटो सोर्स ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे)

VLCC फेमिना मिस इंडिया 2020 के ग्रांड फिनाले का आयोजन मुंबई के प्लश होटल में किया गया। इस इवेंट में नेहा धूपिया, नेहा धूपिया, चित्रांगदा सिंह, पुलकित सम्राट और प्रसिद्ध डिजाइनर जोड़ी फाल्गुनी और शेन पीकॉक शामिल थे। वहीं बॉलीवुड एक्टर अपारशक्ति खुराना ने इस इवेंट को होस्ट किया।

 

(पापा के हाथों ताज पहनतीं मान्या, फोटो सोर्स ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे)

मानसा वाराणसी शो की विनर बनीं तो मान्या पहली रनर अप चुनी गईं। खुशी कम हैरानी के साथ मान्या मंच पर ही रो पड़ी थीं।

मानसा वाराणसी शो की विनर बनीं तो मान्या पहली रनर अप चुनी गईं। खुशी कम हैरानी के साथ मान्या मंच पर ही रो पड़ी थीं।

मान्या कहती हैं कि, आज मैं इस मंच पर सिर्फ अपने माता-पिता और भाई की वजह से हूं। इन्होंने मुझे सिखाया कि अगर खुद पर विश्वास है तो सपने पूरे होते हैं।" उनके पिता ने उनपर भरोसा किया और सीख दी कि सपनों के लिए सच्ची लगन से मेहनत करो तो जरूर पूरे होते हैं। मान्या ओमप्रकाश सिंह आज अपने सिर पर मिस इंडिया फर्स्ट रनरअप का ताज लेकर लौटीं।

मान्या कहती हैं कि, आज मैं इस मंच पर सिर्फ अपने माता-पिता और भाई की वजह से हूं। इन्होंने मुझे सिखाया कि अगर खुद पर विश्वास है तो सपने पूरे होते हैं।" उनके पिता ने उनपर भरोसा किया और सीख दी कि सपनों के लिए सच्ची लगन से मेहनत करो तो जरूर पूरे होते हैं। मान्या ओमप्रकाश सिंह आज अपने सिर पर मिस इंडिया फर्स्ट रनरअप का ताज लेकर लौटीं।

वे पिता के ऑटोरिक्शा में बैठकर ही अपनी बस्ती लौटीं। हाथ में तिंरगा लेकर लोगों का अभिवादन किया। मां के पैर छुए और पिता के आंसू पोछे। मान्या को सोशल मीडिया पर भी लोगों का बहुत प्यार मिला।

वे पिता के ऑटोरिक्शा में बैठकर ही अपनी बस्ती लौटीं। हाथ में तिंरगा लेकर लोगों का अभिवादन किया। मां के पैर छुए और पिता के आंसू पोछे। मान्या को सोशल मीडिया पर भी लोगों का बहुत प्यार मिला।

बस्ती में मान्या का धूमधाम से स्वागत हुआ इस दौरान वो तिरंगा हाथ में लिए पोज देती नजर आईं।

बस्ती में मान्या का धूमधाम से स्वागत हुआ इस दौरान वो तिरंगा हाथ में लिए पोज देती नजर आईं।

शो जीतकर मान्या ने इंस्टाग्राम पर जीता हुआ ताज अपनी मां और पिता के सिर पर सजाया। इंस्टाग्राम पर मान्या लिखती हैं कि उनकी मां उनसे बहुत ज्यादा सुंदर हैं और वो मजबूती से साथ खड़ी रहीं। मैं अपनी मां की जैसी ही बनना चाहती हूं।

शो जीतकर मान्या ने इंस्टाग्राम पर जीता हुआ ताज अपनी मां और पिता के सिर पर सजाया। इंस्टाग्राम पर मान्या लिखती हैं कि उनकी मां उनसे बहुत ज्यादा सुंदर हैं और वो मजबूती से साथ खड़ी रहीं। मैं अपनी मां की जैसी ही बनना चाहती हूं।

दुनियाभर का दुलार समेटकर वो घर पहुंची। बस्ती में उनका भव्य स्वागत हुआ। अब मान्या अपनी अगली कोशिशों में दूसरी प्रतियोगिताओं को जीतने की प्लानिंग में हैं।

दुनियाभर का दुलार समेटकर वो घर पहुंची। बस्ती में उनका भव्य स्वागत हुआ। अब मान्या अपनी अगली कोशिशों में दूसरी प्रतियोगिताओं को जीतने की प्लानिंग में हैं।

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