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चाय-कॉफी तक नहीं पीते अक्षय कुमार, 52 की उम्र में इन 10 नियमों को फॉलो कर रहते हैं जबरदस्त फिट

First Published Jun 5, 2020, 6:13 PM IST
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मुंबई. बॉलीवुड इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा सफल स्टार की बात की जाए तो अक्षय कुमार का नाम जरूर लिया जाएगा। बता दें कि 2020 में अक्षय अकेले ऐसे इंडियन सेलेब हैं, जिन्होंने फोर्ब्स 2020 की टॉप 100 लिस्ट में जगह बनाई है। उन्होंने तमाम बॉलीवुड और हॉलीवुड स्टार्स को पीछे छोड़ते हुए इस लिस्ट में 52वां स्थान लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 जून से मई 2020 तक उनकी कमाई 48.5 मिलियन डॉलर बताई गई है यानी की लगभग 364 करोड़ रुपए। वैसे, आपको बता दें कि 52 की उम्र में भी वे काफी फिट दिखते हैं। इसका क्या उनकी फिटनेस का राज है आइए, आपको बताते है....

वे बॉलीवुड पार्टीज और शराब से दूर रहने के लिए जाने जाते हैं। वे रोजाना सुबह 4.30 बजे उठ जाते हैं और रात 9 बजे तक सो जाते हैं। नाइट शिफ्ट ज्यादा से ज्यादा अवॉइड करते हैं। 

वे बॉलीवुड पार्टीज और शराब से दूर रहने के लिए जाने जाते हैं। वे रोजाना सुबह 4.30 बजे उठ जाते हैं और रात 9 बजे तक सो जाते हैं। नाइट शिफ्ट ज्यादा से ज्यादा अवॉइड करते हैं। 

अपना स्टेमिना बढ़ाने के लिए वे हफ्ते में दो से तीन बार बास्केटबॉल खेलते हैं। टाइम मिलने पर बेटे के साथ स्विमिंग करते हैं। अपनी फिटनेस को बरकरार रखने के लिए वे कुछ नियमों को सालों से फॉलो कर रहे हैं। 

अपना स्टेमिना बढ़ाने के लिए वे हफ्ते में दो से तीन बार बास्केटबॉल खेलते हैं। टाइम मिलने पर बेटे के साथ स्विमिंग करते हैं। अपनी फिटनेस को बरकरार रखने के लिए वे कुछ नियमों को सालों से फॉलो कर रहे हैं। 

अक्षय सब कुछ खाने में विश्वास करते हैं, लेकिन वह सही समय पर अपना खाना खाते हैं। हर दिन शाम 7 बजे से पहले अपना डिनर खत्म करते हैं। उसके बाद वह कुछ भी नहीं खाते। भले ही वह कहीं पार्टी में क्यों न हो या बाहर शूट पर हों, उनका रुटीन डाइट को लेकर कभी नहीं बदलता।

अक्षय सब कुछ खाने में विश्वास करते हैं, लेकिन वह सही समय पर अपना खाना खाते हैं। हर दिन शाम 7 बजे से पहले अपना डिनर खत्म करते हैं। उसके बाद वह कुछ भी नहीं खाते। भले ही वह कहीं पार्टी में क्यों न हो या बाहर शूट पर हों, उनका रुटीन डाइट को लेकर कभी नहीं बदलता।

वे कभी भी शराब, सिगरेट या कैफीन तक नहीं लेते। वे चाय और कॉफी से भी दूर रहते हैं। उनका कहना है - यदि आप धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं, तो आपके पास कसरत करने की सहनशक्ति नहीं होगी।
 

वे कभी भी शराब, सिगरेट या कैफीन तक नहीं लेते। वे चाय और कॉफी से भी दूर रहते हैं। उनका कहना है - यदि आप धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं, तो आपके पास कसरत करने की सहनशक्ति नहीं होगी।
 

वे बैलेंस्ड डाइट लेते हैं। घर में जो बनता है वह खाते हैं लेकिन उसका अनुपात सही रहता है और ब्रेकफास्ट से लेकिर लंच-डिनर तक जो टाइम तय है, उसी टाइम पर खाते हैं। उनका मानना कि गर्म पानी के साथ एक चम्मच शहद पीना और हल्दी वाला दूध इम्युनिटी की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।

वे बैलेंस्ड डाइट लेते हैं। घर में जो बनता है वह खाते हैं लेकिन उसका अनुपात सही रहता है और ब्रेकफास्ट से लेकिर लंच-डिनर तक जो टाइम तय है, उसी टाइम पर खाते हैं। उनका मानना कि गर्म पानी के साथ एक चम्मच शहद पीना और हल्दी वाला दूध इम्युनिटी की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।

नाश्ते में दूध और पराठा, दोपहर में फलों और नट्स, ब्राउन राइज और सब्जियों के साथ दाल या थिन फ्लेश और रात के खाने के लिए सूप और चटपटी सब्जियां ही उनके लिए काफी हैं। खाने में कई बार वे अंडे का सफेद आमलेट ले लेते हैं।

नाश्ते में दूध और पराठा, दोपहर में फलों और नट्स, ब्राउन राइज और सब्जियों के साथ दाल या थिन फ्लेश और रात के खाने के लिए सूप और चटपटी सब्जियां ही उनके लिए काफी हैं। खाने में कई बार वे अंडे का सफेद आमलेट ले लेते हैं।

वे प्रोटीन शेक नहीं लेते। उनका मानना है कि इससे लॉन्ग रन में नुकसान होता है। वे शुगर और सॉल्ट लिमिटेड क्वांटिटी में लेते हैं। हेल्दी रहने के लिए वे इसे जरूरी मानते हैं।

वे प्रोटीन शेक नहीं लेते। उनका मानना है कि इससे लॉन्ग रन में नुकसान होता है। वे शुगर और सॉल्ट लिमिटेड क्वांटिटी में लेते हैं। हेल्दी रहने के लिए वे इसे जरूरी मानते हैं।

वे रोजाना कम से कम आधे घंटे मेडिटेशन को देते हैं। इससे उन्हें शांति मिलती है और स्ट्रेस का लेवल कम होता है। अपने साथ नट्स और फ्रूट्स रखते हैं। जब कभी भूख लगती है तो यही चीजें खाते हैं।

वे रोजाना कम से कम आधे घंटे मेडिटेशन को देते हैं। इससे उन्हें शांति मिलती है और स्ट्रेस का लेवल कम होता है। अपने साथ नट्स और फ्रूट्स रखते हैं। जब कभी भूख लगती है तो यही चीजें खाते हैं।

दिनभर में 4 से 5 लीटर पानी पीते ही हैं। ऐसी चीजें खाते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म रेट हाई हो। उनका मानना है कि मेटाबॉलिज्म सही होने से फिटनेस सही रहती है और वजन बढ़ता नहीं।

दिनभर में 4 से 5 लीटर पानी पीते ही हैं। ऐसी चीजें खाते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म रेट हाई हो। उनका मानना है कि मेटाबॉलिज्म सही होने से फिटनेस सही रहती है और वजन बढ़ता नहीं।

कभी भी बहुत ज्यादा नहीं खाते। थोड़ा-थोड़ा करके कुछ-कुछ देर में खाते हैं। जब एक्सरसाइज नहीं करते, तब 15 से 20 मिनट की क्विक वॉक लेते हैं। हर दिन कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी जरूर करते हैं।

कभी भी बहुत ज्यादा नहीं खाते। थोड़ा-थोड़ा करके कुछ-कुछ देर में खाते हैं। जब एक्सरसाइज नहीं करते, तब 15 से 20 मिनट की क्विक वॉक लेते हैं। हर दिन कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी जरूर करते हैं।

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