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वो 5 वजहें, जो आपको अमिताभ-आयुष्मान की 'गुलाबो सिताबो' देखने को कर देंगी मजबूर

First Published Jun 11, 2020, 12:07 PM IST
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मुंबई। कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते दर्शकों करीब ढाई महीने बाद एक नई फिल्म देख पाएंगे। जी हां, 12 जून को अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की फिल्म 'गुलाबो सिताबो' रिलीज हो रही है। खास बात ये है कि यह फिल्म थिएटर में नहीं बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जा रही है। यह फिल्म अमेजॉन प्राइम पर रिलीज होगी। तो लंबे समय से एक अच्छी फिल्म का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए गुलाबो-सिताबो एक बेहतर ऑप्शन है। इस पैकेज में हम बता रहे हैं वो खास वजहें, जिनके चलते आप यह फिल्म देख सकते हैं। 

1. अमिताभ-आयुष्मान की जुगलबंदी : 
ये पहला मौका है, जब अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना पर्दे पर साथ नजर आएंगे। बिग बी के साथ आयुष्मान की जुगलबंदी देखना अपने आप में एक अलग ही अनुभव होगा। दरअसल, आयुष्मान को प्रयोगवादी सिनेमा के लिए जाना जाता है। उनकी फिल्में न सिर्फ युवाओं बल्कि उम्रदराज लोगों को भी खासी पसंद आती हैं। वहीं अमिताभ बच्चन तो वैसे भी मिलेनियम स्टार हैं और फिल्म में उनके लुक और एक्टिंग की बात ही अलग है। 

1. अमिताभ-आयुष्मान की जुगलबंदी : 
ये पहला मौका है, जब अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना पर्दे पर साथ नजर आएंगे। बिग बी के साथ आयुष्मान की जुगलबंदी देखना अपने आप में एक अलग ही अनुभव होगा। दरअसल, आयुष्मान को प्रयोगवादी सिनेमा के लिए जाना जाता है। उनकी फिल्में न सिर्फ युवाओं बल्कि उम्रदराज लोगों को भी खासी पसंद आती हैं। वहीं अमिताभ बच्चन तो वैसे भी मिलेनियम स्टार हैं और फिल्म में उनके लुक और एक्टिंग की बात ही अलग है। 

2. बेहतरीन डायरेक्शन : 
गुलाबो सिताबो को विक्की डोनर, पिंक, पीहू और अक्टूबर जैसी फिल्में बना चुके डायरेक्टर शूजीत सरकार ने डायरेक्ट किया है। उनकी इन सभी फिल्मों में बेहतरीन डायरेक्शन देखने को मिल चुका है। ऐसे में दर्शक उनकी इस फिल्म से भी निराश नहीं होंगे बल्कि एक अलग ही कहानी और एक्टिंग देखने को मिलेगी। 

2. बेहतरीन डायरेक्शन : 
गुलाबो सिताबो को विक्की डोनर, पिंक, पीहू और अक्टूबर जैसी फिल्में बना चुके डायरेक्टर शूजीत सरकार ने डायरेक्ट किया है। उनकी इन सभी फिल्मों में बेहतरीन डायरेक्शन देखने को मिल चुका है। ऐसे में दर्शक उनकी इस फिल्म से भी निराश नहीं होंगे बल्कि एक अलग ही कहानी और एक्टिंग देखने को मिलेगी। 

3. खट्टी-मीठी नोंकझोंक :
फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद ही पता चल गया था कि यह फिल्म एक किराएदार और मकान मालिक के बीच खट्टी-मीठी नोंकझोंक का मजेदार तरीके से दिखाने वाली फिल्म है। फिल्म में मकान मालिक के तौर पर अमिताभ का लुक और एक्टिंग दोनों ही दर्शकों को अपनी ओर खींचती हैं। वहीं किराएदार के तौर पर आयुष्मान का काम भी बेहतरीन है।

3. खट्टी-मीठी नोंकझोंक :
फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद ही पता चल गया था कि यह फिल्म एक किराएदार और मकान मालिक के बीच खट्टी-मीठी नोंकझोंक का मजेदार तरीके से दिखाने वाली फिल्म है। फिल्म में मकान मालिक के तौर पर अमिताभ का लुक और एक्टिंग दोनों ही दर्शकों को अपनी ओर खींचती हैं। वहीं किराएदार के तौर पर आयुष्मान का काम भी बेहतरीन है।

4. लखनऊ का नवाबी अंदाज : 
फिल्म की ज्यादातर शूटिंग नवाबों के शहर लखनऊ और इसके आसपास हुई है। फिल्म में दर्शकों को लखनवी तहजीब, नवाबी अंदाज और पुरानी हवेलियां भी देखने को मिलेंगी। 

4. लखनऊ का नवाबी अंदाज : 
फिल्म की ज्यादातर शूटिंग नवाबों के शहर लखनऊ और इसके आसपास हुई है। फिल्म में दर्शकों को लखनवी तहजीब, नवाबी अंदाज और पुरानी हवेलियां भी देखने को मिलेंगी। 

5. हल्की-फुल्की कॉमेडी :
फिल्म में अमिताभ बच्चन एक 90 साल के बुजुर्ग के रोल में हैं, जो अपनी पुश्तैनी हवेली को किसी भी कीमत पर नहीं बेचना चाहते। वहीं आयुष्मान कहते हैं कि आपका कोई बेटा नहीं और हमारा कोई बाप नहीं, इसलिए आप हमें गोद ले लीजिए। फिल्म में दोनों के बीच की नोंकझोंक एक मीनिंगफुल कॉमेडी के साथ ही इमोशनल टच भी दिखाती है। 

5. हल्की-फुल्की कॉमेडी :
फिल्म में अमिताभ बच्चन एक 90 साल के बुजुर्ग के रोल में हैं, जो अपनी पुश्तैनी हवेली को किसी भी कीमत पर नहीं बेचना चाहते। वहीं आयुष्मान कहते हैं कि आपका कोई बेटा नहीं और हमारा कोई बाप नहीं, इसलिए आप हमें गोद ले लीजिए। फिल्म में दोनों के बीच की नोंकझोंक एक मीनिंगफुल कॉमेडी के साथ ही इमोशनल टच भी दिखाती है। 

फिल्म गुलाबो सिताबो के एक सीन में अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना।

फिल्म गुलाबो सिताबो के एक सीन में अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना।

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