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रायपुर की कोविड अस्पताल में लगी आग, 5 मरीजों की दर्दनाक मौत..ICU में पड़ी अधजली लाश भी नहीं उठा पाए

First Published Apr 18, 2021, 3:00 PM IST
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रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां रोज सैंकड़ों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। वहीं इसी बीच राजधानी रायुपर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जहां एक निजी अस्पताल के  कोविड वार्ड में आग लग गई। इस हादसे में 5 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी भयानक लगी एक शव को उठाने तक का लोगों को मौका तक नहीं मिला। पुलिस के अधिकारियों ने शहर के सभी कोविड अस्पतालों में सुरक्षा जांच करने के निर्देश दिए हैं।

हादसे के बाद शहर में हड़कंप
दरअसल, यह मामला शनिवार रात का बताया जा रहा है। जहां कोविड अस्पताल में अचानक आग लग गई। जिसमें एक मरीज की झुलसने मौत हो गई। वहीं चार की की मौत ऑक्सीजन सिस्टम के फेल से होने के बाद दम घुटने से हुई है। हादसे के बाद शहर में हड़कंप मच गया और जिले के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि आग किसी मशीन में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। 
 

हादसे के बाद शहर में हड़कंप
दरअसल, यह मामला शनिवार रात का बताया जा रहा है। जहां कोविड अस्पताल में अचानक आग लग गई। जिसमें एक मरीज की झुलसने मौत हो गई। वहीं चार की की मौत ऑक्सीजन सिस्टम के फेल से होने के बाद दम घुटने से हुई है। हादसे के बाद शहर में हड़कंप मच गया और जिले के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि आग किसी मशीन में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। 
 


चीखते-चिल्लाते रहे कोरोना मरीज
रायपुर के डीएम भारती दासन ने  प्रारंभिक जांच करते हुए बताया कि अस्पताल में आग बुझाने का कोई इंतजाम, इमरजेंसी एग्जिट और वेंटिंलेशन का प्रापर इंतजाम नहीं मिला है। जिसके कारण आग का धुआं सभी कमरों में घुस गया। पहले से आक्सीजन की कमी के चलते मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। जब धुआं आया तो उनका दुम घुटने लगा। मरीजों के परिजनों ने आनन-फानन में हॉस्पिटल के कांच को तोड़कर धुआं बाहर निकाला।


चीखते-चिल्लाते रहे कोरोना मरीज
रायपुर के डीएम भारती दासन ने  प्रारंभिक जांच करते हुए बताया कि अस्पताल में आग बुझाने का कोई इंतजाम, इमरजेंसी एग्जिट और वेंटिंलेशन का प्रापर इंतजाम नहीं मिला है। जिसके कारण आग का धुआं सभी कमरों में घुस गया। पहले से आक्सीजन की कमी के चलते मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। जब धुआं आया तो उनका दुम घुटने लगा। मरीजों के परिजनों ने आनन-फानन में हॉस्पिटल के कांच को तोड़कर धुआं बाहर निकाला।


अस्पताल में भर्ती थे 50 कोरोना मरीज
घटना की सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और  राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। जहां मरीजों को अस्पताल से निकालकर दूसरे हॉस्पटिल में शिफ्ट किया गया। पुलिस ने बताया कि हादसे के दौरान अस्पताल में करीब 50 मरीज भर्ती थे। जिसमें से पांच लोगों ने दम तोड़ दिया है।
 


अस्पताल में भर्ती थे 50 कोरोना मरीज
घटना की सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और  राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। जहां मरीजों को अस्पताल से निकालकर दूसरे हॉस्पटिल में शिफ्ट किया गया। पुलिस ने बताया कि हादसे के दौरान अस्पताल में करीब 50 मरीज भर्ती थे। जिसमें से पांच लोगों ने दम तोड़ दिया है।
 


राहुल गांधी ने जताया दुख...
बता दें कि हादसा सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताया है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने का अनुरोध किया। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना पर दुख व्यक्त किया था और मरने वालों के परिवार को चार-चार लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है।


राहुल गांधी ने जताया दुख...
बता दें कि हादसा सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताया है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने का अनुरोध किया। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना पर दुख व्यक्त किया था और मरने वालों के परिवार को चार-चार लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है।


कई लाशों के बीच पड़ी थी भैया की लाश 
कवर्धा से अपने बड़े भाई का इलाज कराने आए प्रिय प्रकाश ने बताया कि मेरे बड़े भाई रमेश साहू इस अस्पताल में भर्ती हैं। उनका नौ दिन से इलाज चल रहा था। जब आग लगी तो मैं उनकी दवाएं लेने के लिए मेडिकल पर गया था। जब में आया तो वहां आग लगी हुई थी। किसी तरह मैं हड़बड़ाकर वहां पहुंचा तो सभी भाग रहे थे। मैं चीखता रहा मेरे भैया अंदर हैं वो मर जाएंग कोई उनको निकाल दो। फिर मैं ही अंदर गया तो देखा यहां वहां लाशें पड़ी हुई थीं। कई लोगों ने पूछा देखा लेकिन वह नहीं मिले। फिर एक कोने में नजर गई तो उनकी आधी जली लाश पड़ी थी। 


कई लाशों के बीच पड़ी थी भैया की लाश 
कवर्धा से अपने बड़े भाई का इलाज कराने आए प्रिय प्रकाश ने बताया कि मेरे बड़े भाई रमेश साहू इस अस्पताल में भर्ती हैं। उनका नौ दिन से इलाज चल रहा था। जब आग लगी तो मैं उनकी दवाएं लेने के लिए मेडिकल पर गया था। जब में आया तो वहां आग लगी हुई थी। किसी तरह मैं हड़बड़ाकर वहां पहुंचा तो सभी भाग रहे थे। मैं चीखता रहा मेरे भैया अंदर हैं वो मर जाएंग कोई उनको निकाल दो। फिर मैं ही अंदर गया तो देखा यहां वहां लाशें पड़ी हुई थीं। कई लोगों ने पूछा देखा लेकिन वह नहीं मिले। फिर एक कोने में नजर गई तो उनकी आधी जली लाश पड़ी थी। 

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