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नक्सली हमला: जवानों के शव से जूते-कपड़े तक निकाल ले गए नक्सली..इस हालत में मिले भारत मां के वीर सपूत

First Published Apr 4, 2021, 4:11 PM IST
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बीजापुर (छत्तीसगढ़). सुकमा और बीजापुर की सीमा पर जंगल में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 24 जवान शहीद हो गए। वहीं 31 घायल जवान अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि अभी कई और जवान और लापता बताए जा रहे हैं। नक्सली अटैक के एक दिन बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वह बेहद मार्मिक और दिल दहला देने वाली हैं। कैसे भारत मां के वीर सपूत  DRG और STF के जवानों पर नक्सलियों ने धोखे से हमला कर अपना शिकार बना लिया।


दरअसल, पिछले कुछ सालों से सीआरपीएफ और अन्य बटालियन के जवान नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ बीजापुर में उनका खात्मा करने के लिए ऑपरेशन चला रहे हैं। बताया जाता है कि शनिवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के सबसे बड़े पीपुल्स लिबरेशन ग्रुप आर्मी प्लाटून वन में से एक हिडमा के गढ़ में अभियान चालाया था। इसी दौरान हिडमा की बटालियन ने जवानों की एक टुकड़ी को एंबुश में फंसा लिया। जिसके बाद सीआपीएफ और कोबारा जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया जाता है कि जवानों की इस टुकड़ी में करीब 50 से ज्यादा जवान थे।
 


दरअसल, पिछले कुछ सालों से सीआरपीएफ और अन्य बटालियन के जवान नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ बीजापुर में उनका खात्मा करने के लिए ऑपरेशन चला रहे हैं। बताया जाता है कि शनिवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के सबसे बड़े पीपुल्स लिबरेशन ग्रुप आर्मी प्लाटून वन में से एक हिडमा के गढ़ में अभियान चालाया था। इसी दौरान हिडमा की बटालियन ने जवानों की एक टुकड़ी को एंबुश में फंसा लिया। जिसके बाद सीआपीएफ और कोबारा जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया जाता है कि जवानों की इस टुकड़ी में करीब 50 से ज्यादा जवान थे।
 


सुकमा की सीमा पर बसे टेकुलगुड़ा गांव में से जो दृश्य सामने आए वह भावुक कर  देने वाले हैं। गांव में कई जगह पर जवानों के शव पड़े हुए हैं। नक्सली इतने पत्थर दिल निकले की मृत जवानों की देह के कपड़े और उनके जूते तक निकाल ले गए। इस शर्मनाक हरकत पर सोशल मीडिया पर यूजर तस्वीरें देख भावुक कमेट्स कर रहे हैं।


सुकमा की सीमा पर बसे टेकुलगुड़ा गांव में से जो दृश्य सामने आए वह भावुक कर  देने वाले हैं। गांव में कई जगह पर जवानों के शव पड़े हुए हैं। नक्सली इतने पत्थर दिल निकले की मृत जवानों की देह के कपड़े और उनके जूते तक निकाल ले गए। इस शर्मनाक हरकत पर सोशल मीडिया पर यूजर तस्वीरें देख भावुक कमेट्स कर रहे हैं।


मीडिया के जरिए इस मुठभेड़ के बाद जो दृश्य देखे गय वह न सिर्फ वीभत्स हैं, बल्कि नक्सलियों के राक्षसी मानसिकता को भी दिखाते हैं। कैसे पेड़ के नीचे  कंकड़-पत्थर की तरह  बुरी हालत में जवानों के शव पड़े हुए थे। जब सीआरपीएफ और डीआरजी के जवानों के इन शवों को बरामद किया तो उनकी आंखों में भी आंसू आ गए। लेकिन नक्सलियों का दिल नहीं पसीजा।


मीडिया के जरिए इस मुठभेड़ के बाद जो दृश्य देखे गय वह न सिर्फ वीभत्स हैं, बल्कि नक्सलियों के राक्षसी मानसिकता को भी दिखाते हैं। कैसे पेड़ के नीचे  कंकड़-पत्थर की तरह  बुरी हालत में जवानों के शव पड़े हुए थे। जब सीआरपीएफ और डीआरजी के जवानों के इन शवों को बरामद किया तो उनकी आंखों में भी आंसू आ गए। लेकिन नक्सलियों का दिल नहीं पसीजा।


बता दें कि यह साल का सबसे बड़ा नक्सली हमला था, जिसमें एक साथ इतनी संख्या में जवान शहीद हुए हैं। बीजापुर और सुकमा की सीमा पर बसे कई गांव में इस खबर के बाद से  सन्नाटा पसरा हुआ है।नक्सलियों की करतूत के खौफनाक मंजर के देख  ग्रामीण डर-सहमे हुए हैं।


बता दें कि यह साल का सबसे बड़ा नक्सली हमला था, जिसमें एक साथ इतनी संख्या में जवान शहीद हुए हैं। बीजापुर और सुकमा की सीमा पर बसे कई गांव में इस खबर के बाद से  सन्नाटा पसरा हुआ है।नक्सलियों की करतूत के खौफनाक मंजर के देख  ग्रामीण डर-सहमे हुए हैं।


हिडमा ने इस पूरे घटना को अंजाम दिया है, वह कभी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शरण लेकर रहता है। उसके पास सभी तरह के आधुनिक हथियार हैं। उसकी टीम क पास यूबीजीएल, रॉकेट लॉन्चर, एके 47 जैसे हथियार हैं।
 


हिडमा ने इस पूरे घटना को अंजाम दिया है, वह कभी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शरण लेकर रहता है। उसके पास सभी तरह के आधुनिक हथियार हैं। उसकी टीम क पास यूबीजीएल, रॉकेट लॉन्चर, एके 47 जैसे हथियार हैं।
 

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