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कोरोना की शर्मनाक तस्वीर: कचरा गाड़ी-माल ढोने वाले ट्रक में ढो रहे लाशें, शवों में पड़े कीड़े!

First Published Apr 15, 2021, 11:41 AM IST
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राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते कहर में ऑक्सीजन की कमी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भयावह मंजर की स्थिति बनते जा रही है। छत्तसीगढ़ के राजनांदगांव जिले में ऑक्सीजन की कमी के चलते कोविड सेंटर में दो सगी बहनों सहित चार लोगों की मौत हो गई। आलम यह था कि इनकी मौत के बाद भी सरकारी सिस्टम शवों को ले जाने के लिए शव वाहन की व्यवस्था तक नहीं पाया। आखिर में चारों लाशों को अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायत के कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ी में रखकर श्मशान तक ले जाया गया। देखिए कुछ ऐसी ही तस्वीरें जो मानवता को शर्मसार करती हैं...


दरअसल, यह मामला डोंगरगांव कोविड सेंटर का है, जहां आसरा गांव की रहने वाली दो सगी बहनों को उनके परिजनों ने मंगलवार दोपहर को भर्ती कराया था। दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ऑक्सीजन लेवल डाउन हो रहा था। दोनों को सिलेंडर तो लगाया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आलम यह हुआ कि एक ने 9 बजे मौत हो गई तो दूसरी ने रात डेढ़ बजे दम तोड़ दिया। बता दें कि दोनों सगी बहनें, देवरानी और जेठानी हैं। इसके बाद अस्पताल के बीएमओ ने नगर पंचायत से शव ले जाने के लिए वाहन की मदद मांगी, नगर पंचायत के अफसरों ने कचरा कलेक्शन करने वाला वाहन भेज दिया। बेबसी में परिजन अपनी बेटियों की लाशें उसमें रखकर मुक्तिधाम तक ले गए।


दरअसल, यह मामला डोंगरगांव कोविड सेंटर का है, जहां आसरा गांव की रहने वाली दो सगी बहनों को उनके परिजनों ने मंगलवार दोपहर को भर्ती कराया था। दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ऑक्सीजन लेवल डाउन हो रहा था। दोनों को सिलेंडर तो लगाया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आलम यह हुआ कि एक ने 9 बजे मौत हो गई तो दूसरी ने रात डेढ़ बजे दम तोड़ दिया। बता दें कि दोनों सगी बहनें, देवरानी और जेठानी हैं। इसके बाद अस्पताल के बीएमओ ने नगर पंचायत से शव ले जाने के लिए वाहन की मदद मांगी, नगर पंचायत के अफसरों ने कचरा कलेक्शन करने वाला वाहन भेज दिया। बेबसी में परिजन अपनी बेटियों की लाशें उसमें रखकर मुक्तिधाम तक ले गए।


सरकासी सिस्टम और मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह तस्वीर रायपुर के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल के मर्चुरी की है। जहां हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शवों को श्मशान घाटों तक ले जाने के लिए माल ढोने वाले ट्रक में ले जाने पड़े। करीब एक दर्जन शव अंतिम संस्कार के लिए ट्रक के जरिए ले जाए गए।


सरकासी सिस्टम और मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह तस्वीर रायपुर के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल के मर्चुरी की है। जहां हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शवों को श्मशान घाटों तक ले जाने के लिए माल ढोने वाले ट्रक में ले जाने पड़े। करीब एक दर्जन शव अंतिम संस्कार के लिए ट्रक के जरिए ले जाए गए।


लापरवाही की यह तस्वीर भी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के कोविड वार्ड की है। रोज  20 कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजने में इतनी देरी हो रही है कि फ्रीजर की कमी के चलते शव सड़ने लगे हैं और उनमें कीड़े भी लग चुके हैं।


लापरवाही की यह तस्वीर भी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के कोविड वार्ड की है। रोज  20 कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजने में इतनी देरी हो रही है कि फ्रीजर की कमी के चलते शव सड़ने लगे हैं और उनमें कीड़े भी लग चुके हैं।

कचड़े की तरह शवों की यह तस्वीर भी रायपुर की है। जहां शवों से जब मुर्दा घर भर गया तो बाहर लावारिस हालत में लाशें यूं पड़ी हैं। जिनको कोई देखने वाला नहीं हैं।  

कचड़े की तरह शवों की यह तस्वीर भी रायपुर की है। जहां शवों से जब मुर्दा घर भर गया तो बाहर लावारिस हालत में लाशें यूं पड़ी हैं। जिनको कोई देखने वाला नहीं हैं।  

यह तस्वीर महाराष्ट्र के ठाणे इलाके के एक निजी अस्पताल की है, जहां आपदा के भयावह मंजर कुछ इस तरह नजर आया कि संक्रमित शवों को कचरे वाले बैग में पैक किया गया। इस दौरान किसी ने यह वीडिया बना लिया। जिसे भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा सोशल मीडिया में शेयर किया है। जिसको को लेकर ठाकरे सरकार की किरकिरी हो रही है।
 

यह तस्वीर महाराष्ट्र के ठाणे इलाके के एक निजी अस्पताल की है, जहां आपदा के भयावह मंजर कुछ इस तरह नजर आया कि संक्रमित शवों को कचरे वाले बैग में पैक किया गया। इस दौरान किसी ने यह वीडिया बना लिया। जिसे भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा सोशल मीडिया में शेयर किया है। जिसको को लेकर ठाकरे सरकार की किरकिरी हो रही है।
 


छत्तीसगढ़ में कोरोना की सबसे भयावह स्थिति राजधानी रायपुर की है। जहां संक्रमित मरीजों से लेकर मरने वालों का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। शहर में शव जलाने के लिए श्मशानों में लंबी कतारे लगी हुई हैं। ऐसी ही एक तस्वीर रायपुर के महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम की सामने आई है। जहां पर शवों को जलाने के लिए जब शेड में जगह नहीं बची तो नीचे ही दाह संस्कार किया गया।


छत्तीसगढ़ में कोरोना की सबसे भयावह स्थिति राजधानी रायपुर की है। जहां संक्रमित मरीजों से लेकर मरने वालों का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। शहर में शव जलाने के लिए श्मशानों में लंबी कतारे लगी हुई हैं। ऐसी ही एक तस्वीर रायपुर के महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम की सामने आई है। जहां पर शवों को जलाने के लिए जब शेड में जगह नहीं बची तो नीचे ही दाह संस्कार किया गया।

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