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नक्सली हमले के असली हीरो को सलाम: 2 गोली लगी फिर साथियों को बचाते रहे, नक्‍सलियों से किया डटकर मुकाबला

First Published Apr 6, 2021, 12:26 PM IST
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गरियाबंद (छत्तीसगढ़) . 4 दिन पहले शनिवार को बीजापुर के जंगल में हुए नक्सली हमले में 23 जवान शहीद हो गए। वहीं 31 जवान घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। नक्सलियों और सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में जाबांज जवानों ने वीरता और साहस का परिचय दिया। इसी हमले में सीआरपीएफ के सेकेंड इन कमांड संदीप द्विवेदी घायल हुए हैं, जिन्होंने अगर अदमस्य साहस नहीं दिखाया होता तो शायद वह भी शहीदों की लिस्ट में शामिल होते। आइए जानते हैं उन्हीं की जुबानी कैसे उन्होंने नक्सलियों का डटकर सामना किया...
 


दरअसल,  नक्सली हमले में घायल हुए जवान संदीप द्विवेदी का इस वक्त रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की, जिसने भी उनके जज्बे हो देखा वह उनका कायल हो गया। संदीप बात करते हुए मीडियाकर्मियों से बीच-बीच में मुस्कुराते भी रहे। उनको देखकर नहीं लग रहा था कि उनको गोली भी लगी होगी। इसी बीच उन्होंने हंसते हुए अपनी एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जो अब वायरल हो गई है।


दरअसल,  नक्सली हमले में घायल हुए जवान संदीप द्विवेदी का इस वक्त रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की, जिसने भी उनके जज्बे हो देखा वह उनका कायल हो गया। संदीप बात करते हुए मीडियाकर्मियों से बीच-बीच में मुस्कुराते भी रहे। उनको देखकर नहीं लग रहा था कि उनको गोली भी लगी होगी। इसी बीच उन्होंने हंसते हुए अपनी एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जो अब वायरल हो गई है।


संदीप सीआरपीएफ के फील्‍ड कमांडर हैं और 201 कोबरा बटालियन में तैनात हैं। इस हमले में उनकी दायीं बांह‍ पर दो गोलियां लग गई थीं, लेकिन फिर भी वो नक्‍सलियों से लड़ते रहे। उन्होंने जवानों नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को फंसाने के लिए लगाए घातक एंबुस को भी तोड़ा, एक तरफ जहां वो नक्सलियों के हमले का जवाब दे रहे थे वहीं दूसरी तरफ घायल जवानों को वहां से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाने की कोशिश में भी लगे हुए थे, इस दौरान वो खुद घायल हो गए।


संदीप सीआरपीएफ के फील्‍ड कमांडर हैं और 201 कोबरा बटालियन में तैनात हैं। इस हमले में उनकी दायीं बांह‍ पर दो गोलियां लग गई थीं, लेकिन फिर भी वो नक्‍सलियों से लड़ते रहे। उन्होंने जवानों नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को फंसाने के लिए लगाए घातक एंबुस को भी तोड़ा, एक तरफ जहां वो नक्सलियों के हमले का जवाब दे रहे थे वहीं दूसरी तरफ घायल जवानों को वहां से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाने की कोशिश में भी लगे हुए थे, इस दौरान वो खुद घायल हो गए।


गृह मंत्री अमित शाह सोमवार की शाम घायलों से मिलने के लिए पहुंचे हुए थे। इस दौरान शाह ने संदीप द्विवेदी से भी मुलाकात की। संदीप बिस्तर पर लेटे हुए थे, लेकिन जैसे ही गृह मंत्री उनके करीब आए तो वह थोड़ा उठे और कहने लगे हैलो सर, इसके बाद  शाह ने कहा कि हिम्मत रखो, तुम्हें कुछ नहीं होगा।  बस ठीक से आराम करो और आत्म विश्वास रखो। शाह ने पूछा कहां के हो संदीप तो जवान ने कहा सर में सर यूपी का रहने वाला हूं। 
 


गृह मंत्री अमित शाह सोमवार की शाम घायलों से मिलने के लिए पहुंचे हुए थे। इस दौरान शाह ने संदीप द्विवेदी से भी मुलाकात की। संदीप बिस्तर पर लेटे हुए थे, लेकिन जैसे ही गृह मंत्री उनके करीब आए तो वह थोड़ा उठे और कहने लगे हैलो सर, इसके बाद  शाह ने कहा कि हिम्मत रखो, तुम्हें कुछ नहीं होगा।  बस ठीक से आराम करो और आत्म विश्वास रखो। शाह ने पूछा कहां के हो संदीप तो जवान ने कहा सर में सर यूपी का रहने वाला हूं। 
 

संदीप कहा कि नक्सली हमले की और जवानों के हर मूवमेंट की जानकारी गांव के लोगों के साथ अन्य नक्सलियों शेयर कर रहे  थे। जिसके चलते उन्होंने  दूर पहाड़ी पर ऐसी पोजिशन पहले से ले रखी थी कि हम पर हमला कर सकें। हम भी जब जोनागुड़ा की तरफ जा रहे थे तो पता था कि कुछ हो सकता है वहां। जब टीम वहां गई तो उनकी तरफ से बड़ी फायरिंग की गई।
 

संदीप कहा कि नक्सली हमले की और जवानों के हर मूवमेंट की जानकारी गांव के लोगों के साथ अन्य नक्सलियों शेयर कर रहे  थे। जिसके चलते उन्होंने  दूर पहाड़ी पर ऐसी पोजिशन पहले से ले रखी थी कि हम पर हमला कर सकें। हम भी जब जोनागुड़ा की तरफ जा रहे थे तो पता था कि कुछ हो सकता है वहां। जब टीम वहां गई तो उनकी तरफ से बड़ी फायरिंग की गई।
 


वहीं इसी अस्पताल में भर्ती जवान बताया कि नक्सली रॉकेट लॉन्चर और बम पहाड़ी से हम पर फेंक रहे थे। उनकी तरफ से लगातार गोलियां चल रही थीं और बम ब्लास्ट हो रहे थे। हमारे जवानों को पोजिशन के लिए भी समय नहीं मिल पाया। इतने में उन्होंने दूर वाले पहाड़ से हम पर गोली बरसाना शुरू कर दिया।   नक्सलियों ने जवानों को घेर लिया। हालांकि हमें पता था कि नक्सलियों से मुठभेड़ होगी लेकिन, इतनी खतरनाक होगी इसका अंदाजा नहीं था।


वहीं इसी अस्पताल में भर्ती जवान बताया कि नक्सली रॉकेट लॉन्चर और बम पहाड़ी से हम पर फेंक रहे थे। उनकी तरफ से लगातार गोलियां चल रही थीं और बम ब्लास्ट हो रहे थे। हमारे जवानों को पोजिशन के लिए भी समय नहीं मिल पाया। इतने में उन्होंने दूर वाले पहाड़ से हम पर गोली बरसाना शुरू कर दिया।   नक्सलियों ने जवानों को घेर लिया। हालांकि हमें पता था कि नक्सलियों से मुठभेड़ होगी लेकिन, इतनी खतरनाक होगी इसका अंदाजा नहीं था।

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