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WhatsApp कॉल पर नक्सलियों का दावा-अभी और जवान हमारे कब्जे में हैं, जानिए पूरा मामला

First Published Apr 5, 2021, 3:06 PM IST
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बीजापुर  (Chhattisgarh) । नक्सलियों के साथ तर्रेम में 3 अप्रैल को हुई मुठभेड़ में लापता जवान का पता चल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नक्सलियों ने ही मीडिया को व्हाट्सएप कॉल पर जवान के बारे में जानकारी दी। जिसमें कहा गया है कि जवान उनके पास है। वह सुरक्षित है। उसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। 

शहीदों की लिस्ट में था राकेश्वर का नाम
बता दें कि नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान 23 जवान शहीद हुए थे। इनमें से 20 के शव नहीं मिल पाए थे। एयरफोर्स की मदद से 20 जवानों के शव रिकवर किए गए थे। एक जवान लापता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये नाम कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास का था, जिनका नाम शहीदों की लिस्ट में है, लेकिन नक्सलियों के ऑडियो मैसेज में दावा किया गया है कि राकेश्वर उनके कब्जे में सुरक्षित हैं। बता दें कि वे जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं। बीजापुर एसपी कमल लोचन ने इस जवान की लोकेशन नहीं मिलने की बात कही थी।

शहीदों की लिस्ट में था राकेश्वर का नाम
बता दें कि नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान 23 जवान शहीद हुए थे। इनमें से 20 के शव नहीं मिल पाए थे। एयरफोर्स की मदद से 20 जवानों के शव रिकवर किए गए थे। एक जवान लापता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये नाम कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास का था, जिनका नाम शहीदों की लिस्ट में है, लेकिन नक्सलियों के ऑडियो मैसेज में दावा किया गया है कि राकेश्वर उनके कब्जे में सुरक्षित हैं। बता दें कि वे जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं। बीजापुर एसपी कमल लोचन ने इस जवान की लोकेशन नहीं मिलने की बात कही थी।

ऐसे किया गया था जवानों पर हमला
बताया जाता है कि 25 लाख के इनामी नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा की सुरक्षा में नक्सलियों की सबसे घातक टीम रहती है। यह टीम अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ स्थल पर मौजूद एक जवान ने बताया है कि इस टीम में करीब 800 की संख्या में नक्सली थे। उन्होंने जवानों के ऊपर हमला किया है।

ऐसे किया गया था जवानों पर हमला
बताया जाता है कि 25 लाख के इनामी नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा की सुरक्षा में नक्सलियों की सबसे घातक टीम रहती है। यह टीम अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ स्थल पर मौजूद एक जवान ने बताया है कि इस टीम में करीब 800 की संख्या में नक्सली थे। उन्होंने जवानों के ऊपर हमला किया है।

यू शेप  एंबुश में फंसा लिए गए थे जवान
हिडमा खुद कभी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शरण लेता रहता है। घटना वाली जगह भी तेलंगाना की सीमा से लगती है। वहीं, हिडमा को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों की टीम कई हिस्सों में बंटी हुई थी। जिसकी जानकारी पहले से ही हिडमा की बटालियन को था, जबकि इसकी भनक जवानों को नहीं थी। ऐसे में नक्सलियों ने जवानों की टीम को अपने मुफीद एंबुश में फंसा लिया, जो यू शेप में थी। 

यू शेप  एंबुश में फंसा लिए गए थे जवान
हिडमा खुद कभी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शरण लेता रहता है। घटना वाली जगह भी तेलंगाना की सीमा से लगती है। वहीं, हिडमा को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों की टीम कई हिस्सों में बंटी हुई थी। जिसकी जानकारी पहले से ही हिडमा की बटालियन को था, जबकि इसकी भनक जवानों को नहीं थी। ऐसे में नक्सलियों ने जवानों की टीम को अपने मुफीद एंबुश में फंसा लिया, जो यू शेप में थी। 

जवानों के पास नहीं था आगे बढ़ने का रास्ता
यू शेप में बनाए गए एंबुश में दाखिल होने के बाद जवानों के आगे बढ़ने का रास्ता बंद हो गया था। जिसके बाद नक्सलियों ने तीन तरफ से घेर लिया था। हिडमा की बटालियन पहाड़ के ऊपर थी और जवान नीचे। उसके बाद जवानों की घेराबंदी कर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
 

जवानों के पास नहीं था आगे बढ़ने का रास्ता
यू शेप में बनाए गए एंबुश में दाखिल होने के बाद जवानों के आगे बढ़ने का रास्ता बंद हो गया था। जिसके बाद नक्सलियों ने तीन तरफ से घेर लिया था। हिडमा की बटालियन पहाड़ के ऊपर थी और जवान नीचे। उसके बाद जवानों की घेराबंदी कर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
 

पोजिशन लेने से पहले हो गया था हमला
चारों तरफ से घिरे जवानों के पास कोई चारा नहीं बचा था। उसके बाद भी जवानों ने हिडमा की बटालियन को मुंहतोड़ जवाब दिया है। कुछ जवानों ने जोनागुड़ा से लगे गांव की ओर पोजिशन के लिए वहां जाने की कोशिश की, लेकिन नक्सलियों ने वहां भी उनका पीछा कर फायरिंग की। नक्सली हमला कर हथियार, सामान लूटते गए और पीछे जंगलों में भागते गए।
 

पोजिशन लेने से पहले हो गया था हमला
चारों तरफ से घिरे जवानों के पास कोई चारा नहीं बचा था। उसके बाद भी जवानों ने हिडमा की बटालियन को मुंहतोड़ जवाब दिया है। कुछ जवानों ने जोनागुड़ा से लगे गांव की ओर पोजिशन के लिए वहां जाने की कोशिश की, लेकिन नक्सलियों ने वहां भी उनका पीछा कर फायरिंग की। नक्सली हमला कर हथियार, सामान लूटते गए और पीछे जंगलों में भागते गए।
 

जवानों के जूते और हथियार तक उठा ले गए थे नक्सली
अगले दिन रविवार को हर ओर जवानों के शव पड़े मिले थे। नक्सलियों ने जवानों के जूते और हथियार और दूसरे सामान तक ले लिए थे। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भी बहुत नुकसान हुआ था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नक्सली मौके से चार ट्रैक्टर में भरकर अपने साथियों के शव ले गए हैं। कुछ दिन पहले ही हिडमा ने पुलिस को चुनौती थी।

जवानों के जूते और हथियार तक उठा ले गए थे नक्सली
अगले दिन रविवार को हर ओर जवानों के शव पड़े मिले थे। नक्सलियों ने जवानों के जूते और हथियार और दूसरे सामान तक ले लिए थे। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भी बहुत नुकसान हुआ था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नक्सली मौके से चार ट्रैक्टर में भरकर अपने साथियों के शव ले गए हैं। कुछ दिन पहले ही हिडमा ने पुलिस को चुनौती थी।

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