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Chaitra Navratri 2021: मां दुर्गा को पसंद है ये खास चीज, 9 दिन इन 9 भोगों से माता को करें प्रसन्न

First Published Apr 13, 2021, 11:29 AM IST
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फूड डेस्क : शक्ति का पर्व यानी की चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल से (Chaitra Navratri 2021) शुरू हो गई है, जो कि 21 अप्रैल तक चलेगी। नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक हर तरफ भक्तिमय माहौल रहता है। मां जगदम्बा को प्रसन्न करने के लिए भक्त 56 प्रकार के भोग मां को अर्पित करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि मां दुर्गा को सबसे ज्यादा क्या प्रिय होता है ? बता दें कि नवरात्रि के 9 दिनों मां के विभिन्न रुपों की पूजा की जाती है। इस दौरान हर स्वरूप को एक अलग प्रकार का भोग लगाया जाता है। आइए आज हम आपको बताते हैं, कि किस दिन माता को कौन सा भोग लगाएं…

पहला दिन- नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन मां शैलपुत्री को गाय के घी भोग लगाने चाहिए। आप चाहे तो इस दिन गाय के घी का हलवा भी बना सकते हैं।

पहला दिन- नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन मां शैलपुत्री को गाय के घी भोग लगाने चाहिए। आप चाहे तो इस दिन गाय के घी का हलवा भी बना सकते हैं।

दूसरा दिन- नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा जाती है। इस दिन माता को शक्कर का भोग लगाना चाहिए। आप चाहे तो शक्कर से किसी तरह की कोई मिठाई बना सकते हैं।

दूसरा दिन- नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा जाती है। इस दिन माता को शक्कर का भोग लगाना चाहिए। आप चाहे तो शक्कर से किसी तरह की कोई मिठाई बना सकते हैं।

तीसरा दिन- नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन मां को दूध का भोग चढ़ाएं और उसे जरूरतमंद को दान कर देना चाहिए। 

तीसरा दिन- नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन मां को दूध का भोग चढ़ाएं और उसे जरूरतमंद को दान कर देना चाहिए। 

चौथा दिन- चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। इस दिन मां को मालपुआ का भोग लगाना चाहिए। इससे मां बहुत खुश होती है और सद्बुद्धि देती है।

चौथा दिन- चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा की जाती है। इस दिन मां को मालपुआ का भोग लगाना चाहिए। इससे मां बहुत खुश होती है और सद्बुद्धि देती है।

पांचवा दिन- नवरात्रि के पांचवें दिन मां को केले का भोग चढ़ाना चाहिए। इस दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां स्कन्दमाता की पूजा से सुख-शान्ति और शुभता की प्राप्ति होती है।

पांचवा दिन- नवरात्रि के पांचवें दिन मां को केले का भोग चढ़ाना चाहिए। इस दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां स्कन्दमाता की पूजा से सुख-शान्ति और शुभता की प्राप्ति होती है।

छठां दिन- नवरात्र के छठे दिन कात्यायनी देवी की पूजा की जाती है। इस दिन मां को शहद का भोग लगाना चाहिए। इससे व्यक्ति की आकर्षण शक्त्ति में वृद्धि होती है।

छठां दिन- नवरात्र के छठे दिन कात्यायनी देवी की पूजा की जाती है। इस दिन मां को शहद का भोग लगाना चाहिए। इससे व्यक्ति की आकर्षण शक्त्ति में वृद्धि होती है।

सातवां दिन- नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन मां को गुड़ का भोग लगाएं और ब्राह्मण को दान करें। ऐसा करने के सारे संकट दूर हो जाते है।

सातवां दिन- नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन मां को गुड़ का भोग लगाएं और ब्राह्मण को दान करें। ऐसा करने के सारे संकट दूर हो जाते है।

आठवां दिन- नवरात्रि के आठवें दिन माता गौरी की पूजा की जाती है। इस दिन मां को नारियल चढ़ाया जाता है। इससे संतान संबंधी परेशानियां दूर हो जाती है।

आठवां दिन- नवरात्रि के आठवें दिन माता गौरी की पूजा की जाती है। इस दिन मां को नारियल चढ़ाया जाता है। इससे संतान संबंधी परेशानियां दूर हो जाती है।

नौवां दिन- इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन तिल का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ ही कन्यों हलवा, चना-पूरी, खीर और पुए खिलाना चाहिए। 

नौवां दिन- इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन तिल का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ ही कन्यों हलवा, चना-पूरी, खीर और पुए खिलाना चाहिए। 

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