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Atrial Fibrillation: क्या है एट्रियल फिब्रिलेशन? शराब पीने वालों को करता है ज्यादा प्रभावित

First Published May 18, 2021, 1:08 PM IST
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हेल्थ डेस्क. अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (American College of Cardiology) की स्टडी के अनुसार, शराब हार्ट को प्रभावित करती है इसका एक बड़ा कारण एट्रियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) भी है। स्टडी में मिले डेटा से पता चला है कि सिर्फ एक गिलास वाइन, बीयर या कोई और अल्कोहल वाली ड्रिंक लेने के चार घंटों के भीतर होने वाले AFib के एक प्रकरण के दो गुना अधिक था। दो गिलास ड्रिंक के बाद AFib तीन गुना अधिक संभावना थी। क्या है एट्रियल फिब्रिलेशन (  AFib) और कैसे करता है प्रभावित। 

कई तरह के होते हैं लक्षण
ग्रेगरी एम मार्कस, एमडी, कार्डियोलॉजिस्ट और प्रोफेसर कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और स्टडी के प्रमुख राइटर ने कहा- शराब दुनिया में सबसे अधिक खपत की जाने वाली ड्रग है, अभी भी बहुत कुछ है जो हमें समझ में नहीं आता है कि यह हमारे शरीर और विशेष रूप से हमारे दिलों के लिए क्या क्या करती है। उन्होंने कहा कि हमारे डेटा के आधार पर, हमने पाया कि अल्कोहल कुछ घंटों के भीतर AFib के एक एपिसोड को गंभीरता से प्रभावित कर सकता है और जितना अधिक शराब पीने से खतरा अधिक रहता है।  AFib सबसे ज्यादा heart rhythm disorder है। मार्कस ने कहा कि लोग कई तरह के लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। कुछ को कुछ भी महसूस नहीं होता है। जबकि अन्य लोगों को सांस लेने में दिक्कत, थकान, बेहोशी या जैसे लक्षण होता है ऐसे में हमारा हार्ट कंट्रोल से बाहर हो जाता है। 

कई तरह के होते हैं लक्षण
ग्रेगरी एम मार्कस, एमडी, कार्डियोलॉजिस्ट और प्रोफेसर कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और स्टडी के प्रमुख राइटर ने कहा- शराब दुनिया में सबसे अधिक खपत की जाने वाली ड्रग है, अभी भी बहुत कुछ है जो हमें समझ में नहीं आता है कि यह हमारे शरीर और विशेष रूप से हमारे दिलों के लिए क्या क्या करती है। उन्होंने कहा कि हमारे डेटा के आधार पर, हमने पाया कि अल्कोहल कुछ घंटों के भीतर AFib के एक एपिसोड को गंभीरता से प्रभावित कर सकता है और जितना अधिक शराब पीने से खतरा अधिक रहता है।  AFib सबसे ज्यादा heart rhythm disorder है। मार्कस ने कहा कि लोग कई तरह के लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। कुछ को कुछ भी महसूस नहीं होता है। जबकि अन्य लोगों को सांस लेने में दिक्कत, थकान, बेहोशी या जैसे लक्षण होता है ऐसे में हमारा हार्ट कंट्रोल से बाहर हो जाता है। 

हार्ट फेल्‍योर का खतरा
AFib के दौरान हेल्थ सर्विस मंहगी भी होती है। जिसमें इमरजेंसी वार्ड, अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति बनती है। अगर समय में इलाज न किया जाए तो  हार्ट फेल्‍योर होना, स्ट्रोक का भी कारण AFib बन सकता है।   

हार्ट फेल्‍योर का खतरा
AFib के दौरान हेल्थ सर्विस मंहगी भी होती है। जिसमें इमरजेंसी वार्ड, अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति बनती है। अगर समय में इलाज न किया जाए तो  हार्ट फेल्‍योर होना, स्ट्रोक का भी कारण AFib बन सकता है।   

एट्रियल फिब्रिलेशन क्या है?
एट्रियल फिब्रिलेशन एक अनियमित दिल की धड़कन है जो स्ट्रोक और हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है। एट्रियल फिब्रिलेशन के लक्षण में चक्कर आना, कमजोरी और थकान शामिल हैं। इसके इलाज में दवा और जीवनशैली में कई तरह के बदलाव करने होते हैं। इसके साथ ही कभी-कभी कार्डियोवर्सन, एब्लेशन, पेसमेकर या सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं होती हैं। 

एट्रियल फिब्रिलेशन क्या है?
एट्रियल फिब्रिलेशन एक अनियमित दिल की धड़कन है जो स्ट्रोक और हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है। एट्रियल फिब्रिलेशन के लक्षण में चक्कर आना, कमजोरी और थकान शामिल हैं। इसके इलाज में दवा और जीवनशैली में कई तरह के बदलाव करने होते हैं। इसके साथ ही कभी-कभी कार्डियोवर्सन, एब्लेशन, पेसमेकर या सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं होती हैं। 

एट्रियल फिब्रिलेशन के जोखिम क्या है?
एट्रियल फिब्रिलेशन (AFIB) के कोई लक्षण नहीं हो सकता है। लेकिन दिल की धड़कन तेज या रुक जाना, सीने में दर्द या चक्कर आना जैसे लक्षण हो सकते हैं और अक्सर हृदय के पंप से रक्त की मात्रा में कमी से संबंधित होते हैं। खून के थक्के, दिल की धड़कन रुकना। 
 

एट्रियल फिब्रिलेशन के जोखिम क्या है?
एट्रियल फिब्रिलेशन (AFIB) के कोई लक्षण नहीं हो सकता है। लेकिन दिल की धड़कन तेज या रुक जाना, सीने में दर्द या चक्कर आना जैसे लक्षण हो सकते हैं और अक्सर हृदय के पंप से रक्त की मात्रा में कमी से संबंधित होते हैं। खून के थक्के, दिल की धड़कन रुकना। 
 

मौत की अधिक खतरा
मार्कस ने कहा कि नस्ल/जातीयता, लिंग, आनुवंशिकी या अन्य पर्यावरणीय जोखिम जैसे अन्य कारक भी हो सकते हैं जो विभिन्न तरीकों से दिल पर शराब के प्रभाव को प्रभावित करते हैं और इसका अध्ययन करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, लोग अक्सर शराब को उन खाद्य पदार्थों के साथ मिलाते हैं जिनमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जबकि कुछ लोग तनाव महसूस करने के कारण शराब पीते हैं। रिसर्च के अनुसार, ज्यादा शराब पीने वालों को दिल का दौरा और मृत्यु का खतरा अधिक होता है।  

मौत की अधिक खतरा
मार्कस ने कहा कि नस्ल/जातीयता, लिंग, आनुवंशिकी या अन्य पर्यावरणीय जोखिम जैसे अन्य कारक भी हो सकते हैं जो विभिन्न तरीकों से दिल पर शराब के प्रभाव को प्रभावित करते हैं और इसका अध्ययन करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, लोग अक्सर शराब को उन खाद्य पदार्थों के साथ मिलाते हैं जिनमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जबकि कुछ लोग तनाव महसूस करने के कारण शराब पीते हैं। रिसर्च के अनुसार, ज्यादा शराब पीने वालों को दिल का दौरा और मृत्यु का खतरा अधिक होता है।  

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