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एसिड अटैक के बाद के 5 मिनट होते हैं सबसे महत्वपूर्ण, तुरंत करें ये काम तो चेहरे को नहीं होगा ज्यादा नुकसान

First Published Oct 13, 2020, 12:31 PM IST
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लाइफस्टाइल डेस्क : आपके चेहरे पर एक पिंपल भी आ जाए, तो उसे हटाने के लिए आप तुरंत कोई उपाय सोचने लगते हैं। जब तक वह ठीक नहीं हो जाता तब तक आपको चिंता सताए रहती है। तो जरा सोचिए कि उनका क्या हाल होगा जिनके चेहरे पर हमेशा के लिए दाग लग जाता है। खासकर तब जब किसी के ऊपर एसिड अटैक (ACID Attack) होता है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोंडा में तीन दलित बहनों पर एसिड फेंका गया है। बताया जा रहा है कि तीनों जब घर में सोई थी, तब उनके ऊपर एसिड फेंका गया है। चेहरे पर तेजाब गिरने दर्द का होता है ये तो सिर्फ पीड़ित ही जान सकता है। सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि पूरी जिंदगी तेजाब से जले चेहरे के साथ बितानी पड़ती है। लेकिन क्या आप जानते है अगर एसिड फेंकने के 5 मिनट के अंदर हम कुछ काम करें तो चेहरे या अन्य हिस्सों से तेजाब के असर को कम किया जा सकता है। 

एसिड में ज्यादातर सल्फ्यूरिक एसिड (Sulphuric acid)और नाइट्रिक एसिड (Nitric acid)का इस्तेमाल होता है, जो किसी भी चीज को जलाकर बर्बाद करने के लिए काफी है।

एसिड में ज्यादातर सल्फ्यूरिक एसिड (Sulphuric acid)और नाइट्रिक एसिड (Nitric acid)का इस्तेमाल होता है, जो किसी भी चीज को जलाकर बर्बाद करने के लिए काफी है।

अगर आपके या किसी और के शरीर के किसी भी अंग पर एसिड गिरा हो तो जब तक मेडिकल मदद नहीं आती तब तक आपको इस एसिड को फैलने से रोका चाहिए। इसके लिए सबसे पहले आपको पानी से उस जगह को अच्छे से धोना चाहिए।

अगर आपके या किसी और के शरीर के किसी भी अंग पर एसिड गिरा हो तो जब तक मेडिकल मदद नहीं आती तब तक आपको इस एसिड को फैलने से रोका चाहिए। इसके लिए सबसे पहले आपको पानी से उस जगह को अच्छे से धोना चाहिए।

शरीर के ज्यादा हिस्से पर यदि तेजाब गिर जाए तो उस व्यक्ति करीब एक घंटे तक पानी की धार के नीचे बैठा देना चाहिए। ऐसा करने से अंदरूनी टिश्यू डैमेज होने से बच जाते है। इससे काफी हद तक घाव से बचाव किया जा सकता है। 

शरीर के ज्यादा हिस्से पर यदि तेजाब गिर जाए तो उस व्यक्ति करीब एक घंटे तक पानी की धार के नीचे बैठा देना चाहिए। ऐसा करने से अंदरूनी टिश्यू डैमेज होने से बच जाते है। इससे काफी हद तक घाव से बचाव किया जा सकता है। 

अगर पैरों या हाथों पर एसिड पड़ता है तो जले हुए भाग पर तब तक पानी छिड़किए जब तक कैमिकल फैलना और जलना रुक नहीं जाता। इसके लिए सिर्फ साफ पानी का ही इस्तेमाल करें क्योंकि गंदे पानी से जलन और बढ़ सकती है।

अगर पैरों या हाथों पर एसिड पड़ता है तो जले हुए भाग पर तब तक पानी छिड़किए जब तक कैमिकल फैलना और जलना रुक नहीं जाता। इसके लिए सिर्फ साफ पानी का ही इस्तेमाल करें क्योंकि गंदे पानी से जलन और बढ़ सकती है।

पानी एसिड के प्रभाव को कम करता है। लेकिन अगर आपको कच्चा दूध मिल सके तो उसका भी प्रयोग कर सकते है। इस दौरान साबुन का इस्तेमाल ना करें और चेहरे को रगड़े नहीं।

पानी एसिड के प्रभाव को कम करता है। लेकिन अगर आपको कच्चा दूध मिल सके तो उसका भी प्रयोग कर सकते है। इस दौरान साबुन का इस्तेमाल ना करें और चेहरे को रगड़े नहीं।

एसिड से जले हुए भाग को गीले कपड़े से नहीं पोछना चाहिए, इससे घाव और गहरा हो जाएगा।

एसिड से जले हुए भाग को गीले कपड़े से नहीं पोछना चाहिए, इससे घाव और गहरा हो जाएगा।

जले हुए भाग पर कुछ भी न लगाएं। न लोशन, न मलहम, न पाउडर कुछ भी नहीं। ये सब सिर्फ मेडिकल सुपरविजन में लगाया जाना चाहिए।

जले हुए भाग पर कुछ भी न लगाएं। न लोशन, न मलहम, न पाउडर कुछ भी नहीं। ये सब सिर्फ मेडिकल सुपरविजन में लगाया जाना चाहिए।

जब आप पीड़ित को फर्स्ट एड दे रहे हैं तो उस समय किसी और को जल्द से जल्द एंबुलेंस बुलाने के लिए कह दें। एसिड हमले के पीड़ित को नुकसान से बचाने के लिए मेडिकल प्रोफेशनल्स से ही इलाज कराना चाहिए।

जब आप पीड़ित को फर्स्ट एड दे रहे हैं तो उस समय किसी और को जल्द से जल्द एंबुलेंस बुलाने के लिए कह दें। एसिड हमले के पीड़ित को नुकसान से बचाने के लिए मेडिकल प्रोफेशनल्स से ही इलाज कराना चाहिए।

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