पहले मांगी थी अच्छी बारिश की दुआ, अब कह रहे है भगवान पानी को रोक दो....
भोपाल. पिछले तीन दिनों से मध्य प्रदेश में जारी भारी बारिश की वजह से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेश के सभी नदी नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। रहवासी इलाके में पानी भर गया है। पूरी तरह से लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। प्रशासन ने राज्य के करीब 30 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इस भीषण बारिश में रविवार को भोपाल में एक डेढ़ साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई है। मंडला में बारिश से हालात बेकाबू हो गए हैं। यहां नर्मदा नदी खतरे के निशान से चार फीट ऊपर बह रही है। सिर्फ एक दिन में यहां 134 मिली मीटर बारिश हुई है। लोगों के घरों में पानी भर गया है। पहले लोग यह दुआ कर रहे थे कि है भगवान इस साल अच्छी बारिश करा देना। लेकिन तीन दिनों में बारिश ने इस तरह तांडव मचाया कि अब लोग यही कर रहे हैं कि भगवान अब तो पानी को रोक दो।
15

लगातार जारी भारी बारिश की वजह से भोपाल जिला कलेक्टर तरुण पिथोडे ने स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे। इसके अलावा अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी किया कर दिया है।
Add Asianetnews Hindi as a Preferred Source

25
भोपाल और विदिशा में बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। यहां के लोगों के लिए आफत की बारिश बन गई है। नगर निगम की टीम ने वहां के लोगों के पास जाकर रेस्क्यू कर रहवासियों की मदद की जा रही है। कई कॉलोनियों में तो ये हालत है कि लोगो को अपने घर तक पहुंचे में काफी मशक्कत करना पड़ रही है। राज्य के जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने भोपाल में लगातार जारी भारी वर्षा के बीच प्रभावित बस्तियों का दौरा किया
35
बारिश के कारण जबलपुर के बरगी बांध पानी से लबालब हो गया है। इस वजह से बांध के 21 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं भोपाल के भदभदा डैम और कलियासोत डैम को भी एक बार खोलना पड़ा है। साथ ही रायसेन के बारना डैम के सभी गेटों के साथ होशंगाबाद के तवा के 9 गेट खोले गए। प्रदेश में कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है नर्मदा नदी। यहां आसपास रहने वाले लोगों को भी चेतावनी दे दी गई है। इस सीजन में पहली बार इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
45
भारी बारिश के चलते प्रदेश से निकलने वाले कई हाईवे और स्टेट हाईवे बंद हो गए हैं। लोगों को एक शहर से दूसरे शहर में जाने के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह तो ये हालात हैं कि कई दिनों से रास्ते बंद हैं। विदिशा-गैरतगंज मार्ग को पुल पर पानी आ जाने की वजह से बंद करना पड़ा है। जबकि बेतवा के उफान से विदिशा-रायसेन मार्ग पिछले 7 दिन से बंद है। ऐसे और कई रास्ते हैं जहां इस तरही की समस्या ले लोग गुजर रहे हैं।
55
भोपाल 146.4, में मिलीमीटर, जबलपुर 75.2 में मिलीमीटर, 146.4 विदिशा में 178.5 मिलीमीटर, होशंगाबाद में 88.4, मिलीमीटर, उज्जैन में 46.0 मिलीमीटर, मंडला में 61.4, मिलीमीटर, शाजापुर में 47.0 मिलीमीटर, होशंगाबाद में 88.4 मिलीमीटर, पचमढ़ी में 71.6 मिलिमीटर, छिंदवाड़ा में 81.0 मिलिमीटर, नरसिंहपुर में 92.0 मिलीमीटर, टिमरनी में 247.8 मिलीमीटर, उमरिया में, 20.3 मिलीमटर, धार 37.5 में मिलीमीटर, खरगौन में 35.6 मिलीमीटर, सिवनी में 313.4 मिलीमीटर, सागर में 108.6. मिलीमीटर और रायसेन में 131.6 मिलिमीटर दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।
Latest Videos